{"_id":"5e822a868ebc3e76c83e256a","slug":"villagers-are-in-fear-caused-by-migratin-taldehate-news-jhs163573786","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहर से आने वाले मजदूूरों से ग्रामीण दहशत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहर से आने वाले मजदूूरों से ग्रामीण दहशत में
विज्ञापन
कैप्सन - गांव में दवा का छिड़काव करातीं ग्राम प्रधान
- फोटो : TALDEHATE
तालबेहट। महानगरों में काम करने वाले लोगों के लौटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण क्षेत्र के लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर खौफ बना है।
लॉकडाउन में प्रशासन ने लोगों को सड़कों पर, घरों से बाहर घूमने एवं झुंड बनाने पर काफी सख्ती की है, जिसका असर दिखा, परंतु कुछ लोग अभी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। नगर की सड़कों और बाजारों में बिना काम के लोग घूम रहे हैं। बुरा तो उस समय लगता है जब सड़कों पर वृद्ध घूमते हैं, जिन्हें स्पष्ट रूप से घरों के अंदर रहने के निर्देश हैं।
उधर, देश के महानगरों से मजदूरों आने का सिलसिला जारी है। समाजसेवी लोग पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मजदूरों को खाना खिला रहे हैं और उन्हें गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था भी कर रहे हैं। प्रतिदिन बाहर से आ रहे मजदूरों के कारण अब लोग चिंतित हो रहे हैं।
विज्ञापन
दवाई का छिड़काव करातीं ग्राम प्रधान
तालबेहट। कोरोना जैसी महामारी को समाप्त करने की मुहिम में विकासखंड की महिला जनप्रतिनिधि भी पीछे नहीं हैं। वह गांव में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहीं हैं।
विकासखंड के जमालपुर की ग्राम प्रधान पार्वती यादव गांव में सफाई कर्मचारी नहीं होने के बावजूद चार मजदूरों से पूरे गांव में दवा का छिड़काव और नालियों की साफ-सफाई करा रही हैं। उन्होंने बताया कि गांव के गरीबों को मास्क और साबुन वितरण किया गया है और उसने अपने घरों में रहने की अपील भी की है।
लॉकडाउन का बनाया जा रहा मजाक
खांदी/तालबेहट। बिना मास्क और बिना डिस्टेंसिंग के एक साथ खड़े होकर कुछ लोग लॉकडाउन को मजाक बना रहे हैं। ऐसी ही स्थिति गांव के कई क्षेत्रों की है। जहां पर कुछ लोग कोरोना वायरस के संक्रमण को मजाक बनाकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस नियंत्रण को लेकर तमाम निर्देश दिए जा रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश सरकार भी गंभीर है। बाहरी लोगों के आने-जाने पर नजर रखी जा रही है। लेकिन, स्थानीय लोग कोरोना वायरस के संक्रमण जैसे खतरे को लेकर सजग नहीं हैं। बचाव के उपायों को ताक पर रख रहे हैं। ऐसी ही स्थिति सोमवार को रही, जब अधिकांश लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर खड़े नजर आए। पुलिस के आने पर यह लोग अपने अपने घरों में छिप जाते हैं और बाद में बाहर निकल आते हैं।
बाहर से आए मजदूूूरों का स्वास्थ्य परीक्षण
नत्थीखेड़ा। विकासखंड तालबेहट के ग्राम नत्थीखेड़ा में दिल्ली से मजदूरों के आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जाकर मरीजों का परीक्षण किया और उन्हें 14 दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी।
