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निशक्तजन को मिलेगा यूडीआई कार्ड
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निशक्तजनों को मिलेगा यूडीआई कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले के सभी निशक्तजनों के लिए अच्छी खबर है। अभी तक निशक्त प्रमाणपत्र राज्य स्तर पर पहचान दिलाता था, अब उसका अपडेट वर्जन राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाएगा। अब जहां भी निशक्त प्रमाण पत्र लगाने की जरूरत होगी, वहां उसके साथ आधार और पहचान पत्र जैसे अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। निशक्तजनों को अब यूडीआई (यूनिवर्सल डिसबिलिटी आईडेंटिटी) कार्ड दिए जा रहे हैं।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी रत्नेश सिंह ने बताया कि यूडीआई कार्ड के लिए किसी भी साइबर कैफे अथवा जन सेवा केंद्र से सरकार के स्वावलंबन पोर्टल पर संबंधित निशक्त को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद निशक्त कल्याण विभाग और सीएमओ कार्यालय से रिपोर्ट लगकर कार्ड सीधे आवेदनकर्ता के पते पर पहुंचेगा। किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए निशक्तजनों को कई तरह के दस्तावेज साथ में लगाने पड़ते थे। अब इनकी जरूरत नहीं होगी। विशिष्ट निशक्त पहचान पत्र यानि यूडीआई कार्ड बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीण स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान हो सकेगी। यूडीआई कार्ड को सीएमओ के सत्यापन के बाद वेबसाइट पर डाउनलोड किया जा सकेगा। जिले में पात्र निशक्तजनों को योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए निशक्तजनों को स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले के सभी निशक्तजनों के लिए अच्छी खबर है। अभी तक निशक्त प्रमाणपत्र राज्य स्तर पर पहचान दिलाता था, अब उसका अपडेट वर्जन राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाएगा। अब जहां भी निशक्त प्रमाण पत्र लगाने की जरूरत होगी, वहां उसके साथ आधार और पहचान पत्र जैसे अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। निशक्तजनों को अब यूडीआई (यूनिवर्सल डिसबिलिटी आईडेंटिटी) कार्ड दिए जा रहे हैं।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी रत्नेश सिंह ने बताया कि यूडीआई कार्ड के लिए किसी भी साइबर कैफे अथवा जन सेवा केंद्र से सरकार के स्वावलंबन पोर्टल पर संबंधित निशक्त को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद निशक्त कल्याण विभाग और सीएमओ कार्यालय से रिपोर्ट लगकर कार्ड सीधे आवेदनकर्ता के पते पर पहुंचेगा। किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए निशक्तजनों को कई तरह के दस्तावेज साथ में लगाने पड़ते थे। अब इनकी जरूरत नहीं होगी। विशिष्ट निशक्त पहचान पत्र यानि यूडीआई कार्ड बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीण स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान हो सकेगी। यूडीआई कार्ड को सीएमओ के सत्यापन के बाद वेबसाइट पर डाउनलोड किया जा सकेगा। जिले में पात्र निशक्तजनों को योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए निशक्तजनों को स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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