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अंडरग्राउंड केबल बिछाने में मानकों की अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2016 12:57 AM IST
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bitut bibhag, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य शुरू होते ही मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने शहर में बिछाई जा चुकी अंडरग्राउंड केबल का सर्वे कराने का जिम्मा शहरी क्षेत्र के उपखंड अधिकारी को सौंपा है।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली चोरी रोकने और ओवरलोड की समस्या पूर्ण रूप से दूर करने के लिए शहरी क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से इसी वर्ष बिछाई गई बंच केबल हटाकर अंडरग्राउंड केबल बिछाई जा रही है। इसका जिम्मा मैनपुरी की प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है। शहर में अंडरग्राउंड केबल 44 करोड़ रुपये की लागत से सौ किलोमीटर की गलियों व मुख्य सड़कों पर जमीन के नीचे बिछाई जा रही है। कंपनी द्वारा केबल बिछाने का कार्य शुरू भी कर दिया गया है। कंपनी द्वारा शहर में फीडर नंबर पांच और घंटाघर फीडर के अंतर्गत आने वाले मुहल्लों में सबसे पहले अंडर ग्राउंड केबल बिछाई जा रही है।
लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा केबल बिछाने में कंपनी द्वारा क्षेत्र में क्षमता के अनुसार मानकों की अनदेखी होने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते शुक्रवार को अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने कंपनी के अधिकारियों से मानकों की जानकारी ली और इसका सर्वे कराए जाने के लिए उपखंड अधिकारी प्रथम अखिलेश कुमार वर्मा को जिम्मा सौंपा है। उपखंड अधिकारी ने बताया कि उन्हें कंपनी द्वारा कराए जा रहे अंडरग्राउंड केबल का सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है, वह शीघ्र ही शहर में बिछाई जा रही अंडरग्राउंड विद्युत केबल का सर्वे कर जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंपेंगे।
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वहीं, नगर पालिका द्वारा भी कंपनी द्वारा अंडरग्राउंड केबल बिछाने में बिना विभाग की अनुमति के कार्य करने पर नोटिस दिया है, जबकि कंपनी के अधिकारी उक्त अंडर ग्राउंड केबल का कार्य शासन की मंजूरी मिलने पर किए जाना बता रहे हैं, इसके चलते उन्हें नगर पालिका से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं है और जरूरत पड़ने पर नगर पालिका से सहयोग देने की बात भी कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी का विद्युत विभाग और नगर पालिका से शुरुआत में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली चोरी रोकने और ओवरलोड की समस्या पूर्ण रूप से दूर करने के लिए शहरी क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से इसी वर्ष बिछाई गई बंच केबल हटाकर अंडरग्राउंड केबल बिछाई जा रही है। इसका जिम्मा मैनपुरी की प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है। शहर में अंडरग्राउंड केबल 44 करोड़ रुपये की लागत से सौ किलोमीटर की गलियों व मुख्य सड़कों पर जमीन के नीचे बिछाई जा रही है। कंपनी द्वारा केबल बिछाने का कार्य शुरू भी कर दिया गया है। कंपनी द्वारा शहर में फीडर नंबर पांच और घंटाघर फीडर के अंतर्गत आने वाले मुहल्लों में सबसे पहले अंडर ग्राउंड केबल बिछाई जा रही है।
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लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा केबल बिछाने में कंपनी द्वारा क्षेत्र में क्षमता के अनुसार मानकों की अनदेखी होने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते शुक्रवार को अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने कंपनी के अधिकारियों से मानकों की जानकारी ली और इसका सर्वे कराए जाने के लिए उपखंड अधिकारी प्रथम अखिलेश कुमार वर्मा को जिम्मा सौंपा है। उपखंड अधिकारी ने बताया कि उन्हें कंपनी द्वारा कराए जा रहे अंडरग्राउंड केबल का सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है, वह शीघ्र ही शहर में बिछाई जा रही अंडरग्राउंड विद्युत केबल का सर्वे कर जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंपेंगे।
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वहीं, नगर पालिका द्वारा भी कंपनी द्वारा अंडरग्राउंड केबल बिछाने में बिना विभाग की अनुमति के कार्य करने पर नोटिस दिया है, जबकि कंपनी के अधिकारी उक्त अंडर ग्राउंड केबल का कार्य शासन की मंजूरी मिलने पर किए जाना बता रहे हैं, इसके चलते उन्हें नगर पालिका से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं है और जरूरत पड़ने पर नगर पालिका से सहयोग देने की बात भी कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी का विद्युत विभाग और नगर पालिका से शुरुआत में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।