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Lalitpur News: जिले में अब चार श्रेणियों में होगा कचरे का निस्तारण

Sat, 22 Aug 2026 12:55 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:55 AM IST
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Waste disposal in the district will now be carried out in four categories.
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में हुआ बदलाव: चार प्रकार से होगा कचरा का निस्तारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में अब तक कचरे को तीन प्रकार से बांटकर निस्तारित किया जाता था, लेकिन शासन की नई नीति के अनुसार अब कचरे का चार श्रेणियों में निस्तारण किया जाएगा। इसके तहत सूखा कचरा, गीला कचरा, सैनेटरी कचरा और बेस्ट मेडिकल (बायोमेडिकल) कचरे को अलग-अलग संग्रहित कर निस्तारित किया जाएगा।
नई नीति के प्रावधानों के अनुसार, 20,000 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र या 40,000 लीटर से अधिक पानी की खपत करने वाली संस्थाओं और प्रतिदिन 100 किलोग्राम कचरा उत्पन्न करने वाली इकाइयों को थोक अपशिष्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इन्हें अपना पंजीयन कराना होगा। इसके साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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जिला पंचायत राज विभाग ने नई नीति के तहत कचरा निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे के साथ-साथ वहां स्थित बड़ी संस्थाओं और इकाइयों के कचरे की भी निगरानी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मानकों के अनुरूप जांच कराकर नई नीति का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
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चार श्रेणियों में बंटा कचरा और उसका निस्तारण
गीला कचरा: रसोई का कचरा, सब्जी व फल, बचा हुआ खाना और फूल-पत्तियां आदि। इसे कंपोस्टिंग या बायो-प्रोसेसिंग के जरिए निस्तारित करके जैविक खाद बनाई जाएगी।
सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच, लकड़ी और रबर आदि। इन्हें मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर भेजा जाएगा।
सैनेटरी कचरा: उपयोग किए गए डायपर, सैनेटरी नैपकिन, टिश्यू, मास्क और टैंपोन आदि। इन्हें सुरक्षित तरीके से अलग रखकर उचित व्यवस्था के तहत निस्तारित किया जाएगा।
विशेष देखभाल कचरा- चद्दर के डिब्बे, मरकरी थर्मामीटर, बैटरियां, एक्सपायर्ड दवाइयां व अन्य सामान को अधिकृत एजेंसियां इकट्ठा कर निस्तारण करेंगी।
कोट
कचरा निस्तारण की नई नीति आई है। इसमें चार प्रकार से कचरा का निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। मानक अनुरूप कार्य कराया जाएगा।
- कुंवर सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी
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