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एक माह से लगातार आ रहा नलों में मैला पानी
lalitpur
Updated Sun, 24 Jul 2016 01:43 AM IST
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पानी
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। जनपद में हुए पहली बरसात के बाद से ही शहर के नलों में मैला पानी आ रहा है। करीब एक माह से नलों में लगातार आ रहे मैले पानी के कारण लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कम मात्रा में हो रहे फिल्ट्रेशन के कारण जलापूर्ति भी कम हो पा रही है।
गोविंद सागर बांध के किनारे स्थित खेतों व नालों से बहकर आने वाला बारिश का पानी अपने साथ मिट्टी बहाकर ला रहा है। बांध का यही मटमैला पानी जल संस्थान में बने फिल्ट्रेशन प्लांट में फिल्टर होने के लिए आ रहा है। पानी के साथ बहक आ रही मिट्टी के कारण होपर व फिल्टर प्लांट बार-बार चोक हो रहे हैं। इससे सामान्य के सापेक्ष कम मात्रा में पानी का शुद्धीकरण हो पा रहा है। इसके बावजूद पानी का मटमौला पन पूरी तरह से दूूर नहीं हो पा रहा है। वहीं बची-कुची कसर पाइपलाइन के लीकेज प्वाइंट कर रहे हैं। बारिश का गंदा पानी इन लीकेज के माध्यम से पाइपलाइन में जा रहा है, जिससे नलों में मैला, गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। पेयजल के लिए नलों पर आश्रित परिवारों को विगत एक माह से लगातार पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
कमिश्नर के दौरे की सूचना पर जागा जल संस्थान
कमिश्नर के राममोहन राव का 29 व 30 जुलाई का दो दिवसीय जनपद के दौरे का कार्यक्रम तय हो गया है, इसकी सूचना भी समस्त विभागों को दे दी गई है। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के किन्हीं दो कार्यालयों के निरीक्षण का प्रोग्राम तय है। इसी सूचना मिलते ही जल संस्थान के अधिकारियों ने फिल्ट्रेशन प्लांट में जमा गंदगी व मिट्टी को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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दो दिन की परेशानी, फिर मिलेगा स्वच्छ पेयजल
ललितपुर। नगर के अपर जोन में बसे पांच वार्डों 04, 06, 14, 18 व 20 में रहने वाले करीब 30 हजार परिवारों के लिए दो दिनों तक पानी के लिए परेशानी उठाने पड़ेगी। लेकिन इसके बाद नलों में एक माह से आ रहे मैले पाने से छुटकारा मिलते हुए, स्वच्छ पेयजल नसीब हो सकेगा। जलसंस्थान द्वारा फिल्ट्रेशन प्लांट की सफाई कराई जा रही है।
गोविंद सागर बांध से पाइपों द्वारा आने वाला पानी डोड़ाघाट स्थित वार्टर वर्क्स में बने होपर (सैट्रिक टैंक) में जाता है। फिर वहां बने पिल्टरों से पानी फिल्टर होकर सीडब्लूआर टैंक में एकत्रित हो जाता है। इसके बाद पानी की जलापूर्ति करने के लिए पानी को सीडब्लूआर टेंक से पंप मशीन के सहारे ऊपर बनी टंकी में चढ़ाते हैं। शहर के नलों में जलापूर्ति करने के लिए यहां तीन फिल्ट्रेशन प्लाटं बने हुए हैं। एक फिल्ट्रेशन प्लांट से मुहल्ला गोविंद नगर व नदीपुरा के लिए जलापूर्ति की जाती है। दूसरे प्लांट से नगर के अपर जोन में गांधी नगर व नेहरू नगर के मुहल्लों में व तीसरे प्लांट से शहर के अन्य इलाकों में जलापूर्ति की जाती है। शनिवार की सुबह से जल संस्थान ने नेहरू नगर व गांधी नगर के फिल्ट्रेशन प्लांट की सफाई कराना शुरू कर दी है। इस 30 फुट गहरे प्लांट में दस-दस फुट तक मिट्टी जमी हुई है। प्लांट की पूरी सफाई के लिए दो दिन व पानी को व्यवस्थित करने में भी एक दिन अतिरिक्त लगेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब सोमवार तक अपर जोन की जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
पांच वार्डों के 30 हजार से अधिक परिवार होगे प्रभावित
इससे अपर जोन में बसे पांच वार्डों के मुहल्ले प्रभावित होंगे। इसमें वार्ड नंबर 14 का मुहल्ला आजादपुरा व करीम नगर, वार्ड नंबर 20 के मुहल्ला लेड़ियापुरा, नईबस्ती, गांधी नगर, वार्डनंबर 18 के मुहल्ला गांधी नगर व चंडीमाता मंदिर का क्षेत्र, वार्ड नंबर 04 व 06 का पूरे नेहरू नगर क्षेत्र के नलों में जलापूर्ति प्रभावित होगी। दो दिनों तक यहां करने वाले करीब तीस हजार से अधिक परिवार के लोग प्रभावित होगें।
पानी के बहकर आ रही मिट्टी से फिल्ट्रेशन प्लांट चौक हो गए हैं, इसलिए प्लांट की सफाई कराई जा रही है। इससे अपर जोन में दो दिनों तक जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
- देवी प्रसाद राय, अवर अभियंता जल संस्थान
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गोविंद सागर बांध के किनारे स्थित खेतों व नालों से बहकर आने वाला बारिश का पानी अपने साथ मिट्टी बहाकर ला रहा है। बांध का यही मटमैला पानी जल संस्थान में बने फिल्ट्रेशन प्लांट में फिल्टर होने के लिए आ रहा है। पानी के साथ बहक आ रही मिट्टी के कारण होपर व फिल्टर प्लांट बार-बार चोक हो रहे हैं। इससे सामान्य के सापेक्ष कम मात्रा में पानी का शुद्धीकरण हो पा रहा है। इसके बावजूद पानी का मटमौला पन पूरी तरह से दूूर नहीं हो पा रहा है। वहीं बची-कुची कसर पाइपलाइन के लीकेज प्वाइंट कर रहे हैं। बारिश का गंदा पानी इन लीकेज के माध्यम से पाइपलाइन में जा रहा है, जिससे नलों में मैला, गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। पेयजल के लिए नलों पर आश्रित परिवारों को विगत एक माह से लगातार पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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कमिश्नर के दौरे की सूचना पर जागा जल संस्थान
कमिश्नर के राममोहन राव का 29 व 30 जुलाई का दो दिवसीय जनपद के दौरे का कार्यक्रम तय हो गया है, इसकी सूचना भी समस्त विभागों को दे दी गई है। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के किन्हीं दो कार्यालयों के निरीक्षण का प्रोग्राम तय है। इसी सूचना मिलते ही जल संस्थान के अधिकारियों ने फिल्ट्रेशन प्लांट में जमा गंदगी व मिट्टी को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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दो दिन की परेशानी, फिर मिलेगा स्वच्छ पेयजल
ललितपुर। नगर के अपर जोन में बसे पांच वार्डों 04, 06, 14, 18 व 20 में रहने वाले करीब 30 हजार परिवारों के लिए दो दिनों तक पानी के लिए परेशानी उठाने पड़ेगी। लेकिन इसके बाद नलों में एक माह से आ रहे मैले पाने से छुटकारा मिलते हुए, स्वच्छ पेयजल नसीब हो सकेगा। जलसंस्थान द्वारा फिल्ट्रेशन प्लांट की सफाई कराई जा रही है।
गोविंद सागर बांध से पाइपों द्वारा आने वाला पानी डोड़ाघाट स्थित वार्टर वर्क्स में बने होपर (सैट्रिक टैंक) में जाता है। फिर वहां बने पिल्टरों से पानी फिल्टर होकर सीडब्लूआर टैंक में एकत्रित हो जाता है। इसके बाद पानी की जलापूर्ति करने के लिए पानी को सीडब्लूआर टेंक से पंप मशीन के सहारे ऊपर बनी टंकी में चढ़ाते हैं। शहर के नलों में जलापूर्ति करने के लिए यहां तीन फिल्ट्रेशन प्लाटं बने हुए हैं। एक फिल्ट्रेशन प्लांट से मुहल्ला गोविंद नगर व नदीपुरा के लिए जलापूर्ति की जाती है। दूसरे प्लांट से नगर के अपर जोन में गांधी नगर व नेहरू नगर के मुहल्लों में व तीसरे प्लांट से शहर के अन्य इलाकों में जलापूर्ति की जाती है। शनिवार की सुबह से जल संस्थान ने नेहरू नगर व गांधी नगर के फिल्ट्रेशन प्लांट की सफाई कराना शुरू कर दी है। इस 30 फुट गहरे प्लांट में दस-दस फुट तक मिट्टी जमी हुई है। प्लांट की पूरी सफाई के लिए दो दिन व पानी को व्यवस्थित करने में भी एक दिन अतिरिक्त लगेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब सोमवार तक अपर जोन की जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
पांच वार्डों के 30 हजार से अधिक परिवार होगे प्रभावित
इससे अपर जोन में बसे पांच वार्डों के मुहल्ले प्रभावित होंगे। इसमें वार्ड नंबर 14 का मुहल्ला आजादपुरा व करीम नगर, वार्ड नंबर 20 के मुहल्ला लेड़ियापुरा, नईबस्ती, गांधी नगर, वार्डनंबर 18 के मुहल्ला गांधी नगर व चंडीमाता मंदिर का क्षेत्र, वार्ड नंबर 04 व 06 का पूरे नेहरू नगर क्षेत्र के नलों में जलापूर्ति प्रभावित होगी। दो दिनों तक यहां करने वाले करीब तीस हजार से अधिक परिवार के लोग प्रभावित होगें।
पानी के बहकर आ रही मिट्टी से फिल्ट्रेशन प्लांट चौक हो गए हैं, इसलिए प्लांट की सफाई कराई जा रही है। इससे अपर जोन में दो दिनों तक जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
- देवी प्रसाद राय, अवर अभियंता जल संस्थान