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Lalitpur News: संपूर्ण समाधान दिवस में युवक ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश
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- जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचा था युवक, भतीजे और पुलिसकर्मियों की सूझबूझ से बची जान
बेटे को फंदे पर लटका देख मां और भाई की बिगड़ी तबीयत, सभी को मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम सिलगन निवासी 20 वर्षीय काशीराम कुशवाहा ने पेड़ पर चढ़कर तौलिये का फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। मौके पर मौजूद उसके भतीजे अखलेश और पुलिसकर्मियों की तत्परता से उसकी जान बच गई। घटना के बाद युवक की मां और बड़े भाई की भी तबीयत बिगड़ गई। तीनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
शनिवार को जिलाधिकारी सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में तहसील सदर परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस चल रहा था। विभिन्न शिकायतों को लेकर फरियादी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे थे। सुबह करीब 11 बजे ग्राम सिलगन निवासी काशीराम कुशवाहा अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ तहसील पहुंचा। इसी दौरान वह अचानक परिसर में खड़े एक पेड़ पर चढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में वह काफी ऊंचाई पर पहुंच गया और तौलिये का फंदा बनाकर उससे लटकने का प्रयास करने लगा। इस दौरान वह अपनी जमीन पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए जोर-जोर से चिल्ला रहा था। घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। काशीराम को फंदे पर लटकता देख उसका भतीजा अखलेश तुरंत पेड़ पर चढ़ गया और उसकी कमर पकड़कर संभाले रखा। सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी पेड़ पर चढ़ गए और फंदा काटकर युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। बेटे की यह हालत देखकर उसकी मां सखीबाई और बड़े भाई रामप्रसाद की भी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
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काशीराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता लक्खी के नाम गांव में 16 डिसमिल भूमि दर्ज है। इस जमीन पर 13 जून से परिवार के ही कुछ लोग कब्जा कर मकान निर्माण कर रहे हैं। उसने बताया कि निर्माण कार्य रुकवाने के लिए वह पिछले एक माह में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी को कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। घटना के बाद जिला और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है
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डीएम पहुंचे तहसील, परिजनों को दिलाया कार्रवाई का भरोसा
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सत्यप्रकाश तहसील सदर पहुंचे। उन्होंने काशीराम की मां, भाई और अन्य परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
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पुरानी आबादी की भूमि को लेकर चल रहा है विवाद
उपजिलाधिकारी सदर हेमंत पटेल ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के सदस्य हैं और उनके मकान पहले से आसपास बने हुए हैं। विवाद पुरानी आबादी की भूमि से संबंधित है। दूसरे पक्ष द्वारा पुराने मकान को गिराकर नया निर्माण कराया जा रहा था, जिस पर पहले पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने बताया कि मामला पुरानी आबादी की भूमि से जुड़ा होने के कारण इसका निस्तारण सिविल न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश न्यायालय ने 23 जून 2026 को पारित किया था, जो 4 जुलाई 2026 तक प्रभावी था। मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को निर्धारित है।
एसडीएम के अनुसार, संपूर्ण समाधान दिवस में मामला संज्ञान में आने के बाद राजस्व टीम को दोबारा मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान वहां कोई निर्माण कार्य होता नहीं मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और शिकायतकर्ता के परिजनों ने भी बताया कि भूमि विवाद को लेकर सिविल न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
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ग्राम सिलगन का एक प्रकरण संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त हुआ था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विपक्षी उनकी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। शिकायत के दौरान काशीराम ने फंदे पर लटकने का प्रयास किया, जो अनुचित था। उसे तत्काल बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया। उसके भाई की तबीयत भी बिगड़ गई थी। दोनों की हालत सामान्य है।
— हेमंत पटेल, उपजिलाधिकारी सदर
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बेटे को फंदे पर लटका देख मां और भाई की बिगड़ी तबीयत, सभी को मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम सिलगन निवासी 20 वर्षीय काशीराम कुशवाहा ने पेड़ पर चढ़कर तौलिये का फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। मौके पर मौजूद उसके भतीजे अखलेश और पुलिसकर्मियों की तत्परता से उसकी जान बच गई। घटना के बाद युवक की मां और बड़े भाई की भी तबीयत बिगड़ गई। तीनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
शनिवार को जिलाधिकारी सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में तहसील सदर परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस चल रहा था। विभिन्न शिकायतों को लेकर फरियादी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे थे। सुबह करीब 11 बजे ग्राम सिलगन निवासी काशीराम कुशवाहा अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ तहसील पहुंचा। इसी दौरान वह अचानक परिसर में खड़े एक पेड़ पर चढ़ गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में वह काफी ऊंचाई पर पहुंच गया और तौलिये का फंदा बनाकर उससे लटकने का प्रयास करने लगा। इस दौरान वह अपनी जमीन पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए जोर-जोर से चिल्ला रहा था। घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। काशीराम को फंदे पर लटकता देख उसका भतीजा अखलेश तुरंत पेड़ पर चढ़ गया और उसकी कमर पकड़कर संभाले रखा। सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी पेड़ पर चढ़ गए और फंदा काटकर युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। बेटे की यह हालत देखकर उसकी मां सखीबाई और बड़े भाई रामप्रसाद की भी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
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काशीराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता लक्खी के नाम गांव में 16 डिसमिल भूमि दर्ज है। इस जमीन पर 13 जून से परिवार के ही कुछ लोग कब्जा कर मकान निर्माण कर रहे हैं। उसने बताया कि निर्माण कार्य रुकवाने के लिए वह पिछले एक माह में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी को कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। घटना के बाद जिला और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है
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डीएम पहुंचे तहसील, परिजनों को दिलाया कार्रवाई का भरोसा
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सत्यप्रकाश तहसील सदर पहुंचे। उन्होंने काशीराम की मां, भाई और अन्य परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
पुरानी आबादी की भूमि को लेकर चल रहा है विवाद
उपजिलाधिकारी सदर हेमंत पटेल ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के सदस्य हैं और उनके मकान पहले से आसपास बने हुए हैं। विवाद पुरानी आबादी की भूमि से संबंधित है। दूसरे पक्ष द्वारा पुराने मकान को गिराकर नया निर्माण कराया जा रहा था, जिस पर पहले पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने बताया कि मामला पुरानी आबादी की भूमि से जुड़ा होने के कारण इसका निस्तारण सिविल न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश न्यायालय ने 23 जून 2026 को पारित किया था, जो 4 जुलाई 2026 तक प्रभावी था। मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को निर्धारित है।
एसडीएम के अनुसार, संपूर्ण समाधान दिवस में मामला संज्ञान में आने के बाद राजस्व टीम को दोबारा मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान वहां कोई निर्माण कार्य होता नहीं मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और शिकायतकर्ता के परिजनों ने भी बताया कि भूमि विवाद को लेकर सिविल न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
ग्राम सिलगन का एक प्रकरण संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त हुआ था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विपक्षी उनकी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। शिकायत के दौरान काशीराम ने फंदे पर लटकने का प्रयास किया, जो अनुचित था। उसे तत्काल बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया। उसके भाई की तबीयत भी बिगड़ गई थी। दोनों की हालत सामान्य है।
— हेमंत पटेल, उपजिलाधिकारी सदर