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पानी के अभाव में अधूरा पड़ा रोडवेज डिपो का निर्माण
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ललितपुर। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम रोड़ा में निर्माणाधीन रोडवेज डिपो का निर्माण पानी के अभाव में अधूरा पड़ा है। यहां पर अधिकांश भवन तैयार हो चुके हैं। केवल वर्कशॉप में पानी का अभाव है। वहीं, पानी की कमी के चलते मुख्य भवन से हाइवे तक सीसी रोड नहीं डल पा रही है।
जनपद में यातायात की सुविधा को सुगम बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015 में रोडवेज डिपो का शिलान्यास किया था। इसके लिए ब्लॉक जखौरा के ग्राम रोड़ा में लगभग सात एकड़ भूूमि क्रय की गई और निर्माण के लिए चार करोड़ 99 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। लोगों को जल्द ही रोडवेज डिपो की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी। लेकिन छह वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण में आने वाली बाधाएं कम नहीं हो रही है। निर्माण के दौरान कार्यशाला के ऊपर से से निकली हाईटेंशन लाइन के कारण कार्य रुक गया, इसको हटवाने के लिए ही तीन वर्ष से अधिक का समय लग गया। तय समय में निर्माण न होने से महंगाई बढ़ गई। इससे राशि कम पड़ गई। जिसके बाद रिवाइज एस्टीमेट भेजा और निर्माण राशि दो गुनी होकर नौ करोड़ 35 लाख तक पहुंच गई।
रिवाइज एस्टीमेट को स्वीकृति मिलने के बाद रोडवेज डिपो का कार्य तेजी से शुरू हुआ। मुख्य भवन पूरी तरह से तैयार हो गया। कैंटीन भी बन कर तैयार हो गई। कार्यशाला का कार्य शुरू हुआ। मिट्टी का समतलीकरण होने के बाद एपेक्स बिछाए जाने का कार्य शुरू हो गया।
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लेकिन अब पानी के अभाव में कार्यशाला बनकर तैयार नहीं हो पा रही है, वहीं मुख्य भवन से हाइवे तक निर्माणाधीन सीसी सड़क समतलीकरण के बाद गिट्टी ही डली रह गई है। पानी नहीं मिलने से सीसी रोड का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इससे डिपो तय समय में तैयार नहीं हो पा रही है। यह छटवीं बार है जब तय समय भी डिपो का निर्माण पूरा नहीं हो है।
एक करोड़ 47 लाख रुपये नहीं मिले
निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि में अभी एक करोड़ 47 लाख रुपये की राशि कार्यदायी संस्था को नहीं मिल पाई है। इससे पानी के साथ पैसों का भी अभाव बना हुआ है। हालांकि पानी से अधिक कार्य रुका है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पैसा और पानी मिल जाए तो रोडवेज डिपो का निर्माण दो माह में ही पूरा हो जाएगा।
डिपो निर्माण व संचालन के लिए पानी की मांग के लिए जल संस्थान व उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक पानी की सुविधा नहीं हो पा रही है।
- हरिओम वर्मा, जेई रोडवेज डिपो
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जनपद में यातायात की सुविधा को सुगम बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015 में रोडवेज डिपो का शिलान्यास किया था। इसके लिए ब्लॉक जखौरा के ग्राम रोड़ा में लगभग सात एकड़ भूूमि क्रय की गई और निर्माण के लिए चार करोड़ 99 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। लोगों को जल्द ही रोडवेज डिपो की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी। लेकिन छह वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण में आने वाली बाधाएं कम नहीं हो रही है। निर्माण के दौरान कार्यशाला के ऊपर से से निकली हाईटेंशन लाइन के कारण कार्य रुक गया, इसको हटवाने के लिए ही तीन वर्ष से अधिक का समय लग गया। तय समय में निर्माण न होने से महंगाई बढ़ गई। इससे राशि कम पड़ गई। जिसके बाद रिवाइज एस्टीमेट भेजा और निर्माण राशि दो गुनी होकर नौ करोड़ 35 लाख तक पहुंच गई।
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रिवाइज एस्टीमेट को स्वीकृति मिलने के बाद रोडवेज डिपो का कार्य तेजी से शुरू हुआ। मुख्य भवन पूरी तरह से तैयार हो गया। कैंटीन भी बन कर तैयार हो गई। कार्यशाला का कार्य शुरू हुआ। मिट्टी का समतलीकरण होने के बाद एपेक्स बिछाए जाने का कार्य शुरू हो गया।
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लेकिन अब पानी के अभाव में कार्यशाला बनकर तैयार नहीं हो पा रही है, वहीं मुख्य भवन से हाइवे तक निर्माणाधीन सीसी सड़क समतलीकरण के बाद गिट्टी ही डली रह गई है। पानी नहीं मिलने से सीसी रोड का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इससे डिपो तय समय में तैयार नहीं हो पा रही है। यह छटवीं बार है जब तय समय भी डिपो का निर्माण पूरा नहीं हो है।
एक करोड़ 47 लाख रुपये नहीं मिले
निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि में अभी एक करोड़ 47 लाख रुपये की राशि कार्यदायी संस्था को नहीं मिल पाई है। इससे पानी के साथ पैसों का भी अभाव बना हुआ है। हालांकि पानी से अधिक कार्य रुका है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पैसा और पानी मिल जाए तो रोडवेज डिपो का निर्माण दो माह में ही पूरा हो जाएगा।
डिपो निर्माण व संचालन के लिए पानी की मांग के लिए जल संस्थान व उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक पानी की सुविधा नहीं हो पा रही है।
- हरिओम वर्मा, जेई रोडवेज डिपो