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कब संवरेगी टूटी पुलिया की फूटी किस्मत

Tue, 21 Mar 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 21 Mar 2017 12:47 AM IST
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When is the broken fortune of a broken bridge?
कब संवरेगी टूटी पुलिया की फूटी किस्मत - फोटो : amar ujala, lalitpur news
गांधीनगर मोहल्ले में एक साल से नाली की टूटी पुलिया हादसों का कारण बनी हुई है। इसे बनवाने के लिए मोहल्ले वासी कई बार नगर पालिका में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। मोहल्लेवासियों ने बताया कि एक साल पहले पुलिया के नीचे एक कुत्ता मर गया था। इस कारण इसे तोड़ा गया था। लेकिन, तब से अब तक इसे बनवाया नहीं गया।
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वार्ड नंबर दो और बीस के पास एक नाली पिछले एक साल से अधिक समय से टूटी है। इससे अक्सर बाइक सवार और राहगीर चोटहिल होते रहते हैं। इस नाली के कारण कई लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा। मोहल्लेवासियों ने बताया कि एक साल पहले नाली के नीचे कुत्ता फंस कर मर गया था। इसे निकालने के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों ने नाली को तोड़ दिया और कहा कि इसे बनवा देंगे। लेकिन अभी तक इसे नहीं बनवाया गया है। लोगों का कहना है कि वह कई बार नाली को ढकवाने के लिए नगर पालिका के अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। लेकिन, सुनवाई नहीं हुई।
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दो वार्डों के बीच बनी इस नाली पर 2005 में पुलिया का निर्माण हुआ था। मोहल्लेवासियों को जैन मंदिर, साहू समाज मंदिर और स्कूल जाने के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। यह नाली दो वार्डों की सीमा में होने के कारण इसका निर्माण नहीं हो पा रहा है। पार्षद एक दूसरे पर निर्माण न कराने का आरोप लगा रहे हैं।
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सुनो गांधीनगर वालों की

अधिकारी नहीं करते सुनवाई
एक साल से नाली टूटी है। थोड़ी सी चूक हो जाए तो गिर जाते हैं। कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से पुलिया टूटे होने की शिकायत कर चुके हैं। कोई अधिकारी सुध ही नहीं ले रहा है। 
सुरेंद्र कुमार जैन

रोज निकलते हैं दो हजार लोग
मुहल्ले में दो हजार से अधिक आबादी रहती है। स्कूली बच्चों को लेकर ऑटो भी निकलते हैं। जिसको आने-जाने के लिए इसी मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। दिनभर बाइक सवार गिरकर घायल होते हैं। 
मोतीलाल रेंजर 

रात में बढ़ जाती है परेशानी 
रात में और भी ज्यादा दिक्कत हो जाती है। रास्ते में अंधेरा भी रहता है। इस कारण आने-जाने वालों को टूटी हुई पुलिया दिखाई नहीं देती है। इस कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। 
प्रभात कुमार श्रीवास्तव 

पार्षद झाड़ते हैं पल्ला
मंदिर जाने के लिए यही एकमात्र रोड है। बच्चों को स्कूल भी यहीं से जाना पड़ता है। पार्षदों से कई बार शिकायत की लेकिन वह अपने वार्ड का मामला न होने की बात कहकर टाल देते हैं।
विनोद कुमार जैन
 
इनका कहना है
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मेरे वार्ड का मामला नहीं है। लेकिन, लोगों की परेशानी को देखते हुए मैंने चार बार प्रस्ताव बनाकर नगर पालिका के अधिकारियों को दिया है। उन प्रस्तावों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
आशाराम कुशवाहा, पार्षद वार्ड नंबर 20

नगर पालिका के अधिकारियों से कई बार पुलिया बनवाने के लिए कह चुका हूं। लेकिन हर बार फंड न होने का बहाना बनाकर टाल देते हैं। नगर पालिका विकास की ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। 

केके पंथ, पार्षद वार्ड नंबर दो
मेरे संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि कोई समस्या है तो पार्षदों से पूछकर पुलिया का स्टीमेट बनवाकर पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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