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रबर तकनीक से बंधेगा बांध
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:23 AM IST
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ललितपुर को बांधों के जिले से जाना जाता है। यहां जामनी बांध, गोविंद सागर बांध, सजनम बांध, माताटीला बांध, राजघाट बांध, रोहणी बांध, कचनौंदा बांध, शहजाद बांध, उटारी बांध हैं। पिछले दिनों कचनौंदा बांध का लोकार्पण करने आए प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह ने जिले के बालाबेहट क्षेत्र में एक और बांध बनाए जाने की घोषणा क ी है। यह बांध रबर तकनीक के आधार पर बनाया जाएगा। पिछले दिनों सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव दीपक सिंघल इजरायल के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने पाया कि इजरायल में भारत से बहुत कम वर्षा होती है, लेकिन इसके बाद भी वहां जल संरक्षण कर सब्जी का उत्पादन किया जाता है, जो भारत से ज्यादा है। वहां पर नई तकनीक से बांध बनाए जा रहे हैं, जो काफी सफल हैं। इसी तकनीक का प्रयोग कर अब उत्तर प्रदेश में भी बांधों का निर्माण किया जा रहा है।
रबर की तकनीक पर आधारित बांधों का उत्तर प्रदेश में प्रयोग शुरू हो गया है। सबसे पहले मथुरा जिले में यमुना नदी पर एक बांध बनाया जा रहा है। फिलहाल, इस तकनीक पर आधारित देश में एकमात्र बांध आंध्रप्रदेश में तैयार हो गया है। इसमें बांध का फ्लोर (फर्श) पक्का बनाया जाता है, फिर रबर ट्यूब में कंप्रेशर से हवा भरी जाती है। इस तरह के बांध की अधिकतम हाईट तीन से पांच मीटर होती है। इसमें एक किमी से अधिकतम तीन किलोमीटर तक के क्षेत्र का पानी स्टोर किया जा सकता है। यह बांध कम समय और कम लागत पर तैयार हो जाता है। हालांकि, इस तकनीक के बारे में अभी यहां कार्य कर रहे इंजीनियरों को भी इसमें काफी कुछ सीखना है।
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