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पांच कमरों का मकान देख भड़क उठे जेडीसी
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:08 AM IST
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मानक से बड़ा पीएम आवास देख जेडीसी ने जताई नाराजगी
शौचालय निर्माण की प्रगति के बारे में भी ली जानकारी
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
लक्ष्मीपुर। प्रधानमंत्री आवास के प्रस्तावित सूची में अपात्रों की लंबी सूची को लेकर आवास की हकीकत जानने बृहस्पतिवार को लक्ष्मीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गौहरपुर व रानीपुर पहुंचे जेडीसी (संयुक्त विकास आयुक्त) को मातहतों ने महज एक दो आवास वाले मजरों का निरीक्षण कराया। वहीं मानक से बहुत बड़ा बने आवास को देखते ही जेडीसी ने नाराजगी जताई
विकास खंड लक्ष्मीपुर के ग्राम पंचायत गौहरपुर आवास के प्रस्तावित सूची की जांच करने जेडीसी आरसी पांडेय व पीडी आरके पाल मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण गांव में हुए आवास निर्माण में धन उगाही का आरोप लगाया। ग्राम पंचायत रानीपुर में 93 को अपात्र किया गया है। जबकि 39 निर्मित प्रधानमंत्री आवास से गुड़िया पत्नी महेंद्र व दुलारी पत्नी जनार्दन का आवास मानक से बहुत बड़ा बना देखते ही जेडीसी नाराज हो गए। इसके बाद मातहतों की ओर से तमाम दलीलें दी जाने लगंी। फिलहाल जेडीसी ने किसी भी दशा में आवास पात्रों को ही देने की हिदायत देते हुए शौचालय निर्माण भी कराने का निर्देश दिया। इस दौरान बीडीओ गिरिजा पांडेय, एपीओ सुनील तिवारी, सचिव कृष्ण मोहन वर्मा, सुरेश कुमार, आशीष सिंह, राम मदन मौर्य आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में निचलौल क्षेत्र के कुछ गांवों का जेडीसी ने निरीक्षण कर आवास एवं शौचालय निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
साहब : आखिर हमें कब मिलेगा आवास
लक्ष्मीपुर। विकास खंड लक्ष्मीपकुर के ग्राम पंचायत गौहरपुर व रानीपुर में जहां एक तरफ जेडीसी आरसी पांडेय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जआवास के निर्माण व पात्रता व अपात्रता की जांच किया जा रहा था। जिस क्रम में मातहतों द्वारा सभी को आवास दे दिए जाने का दावा किया जा रहा था। वहीं गांव में अभिराजी, केवली, ललावती समेत दर्जनों महिलाएं अपनी अपनी टूटी झोपड़ी दिखाते हुए साहब से आवास दिलाने की गुहार करती रही। उनका कहना रहा कि केवल ग्राम प्रधान द्वारा केवल पैसा देने वालों को ही आवास दिया जाता है। लिहाजा वह टूटी झोपड़ी में ही गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। इस बाबत जेडीसी आरसी पांडेय ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी का अपना घर हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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शौचालय निर्माण की प्रगति के बारे में भी ली जानकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
लक्ष्मीपुर। प्रधानमंत्री आवास के प्रस्तावित सूची में अपात्रों की लंबी सूची को लेकर आवास की हकीकत जानने बृहस्पतिवार को लक्ष्मीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गौहरपुर व रानीपुर पहुंचे जेडीसी (संयुक्त विकास आयुक्त) को मातहतों ने महज एक दो आवास वाले मजरों का निरीक्षण कराया। वहीं मानक से बहुत बड़ा बने आवास को देखते ही जेडीसी ने नाराजगी जताई
विकास खंड लक्ष्मीपुर के ग्राम पंचायत गौहरपुर आवास के प्रस्तावित सूची की जांच करने जेडीसी आरसी पांडेय व पीडी आरके पाल मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण गांव में हुए आवास निर्माण में धन उगाही का आरोप लगाया। ग्राम पंचायत रानीपुर में 93 को अपात्र किया गया है। जबकि 39 निर्मित प्रधानमंत्री आवास से गुड़िया पत्नी महेंद्र व दुलारी पत्नी जनार्दन का आवास मानक से बहुत बड़ा बना देखते ही जेडीसी नाराज हो गए। इसके बाद मातहतों की ओर से तमाम दलीलें दी जाने लगंी। फिलहाल जेडीसी ने किसी भी दशा में आवास पात्रों को ही देने की हिदायत देते हुए शौचालय निर्माण भी कराने का निर्देश दिया। इस दौरान बीडीओ गिरिजा पांडेय, एपीओ सुनील तिवारी, सचिव कृष्ण मोहन वर्मा, सुरेश कुमार, आशीष सिंह, राम मदन मौर्य आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में निचलौल क्षेत्र के कुछ गांवों का जेडीसी ने निरीक्षण कर आवास एवं शौचालय निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
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साहब : आखिर हमें कब मिलेगा आवास
लक्ष्मीपुर। विकास खंड लक्ष्मीपकुर के ग्राम पंचायत गौहरपुर व रानीपुर में जहां एक तरफ जेडीसी आरसी पांडेय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जआवास के निर्माण व पात्रता व अपात्रता की जांच किया जा रहा था। जिस क्रम में मातहतों द्वारा सभी को आवास दे दिए जाने का दावा किया जा रहा था। वहीं गांव में अभिराजी, केवली, ललावती समेत दर्जनों महिलाएं अपनी अपनी टूटी झोपड़ी दिखाते हुए साहब से आवास दिलाने की गुहार करती रही। उनका कहना रहा कि केवल ग्राम प्रधान द्वारा केवल पैसा देने वालों को ही आवास दिया जाता है। लिहाजा वह टूटी झोपड़ी में ही गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। इस बाबत जेडीसी आरसी पांडेय ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी का अपना घर हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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