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दुबई में एमपी का निवेश अभियान: AI से डिफेंस और फूड प्रोसेसिंग तक ग्लोबल निवेशकों को सीएम मोहन का न्योता
Mon, 07 Sep 2026 08:11 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 07 Sep 2026 08:11 PM IST
सार
दुबई में मध्यप्रदेश ने निवेश के लिए अपनी नई तस्वीर दुनिया के सामने रखी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एआई, डेटा सेंटर, डिफेंस से लेकर फार्मा और फूड प्रोसेसिंग तक के सेक्टर गिनाते हुए वैश्विक कंपनियों को प्रदेश में निवेश का न्योता दिया। दुबई को खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रवेश द्वार बताते हुए सरकार ने जमीन, बिजली, पानी और कनेक्टिविटी के साथ नई औद्योगिक नीतियों को निवेशकों के सामने प्रदेश की ताकत के रूप में पेश किया।
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सीएम मोहन यादव दुबई में बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश अब देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच भी अपनी जगह बनाने की कोशिश तेज कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के दुबई दौरे के दूसरे दिन प्रदेश के निवेश अवसरों को वैश्विक मंच पर रखा गया। दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया और कहा कि राज्य में उद्योग लगाने वालों को सरकार हर स्तर पर सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी ताकत के रूप में उसकी भौगोलिक स्थिति, जमीन, बिजली, पानी, कनेक्टिविटी और उद्योगों के लिए बनाई गई नई नीतियों को रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब पारंपरिक उद्योगों के साथ एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन, डिफेंस, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों पर भी जोर दिया जा रहा है।
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निवेशकों को बताया- प्रदेश में क्या मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश के पास औद्योगिक भूमि और लैंड बैंक है। बिजली और पानी की उपलब्धता के साथ ग्रीन एनर्जी पर भी काम तेजी से हो रहा है। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क के अलावा हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उद्योग लगाने के दौरान अनुमति और दूसरी प्रक्रियाओं में सरकार सहयोग करेगी। उनका कहना था कि निवेश प्रस्ताव सिर्फ सरकारी दफ्तरों में फाइल बनकर न रहें, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने पर जोर है।
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इथियोपिया के राष्ट्रपति से निवेश पर चर्चा
दुबई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। बातचीत में मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इथियोपिया के उद्योग और व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को सहयोग के संभावित क्षेत्र बताया गया। साथ ही राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में आने का निमंत्रण दिया गया।
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रस-अल-खैमा के शासक से भी हुई मुलाकात
मुख्यमंत्री ने यूएई की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से भी मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच औद्योगिक और कारोबारी सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई। सिरेमिक और निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा को संभावित सहयोग वाले क्षेत्र के तौर पर सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने वहां की कंपनियों को भी मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया।
अरब देशों के निवेशकों से भी संपर्क
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। इस दौरान निवेश, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। अरब देशों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
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एआई और डेटा से लेकर डिफेंस तक नए सेक्टर
मध्यप्रदेश अब निवेश के लिए सिर्फ पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। सरकार ने एआई, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की तैयारी की है। रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
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चार नए एयरपोर्ट की तैयारी
निवेश और कारोबार को बढ़ाने के लिए एयर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा प्रदेश में चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर को भी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
दुबई को खाड़ी के बाजार का प्रवेश द्वार बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुबई सिर्फ एक निवेश बाजार नहीं, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंच का बड़ा माध्यम है। ऐसे में मध्यप्रदेश अपनी उत्पादन क्षमता को इन बाजारों से जोड़ना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है स्थानीय संसाधनों को उद्योग से जोड़ना, उद्योग से निवेश बढ़ाना और निवेश के जरिए रोजगार पैदा करना। दुबई में हुई बैठकों और प्रदर्शनियों के जरिए अब सरकार इसी मॉडल को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखने में जुटी है।
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निवेशकों को बताया- प्रदेश में क्या मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश के पास औद्योगिक भूमि और लैंड बैंक है। बिजली और पानी की उपलब्धता के साथ ग्रीन एनर्जी पर भी काम तेजी से हो रहा है। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क के अलावा हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उद्योग लगाने के दौरान अनुमति और दूसरी प्रक्रियाओं में सरकार सहयोग करेगी। उनका कहना था कि निवेश प्रस्ताव सिर्फ सरकारी दफ्तरों में फाइल बनकर न रहें, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने पर जोर है।
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इथियोपिया के राष्ट्रपति से निवेश पर चर्चा
दुबई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। बातचीत में मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इथियोपिया के उद्योग और व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को सहयोग के संभावित क्षेत्र बताया गया। साथ ही राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में आने का निमंत्रण दिया गया।
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रस-अल-खैमा के शासक से भी हुई मुलाकात
मुख्यमंत्री ने यूएई की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से भी मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच औद्योगिक और कारोबारी सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई। सिरेमिक और निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा को संभावित सहयोग वाले क्षेत्र के तौर पर सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने वहां की कंपनियों को भी मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया।
अरब देशों के निवेशकों से भी संपर्क
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। इस दौरान निवेश, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। अरब देशों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
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एआई और डेटा से लेकर डिफेंस तक नए सेक्टर
मध्यप्रदेश अब निवेश के लिए सिर्फ पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। सरकार ने एआई, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की तैयारी की है। रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
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चार नए एयरपोर्ट की तैयारी
निवेश और कारोबार को बढ़ाने के लिए एयर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा प्रदेश में चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर को भी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
दुबई को खाड़ी के बाजार का प्रवेश द्वार बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुबई सिर्फ एक निवेश बाजार नहीं, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंच का बड़ा माध्यम है। ऐसे में मध्यप्रदेश अपनी उत्पादन क्षमता को इन बाजारों से जोड़ना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है स्थानीय संसाधनों को उद्योग से जोड़ना, उद्योग से निवेश बढ़ाना और निवेश के जरिए रोजगार पैदा करना। दुबई में हुई बैठकों और प्रदर्शनियों के जरिए अब सरकार इसी मॉडल को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखने में जुटी है।
