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पेयजल संकट से जूझ रहा देवगढ़
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देवगढ़ में हैंडपंप से पानी निकालने की कोशिश करती महिला
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जिले में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट बढ़ रहा है। जहां आए दिन जल स्तर गिरने से हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं, तो वहीं, जल संस्थान की मोटर भी दगा दे रही हैं। इससे आपूर्ति बाधित हो रही है। लोगों को पानी जुटाने के लिए चिलचिलाती धूप में हैंडपपंप पर परेशान होना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति ब्लॉक बिरधा के ग्राम देवगढ़ की है। जहां पर मोटर खराब होने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, तो हैंडपंपों ने भी साथ छोड़ दिया है। ऐसे में ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
वर्तमान में जनपदवासी दोहरी मार झेल रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। इससे अधिकांश लोग बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे हैं। कोरोना से बचाव को लेकर लोग अपने घरों में ही बैठे हैं, लेकिन पानी जुटाने के लिए लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। गर्मी का मौसम शुरु होते ही पेयजल का संकट भी शुरु हो गया है। अब अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जल संस्थान की मोटर भी खराब होने लगीं है। इससे पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग पानी जुटाने के लिए धूप में हैंडपंपों पर अपने बर्तन लेकर बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। कई गांव में तो आधे बर्तन पानी मिलने के बाद ही हैंडपंपों से पानी आना बंद हो जाता है। जहां पर लोगों को घंटों तक बैठकर पानी आने का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसी ही स्थिति ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम देवगढ़ की है। गांव की आबादी एक हजार है। यहां पर पानी की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत द्वारा हैंडपंप लगाए गए हैं, इनमें से केवल चार हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं। इससे लोगों को धूप में पानी जुटाने के लिए हैंडपंपों पर बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें अधिकांश हैंडपंप तो ऐसे हैं, जिनमें कुछ ही देर पानी निकलने के बाद बंद हो जाता है। जिसके, बाद ग्रामीणों को दो-दो घंटों तक बैठकर पानी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। तब, जाकर पीने मात्र के लिए पानी जुटा रहे हैं।
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वहीं, गांव में पेयजल की सुविधा के लिए जलसंस्थान के द्वारा पाइप लाइन भी डाली गई है। जो काफी पुरानी होने के कारण खराब हो गई है। कई जगहों पर लीकेज हो रहा है। नालियों का पानी तक पाइप लाइन में पहुंचता है। बीते दिनों से मोटर की बियरिंग खराब होने के कारण आपूर्ति ठप बनी हुई है। इससे लोगों को पेयजल के भीषण संकट से जूझना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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वर्तमान में जनपदवासी दोहरी मार झेल रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। इससे अधिकांश लोग बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे हैं। कोरोना से बचाव को लेकर लोग अपने घरों में ही बैठे हैं, लेकिन पानी जुटाने के लिए लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। गर्मी का मौसम शुरु होते ही पेयजल का संकट भी शुरु हो गया है। अब अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जल संस्थान की मोटर भी खराब होने लगीं है। इससे पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग पानी जुटाने के लिए धूप में हैंडपंपों पर अपने बर्तन लेकर बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। कई गांव में तो आधे बर्तन पानी मिलने के बाद ही हैंडपंपों से पानी आना बंद हो जाता है। जहां पर लोगों को घंटों तक बैठकर पानी आने का इंतजार करना पड़ता है।
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ऐसी ही स्थिति ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम देवगढ़ की है। गांव की आबादी एक हजार है। यहां पर पानी की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत द्वारा हैंडपंप लगाए गए हैं, इनमें से केवल चार हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं। इससे लोगों को धूप में पानी जुटाने के लिए हैंडपंपों पर बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें अधिकांश हैंडपंप तो ऐसे हैं, जिनमें कुछ ही देर पानी निकलने के बाद बंद हो जाता है। जिसके, बाद ग्रामीणों को दो-दो घंटों तक बैठकर पानी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। तब, जाकर पीने मात्र के लिए पानी जुटा रहे हैं।
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वहीं, गांव में पेयजल की सुविधा के लिए जलसंस्थान के द्वारा पाइप लाइन भी डाली गई है। जो काफी पुरानी होने के कारण खराब हो गई है। कई जगहों पर लीकेज हो रहा है। नालियों का पानी तक पाइप लाइन में पहुंचता है। बीते दिनों से मोटर की बियरिंग खराब होने के कारण आपूर्ति ठप बनी हुई है। इससे लोगों को पेयजल के भीषण संकट से जूझना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।