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दस दिन बाद भी महरौनी तक नहीं पहुंचा नहर का पानी
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महरौनी के पास सूखी पड़ी नहर
- फोटो : LALITPUR
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महरौनी (ललितपुर)। जामनी बांध से निकली दाईं नहर से विभाजित महरौनी रजबहा नहर 25 दिसंबर को खोली गई थी लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी पानी महरौनी तक नहीं पहुंच सका है। किसानों द्वारा बोई गई फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने लगी हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से नहर का पानी टेल तक पहुंचाने की मांग की है।
दाईं जामनी नहर को 25 किलोमीटर आगे ग्राम नैनवारा से नहर को दो भागों में बांट दिया गया है। नहर का संचालन ठीक से न होने पर दोनों तरफ के किसानों को समय से पानी न मिल पाने से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। कहने के लिए तो सिंचाई विभाग द्वारा महरौनी रजबहा नहर को एक नवंबर को खोला गया था लेकिन महरौनी के किसानों द्वारा काफी संघर्ष करने के बाद 25 नवंबर से पानी मिल पाया था। इसके बाद तीन दिसंबर से टीकमगढ़ रजबहा नहर को चालू किया गया। फिर पुन: 25 दिसंबर से महरौनी रजबहा नहर को खोला गया है लेकिन अब तक महरौनी मौजा तक पानी नहीं पहुंचा है।
पानी न पहुंचने से किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं और फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल को तीन सिंचाई की जरूरत पड़ती है और यहां अब तक पहली सिंचाई भी नहीं हो पाई है। किसानों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने जानबूझकर किसानों को समय से पानी न मिल पाए, ऐसा कार्य किया है।
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नहर खुले हुए दस दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक महरौनी मौजा तक पानी नही पहुंचा है। यह हर बार की स्थिति है। महरौनी के किसानों को कड़ी मशक्कत के बाद ही कुछ दिनों के लिए पानी मिल पाता है। सुंदर लाल साहू महरौनी।
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हर बार ऐसा ही होता है किसानों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है महरौनी में पानी लगातार नहीं आता। पानी की आशा में रात खेतों पर कट रही है इसके बाद खेतों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। हरिशंकर सोनी महरौनी।
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अगर ऐसा ही हाल रहा तो पैदावार कम होगी जिसका नुकसान किसानों को भोगना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे है जिस वजह से खड़ी फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है। ओम प्रकाश तिवारी।
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दाईं जामनी नहर को 25 किलोमीटर आगे ग्राम नैनवारा से नहर को दो भागों में बांट दिया गया है। नहर का संचालन ठीक से न होने पर दोनों तरफ के किसानों को समय से पानी न मिल पाने से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। कहने के लिए तो सिंचाई विभाग द्वारा महरौनी रजबहा नहर को एक नवंबर को खोला गया था लेकिन महरौनी के किसानों द्वारा काफी संघर्ष करने के बाद 25 नवंबर से पानी मिल पाया था। इसके बाद तीन दिसंबर से टीकमगढ़ रजबहा नहर को चालू किया गया। फिर पुन: 25 दिसंबर से महरौनी रजबहा नहर को खोला गया है लेकिन अब तक महरौनी मौजा तक पानी नहीं पहुंचा है।
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पानी न पहुंचने से किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं और फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल को तीन सिंचाई की जरूरत पड़ती है और यहां अब तक पहली सिंचाई भी नहीं हो पाई है। किसानों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने जानबूझकर किसानों को समय से पानी न मिल पाए, ऐसा कार्य किया है।
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नहर खुले हुए दस दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक महरौनी मौजा तक पानी नही पहुंचा है। यह हर बार की स्थिति है। महरौनी के किसानों को कड़ी मशक्कत के बाद ही कुछ दिनों के लिए पानी मिल पाता है। सुंदर लाल साहू महरौनी।
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हर बार ऐसा ही होता है किसानों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है महरौनी में पानी लगातार नहीं आता। पानी की आशा में रात खेतों पर कट रही है इसके बाद खेतों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। हरिशंकर सोनी महरौनी।
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अगर ऐसा ही हाल रहा तो पैदावार कम होगी जिसका नुकसान किसानों को भोगना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे है जिस वजह से खड़ी फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है। ओम प्रकाश तिवारी।
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