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Lalitpur News: सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीनें खामोश, लौट रहे मरीज
Tue, 29 Sep 2026 01:53 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:53 AM IST
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ललितपुर। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लाखों रुपये की अल्ट्रासाउंड मशीनें बेकार पड़ी हैं। यह रेडियोलॉजिस्ट या प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी के कारण है। मरीजों को जरूरी जांचों के लिए भी मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ता है।
सीएचस केंद्रों पर हर रोज लगभग 100 से 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 25 से 30 मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की आवश्यकता होती है। शासन ने करीब तीन वर्ष पहले सभी छह केंद्रों पर एक-एक अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई थी। इन मशीनों की कीमत लाखों रुपये है। विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट तैनात न होने से ये मशीनें चल नहीं पा रही हैं। ग्रामीण मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या जिला मुख्यालय के मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है।
सरकारी बजट से खरीदी गई महंगी अल्ट्रासाउंड मशीनें सभी सीएचसी पर बंद पड़ी हैं। जिला मेडिकल कॉलेज में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं। यहां हर रोज 100 से 140 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। निजी केंद्रों पर भी रोजाना 200 से 250 मरीज अल्ट्रासाउंड कराते हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो रही है।
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जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा, बार, महरौनी, मड़ावरा, तालबेहट और जखौरा में लगी हैं एक-एक अल्ट्रासाउंड मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं। रेडियोलॉजिस्ट मिलने पर अल्ट्रासाउंड मशीनों से जांच शुरू कराई जाएगी।
-डॉ.वीरेंद्र सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी।
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सीएचस केंद्रों पर हर रोज लगभग 100 से 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 25 से 30 मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की आवश्यकता होती है। शासन ने करीब तीन वर्ष पहले सभी छह केंद्रों पर एक-एक अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई थी। इन मशीनों की कीमत लाखों रुपये है। विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट तैनात न होने से ये मशीनें चल नहीं पा रही हैं। ग्रामीण मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या जिला मुख्यालय के मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है।
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सरकारी बजट से खरीदी गई महंगी अल्ट्रासाउंड मशीनें सभी सीएचसी पर बंद पड़ी हैं। जिला मेडिकल कॉलेज में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं। यहां हर रोज 100 से 140 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। निजी केंद्रों पर भी रोजाना 200 से 250 मरीज अल्ट्रासाउंड कराते हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो रही है।
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जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा, बार, महरौनी, मड़ावरा, तालबेहट और जखौरा में लगी हैं एक-एक अल्ट्रासाउंड मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं। रेडियोलॉजिस्ट मिलने पर अल्ट्रासाउंड मशीनों से जांच शुरू कराई जाएगी।
-डॉ.वीरेंद्र सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी।