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मानसिक बीमारी के चलते युवक ने लगाई फांसी, मौत
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युवक ने लगाई फांसी, मौत
ललितपुर। थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम उत्तमधाना निवासी एक युवक ने मानसिक बीमारी से तंग आकर आम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। युुवक को दो वर्षों से ग्वालियर में इलाज चल रहा था। ग्राम उत्तमधाना निवासी गुलाम फारुख (26) पुत्र निजाम खां दो वर्षों से मानसिक रूप से बीमार था और उसका इलाज ग्वालियर में चल रहा था। मंगलवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह गांव में ही अपने चचेरे भाई के खेत पर गया और वहां बच्चों के लिए आम तोड़ने लगा और उसी दौरान उसने आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटककर फांसी लगा ली। यह देख उसका पुत्र नौशम गांव में भागा और परिजनों को बताया कि पापा फांसी लगा रहे हैं। यह सुनकर परिजन भी मौके पर भागे, लेकिन तब तक गुलाम फारुख की फांसी के फंदे पर लटकने से मौत हो चुकी थी। यह देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने जानकारी जाखलौन पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की जानकारी देते हुए मृतक के बड़े अब्बा अब्दुल रहीम ने बताया कि गुलाम फारुख मानसिक रुप से बीमार चल रहा था और उसका दो वर्षों से ग्वालियर में इलाज चल रहा था। वह मजदूरी करता था और मृतक के चार बच्चे, जिनमें तीन पुत्र और एक पुत्री हैं।
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ललितपुर। थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम उत्तमधाना निवासी एक युवक ने मानसिक बीमारी से तंग आकर आम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। युुवक को दो वर्षों से ग्वालियर में इलाज चल रहा था। ग्राम उत्तमधाना निवासी गुलाम फारुख (26) पुत्र निजाम खां दो वर्षों से मानसिक रूप से बीमार था और उसका इलाज ग्वालियर में चल रहा था। मंगलवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह गांव में ही अपने चचेरे भाई के खेत पर गया और वहां बच्चों के लिए आम तोड़ने लगा और उसी दौरान उसने आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटककर फांसी लगा ली। यह देख उसका पुत्र नौशम गांव में भागा और परिजनों को बताया कि पापा फांसी लगा रहे हैं। यह सुनकर परिजन भी मौके पर भागे, लेकिन तब तक गुलाम फारुख की फांसी के फंदे पर लटकने से मौत हो चुकी थी। यह देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने जानकारी जाखलौन पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की जानकारी देते हुए मृतक के बड़े अब्बा अब्दुल रहीम ने बताया कि गुलाम फारुख मानसिक रुप से बीमार चल रहा था और उसका दो वर्षों से ग्वालियर में इलाज चल रहा था। वह मजदूरी करता था और मृतक के चार बच्चे, जिनमें तीन पुत्र और एक पुत्री हैं।
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