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कॉमर्शियल वाहनों को अब नहीं देना होगा फिटनेस पर जुर्माना
Mon, 10 Jun 2019 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 11:42 PM IST
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महराजगंज। कॉमर्शियल वाहनों के फिटनेस में विलंब होने पर लगने वाला जुर्माना अब वाहन मालिकों को नहीं चुकाना होगा। इसी तरह, ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण वाले आवेदकों को भी अब कोई विलंब शुल्क नहीं देना होगा। यह दोनों सुविधाएं जिले में भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन व्यावसायिक वाहन मालिकों ने 2017 से अपने वाहनों की फिटनेस नहीं कराई है। यदि अब ऐसे वाहन मालिक फिटनेस कराते है तो उन्हें 49 हजार रुपये का लाभ होगा। पहले के नियमों के अनुसार यह रकम उन्हें पेनाल्टी के तौर पर विभाग को देनी पड़ती थी। यही प्रक्रिया ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी लागू की गई है। व्यावसायिक वाहनों का हर दो साल में एआरटीओ कार्यालय से नियमित फिटनेस कराना होता है। इस दौरान फिटनेस में विलंब होने पर प्रतिमाह 49 रुपये की दर से वाहन मालिकों को जुर्माना देना पड़ता था। यह जुर्माना तब तक बढ़ता रहता था जबतक वाहन स्वामी अपने वाहनों का फिटनेस नहीं करा लेते थे। फिटनेस शुल्क न्यूनतम छह सौ रुपये से लेकर अधिकतम 1400 रुपये तक पड़ता है। देर होने पर इस रकम के साथ जितने माह की देरी होती थी उसी पर जुर्माना लगता था। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की अंतिम तिथि समाप्त हो जाने पर उसके नवीनीकरण में विलंब होने पर एक हजार रुपये प्रतिवर्ष पेनाल्टी के तौर पर आरटीओ कार्यालय में जमा करना पड़ता था। अब इससे स्थायी राहत मिल गई है। एआरटीओ दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार जिले में करीब 1114 कॉमर्शियल वाहनों का फिटनेस जमा नहीं है। वहीं, करीब 977 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस का नवीकरण नहीं कराया है।
एआरटीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक दिनेश तिवारी ने बताया कि वाहनों में फिटनेस में देरी होने पर पेनाल्टी का प्रावधान वर्ष 2017 से लागू था। लेकिन अब यह नियम खत्म कर दिया गया है। जिन व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस नहीं कराई गई हैं वह अब फिटनेस कराते है तो उन्हें 49 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। पहले के नियम के अनुसार यह रकम वाहन स्वामियों को पेनाल्टी के रूप में विभाग में जमा करना पड़ता था। यहीं प्रक्रिया ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के साथ है।
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विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन व्यावसायिक वाहन मालिकों ने 2017 से अपने वाहनों की फिटनेस नहीं कराई है। यदि अब ऐसे वाहन मालिक फिटनेस कराते है तो उन्हें 49 हजार रुपये का लाभ होगा। पहले के नियमों के अनुसार यह रकम उन्हें पेनाल्टी के तौर पर विभाग को देनी पड़ती थी। यही प्रक्रिया ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी लागू की गई है। व्यावसायिक वाहनों का हर दो साल में एआरटीओ कार्यालय से नियमित फिटनेस कराना होता है। इस दौरान फिटनेस में विलंब होने पर प्रतिमाह 49 रुपये की दर से वाहन मालिकों को जुर्माना देना पड़ता था। यह जुर्माना तब तक बढ़ता रहता था जबतक वाहन स्वामी अपने वाहनों का फिटनेस नहीं करा लेते थे। फिटनेस शुल्क न्यूनतम छह सौ रुपये से लेकर अधिकतम 1400 रुपये तक पड़ता है। देर होने पर इस रकम के साथ जितने माह की देरी होती थी उसी पर जुर्माना लगता था। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की अंतिम तिथि समाप्त हो जाने पर उसके नवीनीकरण में विलंब होने पर एक हजार रुपये प्रतिवर्ष पेनाल्टी के तौर पर आरटीओ कार्यालय में जमा करना पड़ता था। अब इससे स्थायी राहत मिल गई है। एआरटीओ दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार जिले में करीब 1114 कॉमर्शियल वाहनों का फिटनेस जमा नहीं है। वहीं, करीब 977 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस का नवीकरण नहीं कराया है।
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एआरटीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक दिनेश तिवारी ने बताया कि वाहनों में फिटनेस में देरी होने पर पेनाल्टी का प्रावधान वर्ष 2017 से लागू था। लेकिन अब यह नियम खत्म कर दिया गया है। जिन व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस नहीं कराई गई हैं वह अब फिटनेस कराते है तो उन्हें 49 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। पहले के नियम के अनुसार यह रकम वाहन स्वामियों को पेनाल्टी के रूप में विभाग में जमा करना पड़ता था। यहीं प्रक्रिया ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के साथ है।
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