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बालू कारोबारियों की आंखों में लौटी चमक

Sun, 18 Aug 2019 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 12:42 AM IST
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unauthorised bussniss
शहजाद नदी से बालू भरते लोग - फोटो : LALITPUR
बालू कारोबारियों की आंखों में लौटी चमक
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ललितपुर। गोविंद सागर बांध के गेट बंद होने से शहजाद नदी में बालू खनन का खेल आरंभ हो गया है। नदी में पानी के साथ आई बालू को देख बालू कारोबारियों की आंखों में चमक लौट आई है। नदियों से बालू के उठान पर प्रतिबंध होने के बाद भी कारोबारियों ने नदी से जगह-जगह खनन शुरू कर दिया है। कुछ स्थानीय लोग भी जरूरत पूरी करने के लिए बालू उठा रहे हैं।
बरसात के मौसम में लगातार बारिश में नदियां उफान पर आ जातीं है। कभी-कभी अधिक बारिश के चलते नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में पानी के बहाव के साथ बालू भी आ जाती है। नदी में पानी कम होने पर कुछ लोग बालू का उठान करने लगते हैं। कुछ बालू कारोबारी भी बालू का उठान करवाना शुरु कर देते है। ऐसे में किसी की जान को खतरा हो सकता है। जिसको लेकर खनिज विभाग द्वारा तीन माह के लिए बालू के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाता है। जुलाई से शुरु होकर सितंबर माह तक के लिए जिले में खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन खनन कारोबारी नदियों में पानी आने से बालू निकालने के लिए सक्रिय हो गए हैं। ऐसी स्थित शहर से निकली शहजाद नदी पर देखने को मिल रही है। जहां पर बीते दिनों मध्यप्रदेश व जिले में हुई बारिश के बाद गोविंद सागर बांध का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से सिंचाई विभाग ने बांध के गेट खोले। साथ ही स्वचलित साइफन भी शुरु हो गए। इससे शहजाद नदी उफान पर रही। इससे नदी में बालू आ गई है। बांध के गेट खुलने से नदी का जलस्तर कम हो गया है। नदी में बालू देखने से बालू कारोबारियों की आंखों में चमक आ गई है। आलम यह है कि यहां पर अधिकांश लोगों ने नदी से बालू खनन करना शुरु कर दिया है। कुछ खनन कारोबारी टैक्टरों से भी बालू की निकासी कर रहे हैं। वहीं कई लोग अपने-अपने अन्य वाहनों व साधनों के माध्यम से बालू खनन कर रहे हैं। शहर में नदीपुरा से शुरू होकर रावतयाना पुल, पंचमुखी हनुमान मंदिर व चीरा, पाचौनी तक बालू के खनन का करोबार चल रहा है। हद तो तब हो गई जब शहर में दिन में ही खुले आम बालू का खनन किया जा रहा है। जब शहर में खुलेआम बालू का उठान चल रहा है तो ग्रामीण क्षेत्रों का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। यहां पर पंचमुखी हनुमान मंदिर से आगे चीरा व पाचौनी तक बालू का कारोबार चल रहा है।
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कारोबारी कर रहे जान से खिलवाड़
बांध का जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलकर नदी में पानी छोड़ा जाता है। वर्तमान में बांध का जल स्तर बढ़ने पर पुन: गेट खोलने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में नदी का भी जल स्तर बढ़ सकता है। जिससे नदी से बालू का उठान कर रहे लोगों की जान को खतरा हो सकता है। लेकिन कारोबारियों की भूख के आगे जान की परवाह न करते हुए भी नदी से बालू उठान का कारोबार किया जा रहा है।
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शहजाद नदी से बालू उठाने का मामला संज्ञान में आया है, जिसकी मौके पर जाकर जांच की जाएगी। नदी से बालू के उठान करने पर कार्रवाई की जाएगी।
नवीन कुमार दास, जिला खान अधिकारी
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