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गांवों में नहीं मिल पा रहा है गेहूं का वाजिब दाम

Sat, 25 Apr 2020 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2020 01:54 AM IST
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Weat rate is not good found in village
ललितपुर। देश में फैली वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन लगाया गया है। गल्ला मंडी में भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के लिए जिला मुख्यालय पर मंडी को बंद किया गया है। इससे किसानों को उपज बेचने के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उनके गांव में ही गेहूं खरीद केंद्र खोले जाएं और समर्थन मूल्य में उनका अनाज खरीदा जाए, ताकि वह अपना अनाज गांव में बेच सकें।
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तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम टेनगा में गेहूं का खरीद केंद्र नहीं होने से लोगों की समस्याएं बढ़तीं जा रहीं हैं। कहीं गेहूं की खरीद नहीं हो रही है तो किसी को किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। किसान काफी परेशान हैं। कृषकों का कहना है कि उनके गांव में ही समर्थन में गेहूं खरीद की जाए, जिससे उनकी परेशानी कम हो और घर के खर्च को पैसे आ जाएं। उनका कहना है कि भले ही सरकार प्रत्येक व्यक्ति को नि:शुल्क राशन न दे, लेकिन जल्द से जल्द उनकी उपज खरीद लें। समय से उपज नहीं बिकने से किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रहीं हैं।
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जिला मुख्यालय पर मंडी बंद है, केवल एक तहसील में एक ही मंडी पर उपज क्रय की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में देरी हो रही है। कृषकों का कहना है कि आगे की फसल के लिए तैयारी करनी है और अभी तक उपज घर में ही रखी है। उनको यह भी चिंता सताए जा रही है कि अगर समय से उपज नहीं बिकी तो जिनसे खाद- बीज उधार लिया था, वह कैसे चुकाएंगे।
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गांव में ही गेहूं खरीद केंद्र खोले जाएं और हम सभी किसानों का समर्थन मूल्य में अनाज खरीदा जाए, जिससे हमें परेशानी न हो।
- रामसिंह राजपूत
हमारे ही गांव में गेहूं खरीद केंद्र खुल जाएगा तो किसानों की मुश्किलें भी कम हो जाएंगी। प्रशासन को इस परेशानी का शीघ्र निदान करना चाहिए।
- जगत सिंह
गांव के अनेक ग्रामीणों को अभी तक किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिला है और प्रधानमंत्री जन-धन खातों में भी अनेक लोगों के पैसे नहीं आए हैं।
- रामेश्वर रावत
गांव के किसान काफी परेशान हैं। किसी को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है, तो किसी को गेहूं बेचने में समस्या आ रही है। गांव में क्रय केंद्र खुल जाएगा तो समस्या का निदान हो सकता है।
- पवन तिवारी
लॉकडाउन के चलते जिला मुख्यालय की मंडी बंद है। तहसील स्तर पर ही गेहूं खरीदा जा रहा है। ऐसे में बहुत परेशानी हो रही है।
- ब्रजेंद्र सिंह
कटाई और थ्रेसिंग के बाद घर में उपज भरी पड़ी है। गेहूं बेचने में बहुत दिक्कत हो रही है। प्रशासन को ग्रामीण स्तर पर क्रय केंद्र खोलने चाहिए, जिससे आसानी से किसानों की उपज बिक सके।

- संजीव तिवारी
फसल बोने के लिए कर्ज लिया था, अब फसल तो आ गई लेकिन बेचने की समस्या है। अगर समय से फसल नहीं बिकी तो कैसे पैसा लौटा पाएंगे।
- नंदकुमार तिवारी
आगे की फसल के लिए तैयारी करनी है और अभी तक उपज घर में ही रखी है। सबको यह भी चिंता सताए जा रही है कि अगर समय से उपज नहीं बिकी तो जिनसे खाद बीज उधार लिया था, उनका पैसा कैसे चुकाएंगे।
- बब्लू अहिरवार
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