फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   water released today for rabi crop

रबी की फसल के पलेवा को आज से छोड़ा जाएगा नहरों में पानी

Wed, 10 Nov 2021 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
water released today for rabi crop
पलेवा के लिए नहरों में आज से छोड़ा जाएगा पानी
विज्ञापन

ललितपुर। रबी फसलों की बुवाई के लिए सिंचाई विभाग ने किसानों को पलेवा की सुविधा के लिए नहरों के संचालन का रोस्टर जारी कर दिया है। दस नवंबर से राजघाट बांध, गोविंद सागर और शहजाद बांध की नहरों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। इसके लिए नहरों की सिल्ट सफाई व कटानों की मरम्मत हो चुकी है, जिससे पानी टेल तक पहुंचाया जा सके।
जनपद में रबी की फसलों की बुवाई 15 अक्तूबर से शुरू हो जाती है, जो नवंबर माह के अंत तक चलती है। इसमें शुरूआती दौर में दलहनी फसलें चना, मटर, मसूर की बुवाई की जाती है। एक नवंबर से गेहूं जौ व अन्य फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है। वर्तमान में किसानों ने फसलों की बुवाई की तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि खाद की किल्लत के चलते परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

अब पलेवा का समय शुरू हो गया है। ऐसे में किसानों को पलेवा की सुविधा के लिए सिंचाई विभाग ने भी नहरों के संचालन का रोस्टर जारी हो गया है। दस नवंबर से अधिकांश नहरों में पानी छोड़ा जाना तय हो गया है। इसके लिए नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य पहले ही शुरू हो गया था। इसके साथ ही नहरों के कट व मिट्टी के कटान की मरम्मत करा दी गई है। टेल के किसानों को भी पानी देने की तैयारी पूरी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनपद में रबी की लगभग एक तिहाई फसल की सिंचाई नहरों से होती है। इसमें अधिकांश क्षेत्र राजघाट बांध की नहर से होता हैै। इस नहर की लंबाई सबसे अधिक है। यह नहर राजघाट बांध से शुरू होकर ब्लॉक तालबेहट के अंतिम छोर तक पहुंचती है। ब्लॉक तालबेहट क्षेत्र में स्थित शहजाद बांध से दो नहरें निकाली गईं है। इनमें एक दायीं व एक बायीं नहर है। दोनों नहरों में दस नवंबर को पानी छोड़ा जा रहा है। टेल तक पानी पहुंचाने की सुविधा की गई है। निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
शहर में स्थित गोविंद सागर बांध से शहर की पेयजल व्यवस्था के साथ ही किसानों को सिंचाई की सुविधा के लिए नहरों का निर्माण किया गया है। इसमें दायीं नहर की लंबाई अधिक है, जो लगभग 30 किलोमीटर दूरी तक किसानों को सिंचाई की सुविधा दे रही है। वहीं बायीं नहर में लगभग 12 किलोमीटर तक के गांव के किसानों को पानी पहुंचा रही है। इसमें आज पानी छोड़ा जा रहा है। नहर के फटने व अन्य कार्यों के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
ऊटारी, बंडई बांध की नहरें सात नवंबर से खुलीं
ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र में स्थित बंडई बांध की नहरों में सात नवंबर को पानी छोड़ा गया था, जिसमें पानी आने से नजदीक के किसानों ने खेतों में पलेवा शुरू कर दिया है। इसके साथ ही बंडई बांध की नहरों में भी सात नवंबर से पानी छोड़ दिया है। पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए कर्मचारी निगरानी कर रहे हैं। नहर में पानी आने से किसानों में खुशी है।
जाखलौन पंप कैनाल में रोस्टर के अनुसार नहीं छोड़ा गया पानी
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सिंचाईं की सुविधा के लिए सात नवंबर से जाखलौन पंप कैनाल की नहर को खोलने का रोस्टर जारी किया गया था, किसान पलेवा की सुविधा होने से खुशी मना रहे थे, लेकिन सात नवंबर को नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। सात तो दूर नौ नवंबर तक भी नहर में पानी नहीं आया है। नहर वर्तमान में सूखी पड़ी है। किसानों को पलेवा में देरी होने की चिंता सता रही है।

बांध की नहरों में पानी छोड़े जाने के लिए रोस्टर जारी कर दिया गया है। रोस्टर के अनुसार नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। नहरों पर निगरानी के लिए कर्मचारियों व अधिकारियों को तैनात किया गया है।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed