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लॉकडाउन में जन्मी दस माह की बच्ची को लेकर फिर काम पर लौटी महिला

Thu, 25 Mar 2021 12:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:26 AM IST
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workers family return to work with their lockdown born daughter
मध्य प्रदेश के धार के प्रीतमपुर में ईंट भट्टों के काम पर लौटी राजाबेटी पति व बच्चों के साथ - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। कोरोना काल में बीते वर्ष लगे लॉकडाउन को कुछ लोगों को उनके साथ हुई घटनाओं व महत्वपूर्ण पलों को भुलाया नहीं जा सकता है। ऐसा ही कुछ ललितपुर के ग्राम बरखिरिया निवासी महिला के साथ हुआ, जब बीते वर्ष लॉकडाउन के चलते वह गर्भवती होने के बावजूद अपने पति व तीन बच्चों के साथ मध्य प्रदेश के धार से ललितपुर लौट रही थी, तो साढ़े पांच सौ किलोमीटर चलने के बाद ललितपुर के ग्राम बालाबेहट में पहुंचने पर रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर उसने एक पुत्री को जन्म दिया था। अब वह पुत्री दस माह की हो गई है और महिला व पति अपने चारों बच्चों को लेकर लॉकडाउन जैसी त्रासदी को भूलकर फिर से काम पर लौट गई है।
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ललितपुर के ग्राम बरखिरिया निवासी राजाबेटी और उसका पति पुनू मध्य प्रदेश के धार के पास प्रीतमपुर में ईंटभट्टा पर काम करते हैं। बीते वर्ष कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए जब लॉकडाउन लगाया गया, तो मई माह में गर्भवती महिला राजाबेटी एवं उसका पति पुनू काम ठप होने और जोड़ी गई रकम खत्म होने पर वह अपने तीन बच्चों को लेकर सिर में सामान रखकर पैदल से मध्य प्रदेश के धार प्रीतमपुर से ललितपुर की ओर चल दिए। जब परिवार करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर ललितपुर के ग्राम बालाबेहट तक ही पहुंचा था कि तभी राजाबेटी को प्रसव पीड़ा हुई, जिस पर वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने साड़ी का घेरा बनाया और महिला ने सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद वहां से महिला को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया था। लॉकडाउन से उबरने के बाद अब महिला व उसका पति अपने सभी चारों बच्चों (दस माह की बच्ची समेत) के साथ बीते एक माह पहले फिर से मध्य प्रदेश के धार में ईंट भट्टों पर काम करने को लौट गए हैं।
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पूर्व सीएम ने भेजे थे 1.11 लाख रुपये
महिला ने जब बच्ची को जन्म दिया, तो उसे अस्पताल और वहां से उसे एंबुलेंस से घर पहुंचाया गया तो उसकी पुत्री का नाम लक्ष्मी रखा गया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसकी पुत्री लक्ष्मी के नाम 1.11 लाख रुपये की राशि भेजी थी।
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जब राजाबेटी व उसके पति पुनू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह लॉकउाउन के दौरान उन मुश्किल दिनों को कभी नहीं भूल सकते हैं। वह किसी प्रकार अपनी पत्नी को ढांढस बंधाता रहा और पैदल चलता रहा। उस दौरान दोनों को अपने बच्चों की चिंता सता रही थी। जब बच्ची ने जन्म लिया तो बहुत लाचारी महसूस हो रही थी, लेकिन अब सब ठीक हो गया है और फिर से वह ईंट भट्टों के काम कर रहे हैं।

राजाबेटी की गोद में लॉकडाउन में जन्मी दस माह की बेटी लक्ष्मी।

राजाबेटी की गोद में लॉकडाउन में जन्मी दस माह की बेटी लक्ष्मी।- फोटो : LALITPUR

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