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ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड की समस्या दूर होगी
ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2016 12:41 AM IST
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ललितपुर। वोल्टेज नियंत्रित करने और उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा को शहर में स्थापित तीनों विद्युत सब स्टेशनों पर ब्रेकर व कैपेसिटर बैंक के उपकरणों का ढांचा बनाकर तैयार कर लिया गया है। अब मीटर विभाग द्वारा जांच के बाद उपकरणों को सुचारु रूप से संचालित किया जाएगा।
गल्ला मंडी स्थित 66 केवी, नझाई बाजार व बाईपास स्थित 33 केवी सब स्टेशनों पर स्थापित पांच व दस एमबीए की उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों में फाल्ट आदि से सुरक्षा के लिए सर्किट ब्रेकर लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 33 केवी हाइटेंशन लाइन में फाल्ट आने पर बचाव के लिए कंट्रोल पैनल भी स्थापित किया गया है, जिसमें तीन करंट ट्रांसफार्मर और पोटेंसियल ट्रांसफार्मर उपकरण लगाए गए हैं।
इसमें करंट ट्रांसफार्मर के माध्यम से लाइन से लाइन टकराने पर फाल्ट की जानकारी लग जाएगी। जबकि, पोटेंसियल ट्रांसफार्मर से लाइन के जमीन पर गिरने की जानकारी लग जाएगी और ब्रेकर के माध्यम से ट्रांसफार्मर से पूर्व ही कनेक्शन कट जाएगा।
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यहां तक कि आवेरलोड या अन्य स्थिति में फाल्ट आने पर शटडाउन लेकर भी ब्रेकर से बिजली बंद किया जा सकेगा। दूसरी ओर, वोल्टेज कम या अधिक होने की परेशानी से निजात दिलाने के लिए कैपेसिटर बैंक के उपकरणों का ढांचा भी बनकर तैयार हो चुका है।
सब स्टेशनों पर स्थापित वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनों में वोल्टेज कम या अधिक होने की स्थिति में कैपेसिटर बैंक की सहायता से वोल्टेज को नियंत्रित हो सकेगा। सब स्टेशनों पर लगाए जाने वाले इन उपकरणों को आरएपीडीआरपी (रिस्ट्रक्चर्ड एसीलिरेटेड पावर डेवलपमेंट रिफार्म प्रोग्राम) योजना के अंतर्गत शहर में सर्किट ब्रेकर और कैपेसिटर बैंक लगाने का कार्य आगरा की कंपनी के माध्यम से हो रहा है।
कंपनी ने तीनों सब स्टेशनों पर दोनों प्रकार के उपकरणों के ढांचे पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मीटर विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद जल्द ही उपकरणों को सुचारु रुप से संचालित कर दिया जाएगा। इन उपकरणों के संचालित होने के बाद सब स्टेशनों पर स्थापित उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा तो बढ़ेगी ही, साथ ही वोल्टेज को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार सुचारु विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
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गल्ला मंडी स्थित 66 केवी, नझाई बाजार व बाईपास स्थित 33 केवी सब स्टेशनों पर स्थापित पांच व दस एमबीए की उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों में फाल्ट आदि से सुरक्षा के लिए सर्किट ब्रेकर लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 33 केवी हाइटेंशन लाइन में फाल्ट आने पर बचाव के लिए कंट्रोल पैनल भी स्थापित किया गया है, जिसमें तीन करंट ट्रांसफार्मर और पोटेंसियल ट्रांसफार्मर उपकरण लगाए गए हैं।
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इसमें करंट ट्रांसफार्मर के माध्यम से लाइन से लाइन टकराने पर फाल्ट की जानकारी लग जाएगी। जबकि, पोटेंसियल ट्रांसफार्मर से लाइन के जमीन पर गिरने की जानकारी लग जाएगी और ब्रेकर के माध्यम से ट्रांसफार्मर से पूर्व ही कनेक्शन कट जाएगा।
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यहां तक कि आवेरलोड या अन्य स्थिति में फाल्ट आने पर शटडाउन लेकर भी ब्रेकर से बिजली बंद किया जा सकेगा। दूसरी ओर, वोल्टेज कम या अधिक होने की परेशानी से निजात दिलाने के लिए कैपेसिटर बैंक के उपकरणों का ढांचा भी बनकर तैयार हो चुका है।
सब स्टेशनों पर स्थापित वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनों में वोल्टेज कम या अधिक होने की स्थिति में कैपेसिटर बैंक की सहायता से वोल्टेज को नियंत्रित हो सकेगा। सब स्टेशनों पर लगाए जाने वाले इन उपकरणों को आरएपीडीआरपी (रिस्ट्रक्चर्ड एसीलिरेटेड पावर डेवलपमेंट रिफार्म प्रोग्राम) योजना के अंतर्गत शहर में सर्किट ब्रेकर और कैपेसिटर बैंक लगाने का कार्य आगरा की कंपनी के माध्यम से हो रहा है।
कंपनी ने तीनों सब स्टेशनों पर दोनों प्रकार के उपकरणों के ढांचे पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मीटर विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद जल्द ही उपकरणों को सुचारु रुप से संचालित कर दिया जाएगा। इन उपकरणों के संचालित होने के बाद सब स्टेशनों पर स्थापित उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा तो बढ़ेगी ही, साथ ही वोल्टेज को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार सुचारु विद्युत आपूर्ति की जाएगी।