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बाढ़ से घिरे गांवों को राहत पहुंचाने को आपदा प्रबंधन योजना होगी तैयार
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ललितपुर। बारिश के दौरान जनपद में बाढ़ जैसी आपदा में घिरने वाले गांवों को बचाने एवं राहत पहुंचाने के लिए जिला आपदा प्रबंधन योजना द्वारा शासन के निर्देश पर 28 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ताकि गर्मियों के बाद बारिश में बाढ़ की स्थिति में जोखिम कम किया जा सके। इसके लिए जिला आपदा विशेषज्ञ को जिम्मेदारी दी गई है।
जिला आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया कि शासन द्वारा जनपद स्तर एवं ग्राम स्तर पर समय-समय पर आने वाली बाढ़ के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत गांव स्तर पर नोडल अधिकारी प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे। जो समस्त विभागों से समन्वय स्थापित करके गांव की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, सड़क एवं रेलवे स्टेशन आदि को दृष्टिगत रखते हुए 28 बिंदुओं पर योजना तैयार करेंगे। जिसके तहत चिह्नित गांव और उसकी पृष्ठभूमि, गांव पहुंचने के लिए सड़क या रेलवे मार्ग मानचित्र सहित, ग्राम स्तर पर उपलब्ध सुविधाएं, ग्राम की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय स्थिति, भौगोलिक क्षेत्रफल, शिक्षा एवं साक्षरता, भवनों के प्रकार, पेयजल की स्थिति, स्वच्छता, आर्थिक गतिविधियां-आजीविका एवं रोजगार, पशुपालन, मौसमी मानचित्रीकरण, राजनीतिक परिदृश्य, ग्राम में जोखिम खतरा, सार्वजनिक संपत्ति एवं अन्य संरचनाएं, नाजुकता/खतरा बढ़ाने वाली मानवीय गतिविधियां एवं दैनिक दिनचर्या, ग्राम पंचायत आपदा जोखिम न्यूनीकरण समिति का विवरण, क्षमताएं-ज्ञान और कौशल, आकस्मिक प्रबंध योजना, टास्क फोर्स का गठन, उपलब्ध संसाधनों एवं सामग्रियों की सूची, मॉकड्रिल, सूचना व्यवस्था, आपात परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, दिव्यांगों की सूची आदि बिंदुओं पर जिला आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है।
यही नहीं शासन द्वारा वर्ष 2016 से अब तक बाढ़ की स्थिति के संबंध में भी डाटा मांगा गया है। जिसे जिला आपदा विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह योजना अप्रैल माह के अंत तक तैयार करके इसकी रिपोर्ट तहसील एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारी के समक्ष रखी जाएगी। जिसके आधार पर जिलाधिकारी बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधी सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
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जिला आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया कि शासन द्वारा जनपद स्तर एवं ग्राम स्तर पर समय-समय पर आने वाली बाढ़ के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत गांव स्तर पर नोडल अधिकारी प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे। जो समस्त विभागों से समन्वय स्थापित करके गांव की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, सड़क एवं रेलवे स्टेशन आदि को दृष्टिगत रखते हुए 28 बिंदुओं पर योजना तैयार करेंगे। जिसके तहत चिह्नित गांव और उसकी पृष्ठभूमि, गांव पहुंचने के लिए सड़क या रेलवे मार्ग मानचित्र सहित, ग्राम स्तर पर उपलब्ध सुविधाएं, ग्राम की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय स्थिति, भौगोलिक क्षेत्रफल, शिक्षा एवं साक्षरता, भवनों के प्रकार, पेयजल की स्थिति, स्वच्छता, आर्थिक गतिविधियां-आजीविका एवं रोजगार, पशुपालन, मौसमी मानचित्रीकरण, राजनीतिक परिदृश्य, ग्राम में जोखिम खतरा, सार्वजनिक संपत्ति एवं अन्य संरचनाएं, नाजुकता/खतरा बढ़ाने वाली मानवीय गतिविधियां एवं दैनिक दिनचर्या, ग्राम पंचायत आपदा जोखिम न्यूनीकरण समिति का विवरण, क्षमताएं-ज्ञान और कौशल, आकस्मिक प्रबंध योजना, टास्क फोर्स का गठन, उपलब्ध संसाधनों एवं सामग्रियों की सूची, मॉकड्रिल, सूचना व्यवस्था, आपात परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, दिव्यांगों की सूची आदि बिंदुओं पर जिला आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है।
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यही नहीं शासन द्वारा वर्ष 2016 से अब तक बाढ़ की स्थिति के संबंध में भी डाटा मांगा गया है। जिसे जिला आपदा विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह योजना अप्रैल माह के अंत तक तैयार करके इसकी रिपोर्ट तहसील एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारी के समक्ष रखी जाएगी। जिसके आधार पर जिलाधिकारी बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधी सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
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