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क्रय केंद्रों की गोदामें फुल, कैसी हो खरीद
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क्रय केंद्र पर रखी गेहूं की बोरी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। इस समय जिले के किसानों के सामने अजीबोगरीब स्थिति है। जहां गल्ला मंडी में टोकन की व्यवस्था लागू होने से किसान परेशान हो रहा है। वहीं, गेहूं खरीद केंद्रों पर गोदामों के फुल हो जाने से उपज की तुलाई नहीं हो पा रही है। हालात ये है कि किसानों को तुलाई के लिए तीन से चार दिन तक खरीद केंद्रों पर गुजारने पड़ रहे हैं। इसके बाद भुगतान के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं, सो अलग।
जिले में किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जहां कोरोना महामारी के चलते लंबे समय तक गल्ला मंडी बंद रही। किसानों और व्यापारियों के अनुरोध पर गल्ला मंडी में कामकाज दोबारा शुरू हुआ, लेकिन सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए टोकन व्यवस्था लागू कर दी गई। इससे किसानों को गल्ला मंडी में कई घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, क्रय केंद्रों के भी हालात ठीक नहीं हैं। कई केंद्रों पर गेहूं के उठान की समस्या उत्पन्न हो गई है।
अमरपुर मंडी में संचालित कई केंद्रों पर किसानों को तीन से चार दिन तक तुलाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, इसके बाद भी उनका नंबर नहीं आ पा रहा है। भारतीय खाद्य निगम के केंद्र पर सुबह दस बजे से गेहूं की तुलाई नहीं हो सकी थी। इस पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी से केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब करने की बात कही है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो 36531.80 मीट्रिक टन गेहूं खरीद के सापेक्ष 23330.80 मीट्रिक टन गेहूं वेयर हाउस में भेजा जा चुका है, जबकि 13201 मीट्रिक टन का उठान शेष है। यही नहीं, किसानों का 4563 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। इससे किसानों की समस्याओं का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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इस समय जिले में चावल की रैक आ गई है, जिसमें श्रमिक लगे हुए हैं। सोशल डिस्टेंस के कारण लेबर की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती है। कुछ दिनों में समस्या का समाधान हो जाएगा।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जिलाधिकारी द्वारा रोस्टर बनाया गया है, उसके हिसाब से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। बुढ़वार वेयर हाउस पर 55 से अधिक गेहूं की गाड़ियां खड़ी हुई हैं। इस संबंध में उच्चस्थ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक सहकारिता
चावल की रैक आ गई है, जिसका उठान 28 मई तक किया जाना है। इस समय पल्लेदार चावल उतारने में लगे हुए हैं। इससे गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। दो दिन में गेहूं उठान की समस्या निदान हो जाएगा।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी
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जिले में किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जहां कोरोना महामारी के चलते लंबे समय तक गल्ला मंडी बंद रही। किसानों और व्यापारियों के अनुरोध पर गल्ला मंडी में कामकाज दोबारा शुरू हुआ, लेकिन सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए टोकन व्यवस्था लागू कर दी गई। इससे किसानों को गल्ला मंडी में कई घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, क्रय केंद्रों के भी हालात ठीक नहीं हैं। कई केंद्रों पर गेहूं के उठान की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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अमरपुर मंडी में संचालित कई केंद्रों पर किसानों को तीन से चार दिन तक तुलाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, इसके बाद भी उनका नंबर नहीं आ पा रहा है। भारतीय खाद्य निगम के केंद्र पर सुबह दस बजे से गेहूं की तुलाई नहीं हो सकी थी। इस पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी से केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब करने की बात कही है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो 36531.80 मीट्रिक टन गेहूं खरीद के सापेक्ष 23330.80 मीट्रिक टन गेहूं वेयर हाउस में भेजा जा चुका है, जबकि 13201 मीट्रिक टन का उठान शेष है। यही नहीं, किसानों का 4563 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। इससे किसानों की समस्याओं का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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इस समय जिले में चावल की रैक आ गई है, जिसमें श्रमिक लगे हुए हैं। सोशल डिस्टेंस के कारण लेबर की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती है। कुछ दिनों में समस्या का समाधान हो जाएगा।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जिलाधिकारी द्वारा रोस्टर बनाया गया है, उसके हिसाब से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। बुढ़वार वेयर हाउस पर 55 से अधिक गेहूं की गाड़ियां खड़ी हुई हैं। इस संबंध में उच्चस्थ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक सहकारिता
चावल की रैक आ गई है, जिसका उठान 28 मई तक किया जाना है। इस समय पल्लेदार चावल उतारने में लगे हुए हैं। इससे गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। दो दिन में गेहूं उठान की समस्या निदान हो जाएगा।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी

खरीद केंद्र पर तुलने के इंतजार में रखा त्रिपाल में ढका गेहूं- फोटो : LALITPUR

ल्ला मंडी के सामने हाइवे पर खड़े गल्ला से भरे ट्रैक्टर- फोटो : LALITPUR