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सचिव ने किया जिला जेल का निरीक्षण, सुने बन्दियों की समस्या
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:26 AM IST
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सचिव ने किया जेल का निरीक्षण, सुनीं बंदियो की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशोर ने बुधवार को जिला जेल का निरीक्षण किया तथा बंदियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बंदियों से कहा कि अगर किसी बंदी को निशुल्क अधिवक्ता की जरूरत हो तो वह प्राधिकरण में आवेदन भेजवा सकते हैं।
सचिव ने जिला जेल में स्थापित लीगल एंड क्लीनिक के निरीक्षण के दौरान स्वयं सेवक के रूप में नामित बंदियों से कहा कि जिस बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो वे उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं। उनका प्रार्थना पत्र अधीक्षक के माध्यम से प्राधिकरण को प्रेषित करें। निरीक्षण के दौरान बंदी रज्जाक ने बताया कि उसके सीने में रह-रहकर दर्द हो रहा है। ब्लड प्रेशर भी बढ़ा है । कुछ बंदियों ने कहा कि इस समय मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस पर सचिव ने जेल अधीक्षक से कहा कि वह इस संबंध में उचित कार्रवाई करें। सचिव ने कहा कि जिस बंदी को प्राइवेट अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, उसे नियमानुसार प्राधिकरण की तरफ से निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बंदी को जेल अधीक्षक के माध्यम से आवेदन पत्र देना होगा। निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक एके सिंह, जेलर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी जेलर पीके सिंह व नयन कमल उपस्थित मिले।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशोर ने बुधवार को जिला जेल का निरीक्षण किया तथा बंदियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बंदियों से कहा कि अगर किसी बंदी को निशुल्क अधिवक्ता की जरूरत हो तो वह प्राधिकरण में आवेदन भेजवा सकते हैं।
सचिव ने जिला जेल में स्थापित लीगल एंड क्लीनिक के निरीक्षण के दौरान स्वयं सेवक के रूप में नामित बंदियों से कहा कि जिस बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो वे उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं। उनका प्रार्थना पत्र अधीक्षक के माध्यम से प्राधिकरण को प्रेषित करें। निरीक्षण के दौरान बंदी रज्जाक ने बताया कि उसके सीने में रह-रहकर दर्द हो रहा है। ब्लड प्रेशर भी बढ़ा है । कुछ बंदियों ने कहा कि इस समय मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस पर सचिव ने जेल अधीक्षक से कहा कि वह इस संबंध में उचित कार्रवाई करें। सचिव ने कहा कि जिस बंदी को प्राइवेट अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, उसे नियमानुसार प्राधिकरण की तरफ से निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बंदी को जेल अधीक्षक के माध्यम से आवेदन पत्र देना होगा। निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक एके सिंह, जेलर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी जेलर पीके सिंह व नयन कमल उपस्थित मिले।
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