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जिला महिला अस्पताल में शुरू हुआ काम, मरीजों को मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Aug 2016 01:09 AM IST
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ललितपुर। दो दिन से चल रही जिला महिला चिकित्सालय की हड़ताल आखिरकार जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद शुक्रवार दोपहर को खत्म हो गई। डॉक्टरों के काम पर लौटने से मरीजों का उपचार शुरू हो गया है।
शुक्रवार सुबह प्रादेशिक चिकित्सा सेवा संघ जनपद इकाई के बैनर तले जिला अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ डीएम डा रूपेश कुमार को शिकायती पत्र सौंपने गया। डीएम ने जब शिकायती पत्र को पढ़ा, तो उसमें आंदोलन करने की चेतावनी लिखा देख उनका पारा चढ़ गया। डीएम ने चिकित्सकों को फटकार लगाते हुए ईमानदारी से काम करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सीएमएस से अभद्रता करने वालों पर मुकदमा दर्ज हो गया है, पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, अब इससे ज्यादा क्या किया जा सकता है। महिला अस्पताल में आखिर क्यों मरीजों को इलाज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने तुरंत हड़ताल खत्म करके काम पर वापस लौटने के निर्देश दिए। डीएम के कड़े रुख को देखकर आंदोलन करने की चेतावनी देने वाले चिकित्सकों का रुख ठंडा पड़ गया। जिलाधिकारी कार्यालय से लौटकर जिला महिला अस्पताल में सामान्य तौर पर कामकाज शुरू हो गया।
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महिला अस्पताल की शिकायतों की होगी मजिस्ट्रीयल जांच
जिलाधिकारी डॉ रूपेश कुमार ने दीप्ति की मौत के प्रकरण के साथ ही पिछले दिनों हुई प्रसव के दौरान मौतों की जांच करने के निर्देश एसडीएम सदर रमेश चंद्र को दिए हैं। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत की कई शिकायतें की गईं, लेकिन जांच टीम में महिला अस्पताल के ही अधिकारी होने के कारण कभी किसी मामले से पर्दा नहीं उठ सका है। अब डीएम के सख्त निर्देश और मजिस्ट्रीयल जांच होने से जिला महिला अस्पताल के दागदार चिकित्सकों के सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
शुक्रवार सुबह प्रादेशिक चिकित्सा सेवा संघ जनपद इकाई के बैनर तले जिला अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ डीएम डा रूपेश कुमार को शिकायती पत्र सौंपने गया। डीएम ने जब शिकायती पत्र को पढ़ा, तो उसमें आंदोलन करने की चेतावनी लिखा देख उनका पारा चढ़ गया। डीएम ने चिकित्सकों को फटकार लगाते हुए ईमानदारी से काम करने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि सीएमएस से अभद्रता करने वालों पर मुकदमा दर्ज हो गया है, पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, अब इससे ज्यादा क्या किया जा सकता है। महिला अस्पताल में आखिर क्यों मरीजों को इलाज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने तुरंत हड़ताल खत्म करके काम पर वापस लौटने के निर्देश दिए। डीएम के कड़े रुख को देखकर आंदोलन करने की चेतावनी देने वाले चिकित्सकों का रुख ठंडा पड़ गया। जिलाधिकारी कार्यालय से लौटकर जिला महिला अस्पताल में सामान्य तौर पर कामकाज शुरू हो गया।
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महिला अस्पताल की शिकायतों की होगी मजिस्ट्रीयल जांच
जिलाधिकारी डॉ रूपेश कुमार ने दीप्ति की मौत के प्रकरण के साथ ही पिछले दिनों हुई प्रसव के दौरान मौतों की जांच करने के निर्देश एसडीएम सदर रमेश चंद्र को दिए हैं। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत की कई शिकायतें की गईं, लेकिन जांच टीम में महिला अस्पताल के ही अधिकारी होने के कारण कभी किसी मामले से पर्दा नहीं उठ सका है। अब डीएम के सख्त निर्देश और मजिस्ट्रीयल जांच होने से जिला महिला अस्पताल के दागदार चिकित्सकों के सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।