लगभग 16 मजदूर जो दिल्ली के आसपास मजदूरी का कार्य करते थे, सोमवार की सुबह गांव आ गए। उनके आने की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान सेवाराम राजपूत ने स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। इस पर तालबेहट से स्वास्थ्य विभाग की टीम गई। टीम ने मजदूरों का परीक्षण किया। सभी को घर से बाहर न निकलने के निर्देश दिए। राशन नहीं होने पर या अन्य कोई भी परेशानी होने पर ग्राम प्रधान को फोन पर ही सूचित करने के लिए कहा। इसके अलावा टीम ने सभी लोगों से अपने घरों में रहने की अपील की है।
विज्ञापन
लॉकडाउन में प्रशासन ने लोगों को सड़कों पर, घरों से बाहर घूमने एवं झुंड बनाने पर काफी सख्ती की है, जिसका असर दिखा, परंतु कुछ लोग अभी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। नगर की सड़कों और बाजारों में बिना काम के लोग घूम रहे हैं। बुरा तो उस समय लगता है जब सड़कों पर वृद्ध घूमते हैं, जिन्हें स्पष्ट रूप से घरों के अंदर रहने के निर्देश हैं।
विज्ञापन
उधर, देश के महानगरों से मजदूरों आने का सिलसिला जारी है। समाजसेवी लोग पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मजदूरों को खाना खिला रहे हैं और उन्हें गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था भी कर रहे हैं। प्रतिदिन बाहर से आ रहे मजदूरों के कारण अब लोग चिंतित हो रहे हैं।
विज्ञापन
दवाई का छिड़काव करातीं ग्राम प्रधान
तालबेहट। कोरोना जैसी महामारी को समाप्त करने की मुहिम में विकासखंड की महिला जनप्रतिनिधि भी पीछे नहीं हैं। वह गांव में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहीं हैं।
विकासखंड के जमालपुर की ग्राम प्रधान पार्वती यादव गांव में सफाई कर्मचारी नहीं होने के बावजूद चार मजदूरों से पूरे गांव में दवा का छिड़काव और नालियों की साफ-सफाई करा रही हैं। उन्होंने बताया कि गांव के गरीबों को मास्क और साबुन वितरण किया गया है और उसने अपने घरों में रहने की अपील भी की है।
लॉकडाउन का बनाया जा रहा मजाक
खांदी/तालबेहट। बिना मास्क और बिना डिस्टेंसिंग के एक साथ खड़े होकर कुछ लोग लॉकडाउन को मजाक बना रहे हैं। ऐसी ही स्थिति गांव के कई क्षेत्रों की है। जहां पर कुछ लोग कोरोना वायरस के संक्रमण को मजाक बनाकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस नियंत्रण को लेकर तमाम निर्देश दिए जा रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश सरकार भी गंभीर है। बाहरी लोगों के आने-जाने पर नजर रखी जा रही है। लेकिन, स्थानीय लोग कोरोना वायरस के संक्रमण जैसे खतरे को लेकर सजग नहीं हैं। बचाव के उपायों को ताक पर रख रहे हैं। ऐसी ही स्थिति सोमवार को रही, जब अधिकांश लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर खड़े नजर आए। पुलिस के आने पर यह लोग अपने अपने घरों में छिप जाते हैं और बाद में बाहर निकल आते हैं।
बाहर से आए मजदूूूरों का स्वास्थ्य परीक्षण
नत्थीखेड़ा। विकासखंड तालबेहट के ग्राम नत्थीखेड़ा में दिल्ली से मजदूरों के आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जाकर मरीजों का परीक्षण किया और उन्हें 14 दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी।
लगभग 16 मजदूर जो दिल्ली के आसपास मजदूरी का कार्य करते थे, सोमवार की सुबह गांव आ गए। उनके आने की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान सेवाराम राजपूत ने स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। इस पर तालबेहट से स्वास्थ्य विभाग की टीम गई। टीम ने मजदूरों का परीक्षण किया। सभी को घर से बाहर न निकलने के निर्देश दिए। राशन नहीं होने पर या अन्य कोई भी परेशानी होने पर ग्राम प्रधान को फोन पर ही सूचित करने के लिए कहा। इसके अलावा टीम ने सभी लोगों से अपने घरों में रहने की अपील की है।