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गेहूं खरीद बंद होने के बाद भी किसानों का भुगतान अटका
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ललितपुर। गेहूं की खरीद बंद हो गई है, लेकिन तमाम किसान उपज का भुगतान नहीं पा सके हैं। इस कारण अनेक किसान विभागीय कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इस समय जिले में 16 करोड़ का भुगतान होना किसानों का शेष है।
जिले के 61 केंद्रों पर अप्रैल माह में गेहूं की खरीद शुरू हुई थी जो 22 जून तक चली। इस दौरान 18 हजार नौ सौ छियासठ किसानों ने अपनी उपज विभिन्न क्रय केंद्रों पर बेची। इस तरह खरीद एजेंसियों ने कुल मिलाकर 90146 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। इसमें खाद्य विभाग ने 12151.35 मीट्रिक टन, पीसीएफ ने 74973.70 मीट्रिक टन, भारतीय खाद्य निगग ने 3020.95 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। एजेंसियों ने अब तक 17803.84 के सापेक्ष 16151.30 लाख रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया है। वर्तमान में 1652.53 लाख रुपये का भुगतान अवशेष बना हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा पीसीएफ को 16 करोड़ 37 लाख रुपये का भुगतान किसानों को अभी करना है। इसके अलावा खाद्य विभाग को पंद्रह लाख रुपये का भुगतान करना शेष है। ऐसे में किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नियमता किसानों का भुगतान एक सप्ताह में हो जाना चाहिए लेकिन खरीद एजेंसियां इस समयावधि में भुगतान करने में असफल रही हैं। जो किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
जिन किसानों का भुगतान अभी शेष है, उनके भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक सप्ताह में सभी किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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जिले के 61 केंद्रों पर अप्रैल माह में गेहूं की खरीद शुरू हुई थी जो 22 जून तक चली। इस दौरान 18 हजार नौ सौ छियासठ किसानों ने अपनी उपज विभिन्न क्रय केंद्रों पर बेची। इस तरह खरीद एजेंसियों ने कुल मिलाकर 90146 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। इसमें खाद्य विभाग ने 12151.35 मीट्रिक टन, पीसीएफ ने 74973.70 मीट्रिक टन, भारतीय खाद्य निगग ने 3020.95 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। एजेंसियों ने अब तक 17803.84 के सापेक्ष 16151.30 लाख रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया है। वर्तमान में 1652.53 लाख रुपये का भुगतान अवशेष बना हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा पीसीएफ को 16 करोड़ 37 लाख रुपये का भुगतान किसानों को अभी करना है। इसके अलावा खाद्य विभाग को पंद्रह लाख रुपये का भुगतान करना शेष है। ऐसे में किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नियमता किसानों का भुगतान एक सप्ताह में हो जाना चाहिए लेकिन खरीद एजेंसियां इस समयावधि में भुगतान करने में असफल रही हैं। जो किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
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जिन किसानों का भुगतान अभी शेष है, उनके भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक सप्ताह में सभी किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी