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शहर की सड़कों पर छूट्टा पशुओं की धमाचौकडी से हो रही दुर्घटनाएं

Thu, 13 Sep 2018 12:26 AM IST
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:26 AM IST
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शहर की सड़कों पर छूट्टा पशुओं की धमाचौकडी से हो रही दुर्घटनाएं
छुट्टा पशुओं ने बढ़ाई मुसीबत
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फोटो
फसलों की रखवाली के लिए रात भर जागने को मजबूर हैं किसान
छुट्टा पशुओं से मुक्ति दिलाने को ठोस योजना नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में हाईवे हो या शहर-गांव की गलियां छुट्टा पशुओं से लोग परेशान हैं। सड़कों पर छुट्टा पशुओं के विचरण से आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं, लेकिन इसके बाद भी इनसे मुक्ति के लिए ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है। बीते 15 दिन में करीब पांच लोग छुट्टा पशुओं से टकराकर घायल हो चुके हैं। छुट्टा पशु अचानक लड़ते हुए वाहन के सामने आ जाते हैं। किसान भी परेशान भी इनसे परेशान हैं। समूह में खेतों में पहुचंकर फसल को बर्बाद कर देते हैं। हालत यह है कि किसान रातभर जगकर फसल की रखवाली करने को विवश हैं।

नगर क्षेत्र में फरेंदा, कॉलेज व गोरखपुर रोड पर अक्सर छुट्टा पशु परेशानी उत्पन्न करते हैं। पशु लड़ते-लड़ते अचानक सड़क के बीच में आ जाते हैं। पिपरदेउरा के संदीप प्रजापति ने बताया कि बाइक से आने के दौरान अचानक छुट्टा पशु सामने आ गया। इससे बाइक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। बाइक की रफ्तार धीमी होने के कारण हल्की चोट लगी। राजीव नगर के दुर्गादत्त पांडेय ने बताया कि सोमवार को कॉलेज रोड के पास छुट्टा पशु की टक्कर से घायल हो गए। रजनीश, सुरेश, लोकेश भी छुट्टा पशुओं की वजह से बाइक से गिरकर घायल हो चुके हैं। यही हाल नौतनवां शहर का है। यहां शहर की सड़कों पर आराम से छुट्टा पशु विचरण करते हैं। साथ रेलवे स्टेशन पर भी विचरण करते छुट्टा पशु यात्रियों को नुकसान पहुंचाते हैं। जंगल किनारे बसे गांवों के किसान परेशान हैं। किसान रामनरेश, सुदामा, विश्वनाथ आदि ने बताया कि छुट्टा पशु फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि जिले 1 लाख 61 हजार मवेशी हैं। इनमें छुट्टा पशु भी शामिल हैं। बृहद पशु आश्रय गृह के लिए जमीन की व्यवस्था चकदह गांव में हो चुकी है। 50 लाख की धनराशि भी शासन से प्राप्त हुई है। शासन को जमीन की प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद निर्माण शुरू हो गया है। वहीं मधवलिया गोदसदन में करीब 400 पशु रखे गए हैं।
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