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Lalitpur News: डिजिटल कंपनी बनाकर धोखाधड़ी करने वाली महिला गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पर्लवाइन इंटरनेशनल डिजिटल बैंक नाम की कंपनी बनाकर लोगों को गुमराह कर पांच वर्ष में अधिक रुपया मिलने का झांसा देकर पैसे जमा करवाने वाली वांछित महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया।
कोतवाली सदर में कुछ दिन पूर्व आशा जैन पत्नी अरविंद जैन निवासी डूमरा मोहल्ला वार्ड नंबर- 10 ग्राम जखौरा हाल निवासी पुरानी पुलिस चौकी वाली गली गांधी नगर नई बस्ती के खिलाफ एक कंपनी बनाकर धोखाधड़ी से रुपये जमा कराने का मुकदमा गुलाब सिंह निवासी देवगढ़ रोड की तहरीर पर दर्ज हुआ था। कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को वांछित आशा जैन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला ने बताया कि वह व उसके साथियों ने कम समय में अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से एक गिरोह बनाकर पर्लवाइन इंटरनेशनल डिजिटल बैंक नाम की कंपनी बनाई।
अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ने के लिए जगह-जगह सेमिनार आयोजित किए। लुभावनी स्कीम के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर कंपनी का प्रचार प्रसार किया। लोगों को विश्वास दिलाने के लिए अपनी-अपनी आईडी जनरेट की। वह लोग योजना अनुसार लोगों को गुमराह कर 2250 रुपये की धनराशि जमा कराने पर आईडी नंबर देते थे और पांच वर्ष बाद आठ किस्तों में कुल करीब 32 लाख रुपये देने का वादा करते थे। इसके साथ उन्होंने आठ अपग्रेड प्लान भी बना रखे थे।
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पहला प्लान पर्ल है जिसमें 2250 रुपये देने पर 30 प्वाइंट मिलते थे, दूसरा अपग्रेड प्लान कोरल है जिसमें 3750 रुपये जमा कराकर 60 प्वाइंट मिलते थे। इसी प्रकार ओनैक्स, क्वार्ज, एमथ्रिस्ट, अपग्रेड प्लान रूबी सहित अन्य प्लान थे। लोगों से पैसा जमा कराने के बाद पर्लवाइन एप उपलब्ध कराते थे। आईडी नंबर डालने पर निवेशकों के प्वाइंट प्रदर्शित होते थे। इस प्रक्रिया में समय की कोई बाध्यता नहीं रखी गई थी। वह लोग सिर्फ नेटवर्किंग के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर धन अर्जित करते थे। निवेशकर्ता की जनरेट की आईडी उसी के मोबाइल में पासवर्ड डालने पर खुलती थी। उन्होंने गुलाब सिंह व अन्य लोगों से रुपये जमा कराकर उनकी आईडी जनरेट कराई थी। अर्जित किए गए रुपयों को उन्होंने अलग-अलग जगह पर निवेश किया और अन्य उपयोग में लिया। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया।
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ललितपुर। पर्लवाइन इंटरनेशनल डिजिटल बैंक नाम की कंपनी बनाकर लोगों को गुमराह कर पांच वर्ष में अधिक रुपया मिलने का झांसा देकर पैसे जमा करवाने वाली वांछित महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया।
कोतवाली सदर में कुछ दिन पूर्व आशा जैन पत्नी अरविंद जैन निवासी डूमरा मोहल्ला वार्ड नंबर- 10 ग्राम जखौरा हाल निवासी पुरानी पुलिस चौकी वाली गली गांधी नगर नई बस्ती के खिलाफ एक कंपनी बनाकर धोखाधड़ी से रुपये जमा कराने का मुकदमा गुलाब सिंह निवासी देवगढ़ रोड की तहरीर पर दर्ज हुआ था। कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को वांछित आशा जैन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला ने बताया कि वह व उसके साथियों ने कम समय में अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से एक गिरोह बनाकर पर्लवाइन इंटरनेशनल डिजिटल बैंक नाम की कंपनी बनाई।
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अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ने के लिए जगह-जगह सेमिनार आयोजित किए। लुभावनी स्कीम के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर कंपनी का प्रचार प्रसार किया। लोगों को विश्वास दिलाने के लिए अपनी-अपनी आईडी जनरेट की। वह लोग योजना अनुसार लोगों को गुमराह कर 2250 रुपये की धनराशि जमा कराने पर आईडी नंबर देते थे और पांच वर्ष बाद आठ किस्तों में कुल करीब 32 लाख रुपये देने का वादा करते थे। इसके साथ उन्होंने आठ अपग्रेड प्लान भी बना रखे थे।
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पहला प्लान पर्ल है जिसमें 2250 रुपये देने पर 30 प्वाइंट मिलते थे, दूसरा अपग्रेड प्लान कोरल है जिसमें 3750 रुपये जमा कराकर 60 प्वाइंट मिलते थे। इसी प्रकार ओनैक्स, क्वार्ज, एमथ्रिस्ट, अपग्रेड प्लान रूबी सहित अन्य प्लान थे। लोगों से पैसा जमा कराने के बाद पर्लवाइन एप उपलब्ध कराते थे। आईडी नंबर डालने पर निवेशकों के प्वाइंट प्रदर्शित होते थे। इस प्रक्रिया में समय की कोई बाध्यता नहीं रखी गई थी। वह लोग सिर्फ नेटवर्किंग के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर धन अर्जित करते थे। निवेशकर्ता की जनरेट की आईडी उसी के मोबाइल में पासवर्ड डालने पर खुलती थी। उन्होंने गुलाब सिंह व अन्य लोगों से रुपये जमा कराकर उनकी आईडी जनरेट कराई थी। अर्जित किए गए रुपयों को उन्होंने अलग-अलग जगह पर निवेश किया और अन्य उपयोग में लिया। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया।