{"_id":"658b241db9f22c9462017ea7","slug":"17-thousand-malnourished-children-still-eight-beds-vacant-in-nutrition-rehabilitation-center-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-12508-2023-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: 17 हजार कुपोषित बच्चे फिर भी पोषण पुर्नवास केंद्र में आठ बेड खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: 17 हजार कुपोषित बच्चे फिर भी पोषण पुर्नवास केंद्र में आठ बेड खाली
Wed, 27 Dec 2023 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 27 Dec 2023 12:36 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। जिला अस्पताल में पोषण पुर्नवास केंद्र बना है, जिससे कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाया जाता है। कर्मियों की उदासीनता के कारण आठ बेड कई दिन से खाली हैं। 10 बेड के केंद्र में वर्तमान में दो बच्चे भर्ती हैं। जबकि जिले में 17000 बच्चे कुपोषित हैं। उनको यहां भर्ती कराने में कर्मी रूचि नहीं ले रहे हैं।
जिला कार्यक्रम विभाग के आकड़ों पर गौर किया जाए तो लगभग 17316 कुपोषित मैम और 6520 अतिकुपोषित बच्चे हैं, लेकिन इन्हें सुपोषित बनाने की गति काफी धीमी चल रही है। क्योंकि, इन बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पूनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। जहां दलिया, खीर सहित अन्य पौष्टिक आहार के माध्यम और जरूरी दवाओं के माध्यम से सुपोषित किया जाता है, लेकिन यहां तो 18 दिसंबर से ही आठ बेड खाली है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि ओपीडी में आने वाले बच्चों की जांच की जाती है, अगर कुपोषित बच्चे मिलते हैं तो उन्हें भर्ती कराया जाता है। संबंधित विभाग के अधिकारी से वार्ता भी की जा रही है, जिससे कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जा सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने कहा कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया गया है।
भर्ती हैं केवल दो आठ बेड खाली
निचलौल ब्लाक के आयांस और पनियारा ब्लाक के कार्तिक का उपचार पोषण पुर्नवास केंद्र में चल रहा है। कार्तिक की बृहस्पतिवार को छुट्टी हो जाएगी। ऐसे में यहां खाली बेड की संख्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
भर्ती होने वाले मरीजों पर एक नजर
जनवारी माह में पोषण पुर्नवास केंद्र में कुल पांच बच्चे भर्ती हुए हैं। वहीं फरवरी में 10, मार्च में 15, अप्रैल में 17, मई में 19, जून 18, जुलाई 18, अगस्त 18 सितंबर में 26, अक्तूबर में 15 नवंबर में आठ और दिसंबर माह में अबतक केवल 6 बच्चे भर्ती हुए हैं।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम विभाग के आकड़ों पर गौर किया जाए तो लगभग 17316 कुपोषित मैम और 6520 अतिकुपोषित बच्चे हैं, लेकिन इन्हें सुपोषित बनाने की गति काफी धीमी चल रही है। क्योंकि, इन बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पूनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। जहां दलिया, खीर सहित अन्य पौष्टिक आहार के माध्यम और जरूरी दवाओं के माध्यम से सुपोषित किया जाता है, लेकिन यहां तो 18 दिसंबर से ही आठ बेड खाली है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि ओपीडी में आने वाले बच्चों की जांच की जाती है, अगर कुपोषित बच्चे मिलते हैं तो उन्हें भर्ती कराया जाता है। संबंधित विभाग के अधिकारी से वार्ता भी की जा रही है, जिससे कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जा सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने कहा कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
भर्ती हैं केवल दो आठ बेड खाली
निचलौल ब्लाक के आयांस और पनियारा ब्लाक के कार्तिक का उपचार पोषण पुर्नवास केंद्र में चल रहा है। कार्तिक की बृहस्पतिवार को छुट्टी हो जाएगी। ऐसे में यहां खाली बेड की संख्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
भर्ती होने वाले मरीजों पर एक नजर
जनवारी माह में पोषण पुर्नवास केंद्र में कुल पांच बच्चे भर्ती हुए हैं। वहीं फरवरी में 10, मार्च में 15, अप्रैल में 17, मई में 19, जून 18, जुलाई 18, अगस्त 18 सितंबर में 26, अक्तूबर में 15 नवंबर में आठ और दिसंबर माह में अबतक केवल 6 बच्चे भर्ती हुए हैं।