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Lalitpur News: जामनी में महज 5.40% और गोविंद सागर में 17% उपयोगी पानी, सिंचाई को लेकर बढ़ी चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के प्रमुख जलाशयों में पानी की उपलब्धता चिंताजनक बनी हुई है। जून और जुलाई में अब तक हुई बारिश गोविंद सागर और जामनी बांध के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। स्थिति यह है कि जामनी बांध में केवल 5.40 प्रतिशत और गोविंद सागर बांध में 17 प्रतिशत उपयोगी जल ही शेष बचा है। फिलहाल पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो आगामी रबी सीजन में सिंचाई संकट गहरा सकता है।
शहर के समीप शहजाद नदी पर निर्मित गोविंद सागर बांध और महरौनी-मड़ावरा क्षेत्र में जामनी नदी पर बने जामनी बांध का उपयोग सिंचाई, पेयजल और अन्य आवश्यकताओं के लिए किया जाता है। दोनों जलाशय अपने-अपने क्षेत्रों की जीवनरेखा माने जाते हैं। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16 जून को गोविंद सागर बांध का जलस्तर 359.24 मीटर था, जो 20 जुलाई को बढ़कर 359.57 मीटर पहुंचा। यानी एक माह में जलस्तर में केवल मामूली वृद्धि दर्ज हुई। वहीं जामनी बांध का जलस्तर 16 जून को 397.55 मीटर था, जो 20 जुलाई को घटकर 397.52 मीटर रह गया। इससे स्पष्ट है कि बारिश के बावजूद जामनी बांध में जलभराव की स्थिति नहीं बन सकी।
मौजूदा समय में गोविंद सागर बांध में 13.59 एमसीएम पानी उपलब्ध है, जो इसकी क्षमता का 17 प्रतिशत है। वहीं जामनी बांध में मात्र 4.50 एमसीएम पानी शेष है, जो कुल क्षमता का 5.40 प्रतिशत है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। खरीफ सीजन के बीच कमजोर मानसून और जलाशयों में कम पानी को देखते हुए किसान आगामी रबी फसल की सिंचाई को लेकर आशंकित हैं।
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हालांकि सिंचाई विभाग का कहना है कि फिलहाल पेयजल परियोजनाओं और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। जिले में पिछले दो दिनों से मानसून सक्रिय हुआ है। 19 जुलाई को 12.64 मिमी और 20 जुलाई को 12.85 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ेगा।
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बांधों में वर्तमान में इतना पानी उपलब्ध है कि पेयजल आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो जलाशय पुनः भर जाएंगे और सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।
-भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड
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जिले के प्रमुख बांधों में पानी की उपलब्धता
बांध
वर्तमान जलस्तर (मीटर)
उपयोगी जल (एमसीएम) भंडारित पानी (%)
गोविंद सागर
359.57
13.59
17.00
शहजाद
318.78
66.26
54.50
जामनी 397.52
4.50
5.40
सजनाम
369.48
19.19
25.60
रोहिणी
393.30
0.38
4.60
उटारी
323.50
1.23
10.10
राजघाट
365.75
962.50
49.40
माताटीला
302.94
77.74
13.80
कचनौंदा
340.15
26.95
44.20
लोअर रोहिणी
363.95
0.68
5.70
जमड़ार
365.60
3.32
20.70
भावनी
310.32
10.61
44.50
बंडई
397.00
0.00
0.00
भौंरट (निर्माणाधीन)
354.60
0.12
0.30
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
पांच वर्षों की तुलना में कमजोर रहा मानसून
जून माह में जिले में 93 मिमी वर्षा का मानक है, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 85 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जून में 210.40 मिमी वर्षा हुई थी। जुलाई में भी अब तक बारिश की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है, जिसका असर सीधे बांधों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है।
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ललितपुर। जिले के प्रमुख जलाशयों में पानी की उपलब्धता चिंताजनक बनी हुई है। जून और जुलाई में अब तक हुई बारिश गोविंद सागर और जामनी बांध के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। स्थिति यह है कि जामनी बांध में केवल 5.40 प्रतिशत और गोविंद सागर बांध में 17 प्रतिशत उपयोगी जल ही शेष बचा है। फिलहाल पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो आगामी रबी सीजन में सिंचाई संकट गहरा सकता है।
शहर के समीप शहजाद नदी पर निर्मित गोविंद सागर बांध और महरौनी-मड़ावरा क्षेत्र में जामनी नदी पर बने जामनी बांध का उपयोग सिंचाई, पेयजल और अन्य आवश्यकताओं के लिए किया जाता है। दोनों जलाशय अपने-अपने क्षेत्रों की जीवनरेखा माने जाते हैं। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16 जून को गोविंद सागर बांध का जलस्तर 359.24 मीटर था, जो 20 जुलाई को बढ़कर 359.57 मीटर पहुंचा। यानी एक माह में जलस्तर में केवल मामूली वृद्धि दर्ज हुई। वहीं जामनी बांध का जलस्तर 16 जून को 397.55 मीटर था, जो 20 जुलाई को घटकर 397.52 मीटर रह गया। इससे स्पष्ट है कि बारिश के बावजूद जामनी बांध में जलभराव की स्थिति नहीं बन सकी।
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मौजूदा समय में गोविंद सागर बांध में 13.59 एमसीएम पानी उपलब्ध है, जो इसकी क्षमता का 17 प्रतिशत है। वहीं जामनी बांध में मात्र 4.50 एमसीएम पानी शेष है, जो कुल क्षमता का 5.40 प्रतिशत है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। खरीफ सीजन के बीच कमजोर मानसून और जलाशयों में कम पानी को देखते हुए किसान आगामी रबी फसल की सिंचाई को लेकर आशंकित हैं।
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हालांकि सिंचाई विभाग का कहना है कि फिलहाल पेयजल परियोजनाओं और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। जिले में पिछले दो दिनों से मानसून सक्रिय हुआ है। 19 जुलाई को 12.64 मिमी और 20 जुलाई को 12.85 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ेगा।
बांधों में वर्तमान में इतना पानी उपलब्ध है कि पेयजल आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो जलाशय पुनः भर जाएंगे और सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।
-भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड
जिले के प्रमुख बांधों में पानी की उपलब्धता
बांध
वर्तमान जलस्तर (मीटर)
उपयोगी जल (एमसीएम) भंडारित पानी (%)
गोविंद सागर
359.57
13.59
17.00
शहजाद
318.78
66.26
54.50
जामनी 397.52
4.50
5.40
सजनाम
369.48
19.19
25.60
रोहिणी
393.30
0.38
4.60
उटारी
323.50
1.23
10.10
राजघाट
365.75
962.50
49.40
माताटीला
302.94
77.74
13.80
कचनौंदा
340.15
26.95
44.20
लोअर रोहिणी
363.95
0.68
5.70
जमड़ार
365.60
3.32
20.70
भावनी
310.32
10.61
44.50
बंडई
397.00
0.00
0.00
भौंरट (निर्माणाधीन)
354.60
0.12
0.30
पांच वर्षों की तुलना में कमजोर रहा मानसून
जून माह में जिले में 93 मिमी वर्षा का मानक है, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 85 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जून में 210.40 मिमी वर्षा हुई थी। जुलाई में भी अब तक बारिश की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है, जिसका असर सीधे बांधों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है।