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बांध का पानी बस्तियों में घुसा, कई मकान गिरे

Sat, 17 Aug 2019 12:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 12:21 AM IST
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water of dam entered residential colonies
बांध का पानी बस्तियों में घुसा, कई मकानगिरे
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ललितपुर। बृहस्पतिवार शहरवासियों के लिए काफी मुसीबत भरा रहा। नागरिकों को प्रकृति की दोहरी मार झेलनी पड़ी। जहां आसमान से पानी की बरसात हो रही थी, वहीं गोविंद सागर बांध के गेटों से भी पानी छोड़ा जा रहा था। शाम चार बजे ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बांध के बीस में से बारह साइफनों ने अचानक पानी पकड़ लिया। कुछ ही मिनटों में शहर में पानी ही पानी हो गया। कई मकान व दुकानों में पानी भर गया।

वर्ष 2013 में गोविंद सागर बांध के साइफन चले थे, तब भी लोगों का काफी नुकसान हुआ था। ठीक, सात साल बाद शहरवासियों को एक बार फिर लोगों को बाढ़ जैसेे हालातों का सामना करना पड़ा। चौदह अगस्त को शाम चार बजे गोविंद सागर बांध के गेट खोले गए थे जो शुक्रवार की दोपहर में बंद किए गए। बृहस्पतिवार की दोपहर में बांध का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा। इस दौरान बांध के सभी अठारह गेट खोल दिए गए। इसके बाद भी बांध में जल स्तर कम नहीं हुआ। शाम चार बजे बांध के बीस में से बारह साइफनों ने पानी पकड़ लिया। इधर, गेटों से पानी की निकासी हो रही थी, उधर, साइफनों ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी। देखते ही देखते ही शहजाद नदी का पानी मोहल्ला नदीपुरा, कांशीराम कालोनी, चौबयाना, डोड़ाघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैल गया। हाइवे के इर्दगिर्द रहने वाले लोग भी पानी की चपेट में आने से बच नहीं सके। साइफन खोलने की सूचना माइक के माध्यम से दी गई लेकिन जब तक लोग घरों का सामान समेट पाते, तब तक बस्तियों में पानी घुस चुका था। कई लोग छतों व ऊपरी मंजिल पर चढ़ गए तो कुछ परिवारों को नेहरू महाविद्यालय में डेरा डालना पड़ा, जो लोग ऊपरी मंजिल एवं छतों पर थे, वे घरों में ही कैद होकर रह गए। मोहल्ला चौबयाना निवासी बिल्ले, विष्णु झा के मकान में नदी का पानी घुस गया। प्रजापति धर्मशाला में भी पानी अंदर प्रवेश कर गया। रामराजा मंदिर के दरवाजे तक पानी पहुंच गया। नदीपुरा निवासी राजेंद्र साहू के घर में चार, पांच फीट पानी था। उनका कहना है कि पानी के कारण टुल्लू व एलसीडी खराब हो गई। वहीं, अलमारी में रखे कपड़े गीले हो गए। जब बांध का पानी कम हुआ तो घर में जगह-जगह गंदगी पसरी थी। रात भर ऊपरी मंजिल में जागकर निकाली। मछली मार्केट में पांच फुट से ऊपर पानी था। देर शाम स्थिति बिगड़ते देख नाव का इंतजाम किया गया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। एसडीएम मो. कमर को मोहल्ला रावतयाना, गोविंद नगर, एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद को मोहल्ला खिरकापुरा, आरएमवी कांशीराम कालोनी, एसडीएम पाली राजेंद्र बहादुर को मोहल्ला चौबयाना, भीमनगर, एसडीएम रमेश चंद्र को मोहल्ला नदीपुरा, तालाबपुरा में लगाया गया। वहीं, एसडीएम नरेंद्र सिंह को विस्थापित व्यक्तियों को जिस स्थान पर रखा जाएगा, वहां ईओ नगर पालिका के साथ भ्रमण कर उनके खानपान, रहने की समुचित व्यवस्था करेंगे। प्रदेश के श्रम सेवायोजन मंत्री मनोहरलाल पंथ ने भी बांध के खुले गेटों से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू के पति घनश्याम साहू ने भी डूब क्षेत्र का भ्रमण किया। उधर, शुक्रवार की सुबह राजस्व विभाग के कर्मियों ने नुकसान का आंकलन का करने के लिए सर्वे प्रारंभ कर दिया है।
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