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मेरे पापा को क्यों जला रहे हो......
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:15 AM IST
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mukhaghni, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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मेरे पापा को क्यों जला रहे हो, उन्हें क्यों आग लगा रहे हो। चार साल के मासूूम मनु के मुंह से यह सुनकर इंदौर-पटना ट्रेन हादसे में दुर्घटना के शिकार हुए आशीष शर्मा के अंतिम संस्कार में मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई।
रविवार सुबह कानपुर देहात के पुखरायंा में दुर्घटनाग्रस्त हुई इंदौर पटना एक्सप्रेस में नगर के आशीष शर्मा की मौत हो गई थी। आशीष लखनऊ प्रतियोगी परीक्षा देने जा रहे थे। सोमवार सुबह उनका शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। चूंकि, शव पहुंचने के पहले आशीष की मां व पत्नी को मौत के बारे में सूचना नहीं थी, इस कारण शव देखकर वह बदहवास हो गईं। डेढ़ महीने पहले अपने पति को खो चुकी आशीष की मां भी पुत्र की मौत की खबर से बेसुध हो गईं। किसी तरह लोगों ने उन्हें संभाला।
अंतिम संस्कार के लिए आशीष को ले जाया गया। मुक्ति धाम में आशीष के चार वर्षीय बेटे मनु से मुखाग्नि दिलाईं जाने लगी, तो मासूम यह कहकर रोने लगा कि पापा को क्यों जला रहे हो। मासूम की बातें व उसका रोना देख मुक्ति धाम में मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। दुनियादारी से अंजान मासूम मनु अपने पिता की चिता देखता रहा और रोता रहा। आशीष का चार साल का बेटा व दो साल की बेटी है।
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रविवार सुबह कानपुर देहात के पुखरायंा में दुर्घटनाग्रस्त हुई इंदौर पटना एक्सप्रेस में नगर के आशीष शर्मा की मौत हो गई थी। आशीष लखनऊ प्रतियोगी परीक्षा देने जा रहे थे। सोमवार सुबह उनका शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। चूंकि, शव पहुंचने के पहले आशीष की मां व पत्नी को मौत के बारे में सूचना नहीं थी, इस कारण शव देखकर वह बदहवास हो गईं। डेढ़ महीने पहले अपने पति को खो चुकी आशीष की मां भी पुत्र की मौत की खबर से बेसुध हो गईं। किसी तरह लोगों ने उन्हें संभाला।
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अंतिम संस्कार के लिए आशीष को ले जाया गया। मुक्ति धाम में आशीष के चार वर्षीय बेटे मनु से मुखाग्नि दिलाईं जाने लगी, तो मासूम यह कहकर रोने लगा कि पापा को क्यों जला रहे हो। मासूम की बातें व उसका रोना देख मुक्ति धाम में मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। दुनियादारी से अंजान मासूम मनु अपने पिता की चिता देखता रहा और रोता रहा। आशीष का चार साल का बेटा व दो साल की बेटी है।
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