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वर्दी में नजर आएंगे सफाई कर्मचारी
ललितपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2015 11:17 PM IST
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ललितपुर। नगर को स्वच्छ रखने वाले नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अब वर्दी में नजर आएंगे। कुल 311 सफाई कर्मचारियों को वर्दी के साथ जरूरी उपकरण बांटे जाएंगे। इससे नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की पहचान आसान हो जाएगी।
छब्बीस वार्डों वाली नगर पालिका सीमा में 28 हजार से अधिक भवन बने हुए हैं। नगरीय सीमा में बने भवनों, होटलों, विवाहघरों, नर्सिंग होम व आधा दर्जन स्थानों पर बने बाजारों से प्रतिदिन 70 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। नगर पालिका में 88 स्थायी, 223 संविदा तो वहीं आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मचारी तंग संकरी गलियों के साथ मुहल्लों से गीले व सूखे कचरे का उठान करके निर्धारित स्थान पर बने अस्थायी व स्थायी कूड़ाघरों तक पहुंचाने का काम करते हैं। इन कूड़ाघारों से लोडर की सहायता से कचरे को ट्रालियों में भरने का काम किया जाता है।
इसके बाद कचरा ट्रैक्टरों की सहायता से टंचिंग ग्राउंड रामनगर में पहुंचाया जाता है। कचरा उठान के लिए 6 ट्रैक्टर लगे हुए हैं। डिब्बा बंद कचरा उठाने के लिए भी अलग वाहनों का प्रयोग किया जाता है। नगर को साफ एवं स्वच्छ रखने वाले इन कर्मचारियों को नगर पालिका वर्दी(एप्रिन) देने की तैयारी कर रही है, जिससे उनकी पहचान आसान हो सकेगी। साथ ही मास्क व सिर को ढकने के लिए हेलमेट दिया जाएगा। जिम्मेदारों की माने तो उपकरण के साथ यह एप्रिन जल्द ही वितरित कर दी जाएगी।
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कम कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ
नगर पालिका में लंबे समय से कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई है। लगातार सेवानिवृत होने के कारण कर्मचारियों की कमी होती चली गई। 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी के सापेक्ष 88 नए कर्मचारियों को रखा जाना चाहिए, लेकिन अब तक नए कर्मचारियों को नहीं रखा गया है। इस कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ है। इसके बाद भी वह सफाई की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उठा रहे हैं।
आउट सोर्सिंग पर भी लगे हैं कर्मचारी
कर्मचारियों की कमी को देखते हुए नगर पालिका वर्षों से हाउट सोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारी ले रही है। वर्तमान में 122 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनको सफाई के साथ नालों की सिल्ट निकालने की जिम्मेदारी दी गई है। इन कर्मचारियों को समय-समय पर जरूरी उपकरण देने का काम ठेकेदार के माध्यम से किया जाता है।
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छब्बीस वार्डों वाली नगर पालिका सीमा में 28 हजार से अधिक भवन बने हुए हैं। नगरीय सीमा में बने भवनों, होटलों, विवाहघरों, नर्सिंग होम व आधा दर्जन स्थानों पर बने बाजारों से प्रतिदिन 70 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। नगर पालिका में 88 स्थायी, 223 संविदा तो वहीं आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मचारी तंग संकरी गलियों के साथ मुहल्लों से गीले व सूखे कचरे का उठान करके निर्धारित स्थान पर बने अस्थायी व स्थायी कूड़ाघरों तक पहुंचाने का काम करते हैं। इन कूड़ाघारों से लोडर की सहायता से कचरे को ट्रालियों में भरने का काम किया जाता है।
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इसके बाद कचरा ट्रैक्टरों की सहायता से टंचिंग ग्राउंड रामनगर में पहुंचाया जाता है। कचरा उठान के लिए 6 ट्रैक्टर लगे हुए हैं। डिब्बा बंद कचरा उठाने के लिए भी अलग वाहनों का प्रयोग किया जाता है। नगर को साफ एवं स्वच्छ रखने वाले इन कर्मचारियों को नगर पालिका वर्दी(एप्रिन) देने की तैयारी कर रही है, जिससे उनकी पहचान आसान हो सकेगी। साथ ही मास्क व सिर को ढकने के लिए हेलमेट दिया जाएगा। जिम्मेदारों की माने तो उपकरण के साथ यह एप्रिन जल्द ही वितरित कर दी जाएगी।
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कम कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ
नगर पालिका में लंबे समय से कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई है। लगातार सेवानिवृत होने के कारण कर्मचारियों की कमी होती चली गई। 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी के सापेक्ष 88 नए कर्मचारियों को रखा जाना चाहिए, लेकिन अब तक नए कर्मचारियों को नहीं रखा गया है। इस कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ है। इसके बाद भी वह सफाई की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उठा रहे हैं।
आउट सोर्सिंग पर भी लगे हैं कर्मचारी
कर्मचारियों की कमी को देखते हुए नगर पालिका वर्षों से हाउट सोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारी ले रही है। वर्तमान में 122 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनको सफाई के साथ नालों की सिल्ट निकालने की जिम्मेदारी दी गई है। इन कर्मचारियों को समय-समय पर जरूरी उपकरण देने का काम ठेकेदार के माध्यम से किया जाता है।