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रात में उतरी चौक जंगल में छोड़ा गया तेंदुआ
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रात में उत्तरी चौक जंगल में छोड़ा गया तेंदुआ
करीब आधे तक पिंजड़े से बाहर ही नहीं निकला
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के क्रम में सोमवार को रात करीब 12.30 बजे तेंदुए को सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया। तेंदुए को जब जंगल में छोड़ने के लिए पिंजड़े का गेट खोला गया तो वह करीब आधे घंटे तक उसी में बैठा ही रहा। पिंजड़े से वह बाहर नहीं निकल रहा था। वनकर्मियों ने किसी तरह सावधानीपूर्वक उसे पिंजड़े से बाहर निकाला तो वह जंगल में भाग गया।
कजरी गांव के पास रोहिन नदी के किनारे झाड़ी व फंदे में फंसे तेंदुए को दिन भर की कड़ी मशक्कत के बाद सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों ने रविवार की रात करीब 11 बजे बाहर निकाला था। उसके बाद सतर्कता पूर्वक उसे लक्ष्मीपुर रेंज परिसर लाया गया। फंदे में फंसे तेंदुए की स्थिति देख प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने न केवल इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी बल्कि लखनऊ चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉक्टर उत्कर्ष व दुधवा टाइगर रिजर्व फारेस्ट के चिकित्सक दयाशंकर से संपर्क साधा तथा आवश्यक टिप्स भी लिए।
डीएफओ ने फंदे में फंसे तेंदुए के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व फारेस्ट के चिकित्सक डॉक्टर दयाशंकर को महराजगंज बुला भी लिया। डीएफओ सोमवार को चिकित्सक के साथ लक्ष्मीपुर रेंज कार्यालय पहुंचे। चिकित्सक एवं डीएफओ ने तेंदुए को देखा। सबसे पहले उसका फंदा काटा व मेेडिकल परीक्षण किया। चिकित्सक ने मेडिकल रिपोर्ट में तेंदुए को स्वस्थ बताया। इसके बाद डीएफओ ने तेंदुए को जंगल में छोड़ने के लिए मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव पूर्वी वृत्त गोंडा को पत्र भेजा। उन्होंने अन्य उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की और तेंदुए को जंगल में छोड़वाने के संबंध में अनुमति ली। उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के क्रम में डीएफओ सोमवार की रात करीब दस बजे लक्ष्मीपुर रेंज पहुंचे तथा तेंदुए को उत्तरी चौक रेंज में ले जाने की तैयारी में जुट गए।
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डीएफओ पिंजड़े सहित तेंदुए को लेकर करीब पौने बारह बजे उत्तरी चौक रेंज पहुंचे। तेंदुए को जंगल में छोड़ने के लिए जब पिंजड़े का गेट खोला गया तब भी तेंदुआ पिंजड़े में ही बैठा रहा। बाद में किसी तरह तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश की गई तो वह करीब 12.30 बजे रात को पिंजड़े से निकल कर जंगल की तरफ भाग गया।
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करीब आधे तक पिंजड़े से बाहर ही नहीं निकला
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के क्रम में सोमवार को रात करीब 12.30 बजे तेंदुए को सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया। तेंदुए को जब जंगल में छोड़ने के लिए पिंजड़े का गेट खोला गया तो वह करीब आधे घंटे तक उसी में बैठा ही रहा। पिंजड़े से वह बाहर नहीं निकल रहा था। वनकर्मियों ने किसी तरह सावधानीपूर्वक उसे पिंजड़े से बाहर निकाला तो वह जंगल में भाग गया।
कजरी गांव के पास रोहिन नदी के किनारे झाड़ी व फंदे में फंसे तेंदुए को दिन भर की कड़ी मशक्कत के बाद सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों ने रविवार की रात करीब 11 बजे बाहर निकाला था। उसके बाद सतर्कता पूर्वक उसे लक्ष्मीपुर रेंज परिसर लाया गया। फंदे में फंसे तेंदुए की स्थिति देख प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने न केवल इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी बल्कि लखनऊ चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉक्टर उत्कर्ष व दुधवा टाइगर रिजर्व फारेस्ट के चिकित्सक दयाशंकर से संपर्क साधा तथा आवश्यक टिप्स भी लिए।
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डीएफओ ने फंदे में फंसे तेंदुए के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व फारेस्ट के चिकित्सक डॉक्टर दयाशंकर को महराजगंज बुला भी लिया। डीएफओ सोमवार को चिकित्सक के साथ लक्ष्मीपुर रेंज कार्यालय पहुंचे। चिकित्सक एवं डीएफओ ने तेंदुए को देखा। सबसे पहले उसका फंदा काटा व मेेडिकल परीक्षण किया। चिकित्सक ने मेडिकल रिपोर्ट में तेंदुए को स्वस्थ बताया। इसके बाद डीएफओ ने तेंदुए को जंगल में छोड़ने के लिए मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव पूर्वी वृत्त गोंडा को पत्र भेजा। उन्होंने अन्य उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की और तेंदुए को जंगल में छोड़वाने के संबंध में अनुमति ली। उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के क्रम में डीएफओ सोमवार की रात करीब दस बजे लक्ष्मीपुर रेंज पहुंचे तथा तेंदुए को उत्तरी चौक रेंज में ले जाने की तैयारी में जुट गए।
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डीएफओ पिंजड़े सहित तेंदुए को लेकर करीब पौने बारह बजे उत्तरी चौक रेंज पहुंचे। तेंदुए को जंगल में छोड़ने के लिए जब पिंजड़े का गेट खोला गया तब भी तेंदुआ पिंजड़े में ही बैठा रहा। बाद में किसी तरह तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश की गई तो वह करीब 12.30 बजे रात को पिंजड़े से निकल कर जंगल की तरफ भाग गया।