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ढाई हजार उपभोक्ताओं को नहीं दिए जा रहे बिल
ललितपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2015 11:16 PM IST
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ललितपुर। नगर के ढाई हजार विद्युत उपभोक्ताओं तक बिजली विभाग बिल नहीं पहुंचा पा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि उपभोक्ताओं की ऑन लाइन फीडिंग के बाद भी एक साल से डीटी कोड नहीं खोज पाया है, जिससे लाखों रुपये के राजस्व की क्षति तो हो ही रही है, उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग द्वारा नए संयोजन धारी उपभोक्ताओं को संयोजन जारी होने के बाद ऐसे सभी उपभोक्ताओं का डाटा विद्युत अभियंता की आईडी से ऑन-लाइन फीड किया जाता है। इसके बाद संयोजन फीड होने के बाद सभी उपभोक्ताओं का एक डीटी कोड प्राप्त होता है। इसके बाद यह कोड बिलिंग कंपनी द्वारा लखनऊ भेजने के साथ ही यह कोड भी फीड कर दिया जाता है। इसके बाद नए संयोजनधारी उपभोक्ताओं की बिलिंग हर माह की दस तारीख तक डाटा प्राप्त होने के बाद स्पॉट बिलिंग मशीनों की सहायता से शुरू की जाती है। विभागीय जानकारों के मुताबिक एक वर्ष पूर्व जुलाई 2014 से नए संयोजन के डीटी कोड बिलिंग कंपनी को मुहैया नहीं कराए जाने के कारण करीब 2500 उपभोक्ताओं के बिल नहीं बन पा रहे हैं, इस कारण घर - घर जाकर मीटर रीडरों की स्पॉट बिलिंग का काम ठप पड़ा है। वहीं, उपभोक्ताओं के बिल बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। एक वर्ष से ढाई हजार बिल प्रभावित होने से विभाग को लाखों रुपए के राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है।
नगर के नये उपभोक्ताओं को डीटी कोड उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास चल रहे हैं, जल्द ही डीटी कोड उपलब्ध कराकर शत प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी।
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अखिलेश कुमार वर्मा
एसडीओ विद्युत विभाग, नगर
क्या है डीटी कोड ?
नए संयोजन विद्युत उपभोक्ताओं के संयोजन की फीडिंग ऑन लाइन की जाती है। फीडिंग होने के बाद एक विभाग को डिस्ट्रीब्यूटेड ट्रांसफार्मर यानि डीटी कोड प्राप्त होता है। यह कोड ट्रांसफार्मर व पोल वार उस संयोजन को दर्शाता है, जिससे उस उपभोक्ता को बिल मुहैया कराया जाता है।
पुराने उपभोक्ताओं की बिलिंग भी प्रभावित
नगर में बिजली उपभोक्ताओं की बिलिंग करने का जिम्मा ऊँ साईं कृपा मेंटीनेंस कंपनी को दिया गया है। कंपनी शहर में चौदह मीटर रीडरों की सहायता से बिलिंग का कार्य करती है। उपभोक्ताओं को रीडिंग के हिसाब से या फिर खराब मीटर होने पर स्पॉट बिलिंग मशीन की मदद से बिजली के बिल मुहैया कराए जाते हैं। एक एसबीएम मशीन से लगभग 1200 उपभोक्ताओं की बिलिंग की जाती है। करीब एक माह से कंपनी की ओर से मीटर रीडरों को दी जाने वाली 14 स्पॉट बिलिंग मशीनों में से 4 मशीनें खराब चल रही हैं और एक मशीन शुक्रवार को खराब पड़ गई, जिससे शहर में लगभग पांच हजार पुराने उपभोक्ताओं की बिलिंग भी प्रभावित चल रही है। यही वजह रही कि जुलाई माह में नगर में 24 हजार उपभोक्ताओं के सापेक्ष 18 हजार 531 की बिलिंग ही हो पाई।
बिलिंग में बाधक बन रही नेट कनेक्टीविटी
नेट कनेक्टिविटी भी बिलिंग के कार्य में बाधक बन रही है। नझाई स्थित विद्युत कार्यालय में आए दिन नेट कनेक्टीविटी फेल हो जाने के कारण बिलों के भुगतान में काफी दिक्कत हो रही है। शुक्रवार की सुबह कनेक्टीविटी फेल हो जाने से उपभोक्ताओं को घंटों लंबी लाइन में खड़े होने के बावजूद भी वापस लौटना पड़ा। वहीं, अन्य विद्युत संबंधी ऑन लाइन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विभाग को नेट कनेक्शन भी लखनऊ की एचसीएल कंपनी द्वारा अलग से मुहैया कराए जाने के बाद भी समस्या बनी रहती है, जिसका खामियाजा आखिरकार उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ता है।
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विद्युत विभाग द्वारा नए संयोजन धारी उपभोक्ताओं को संयोजन जारी होने के बाद ऐसे सभी उपभोक्ताओं का डाटा विद्युत अभियंता की आईडी से ऑन-लाइन फीड किया जाता है। इसके बाद संयोजन फीड होने के बाद सभी उपभोक्ताओं का एक डीटी कोड प्राप्त होता है। इसके बाद यह कोड बिलिंग कंपनी द्वारा लखनऊ भेजने के साथ ही यह कोड भी फीड कर दिया जाता है। इसके बाद नए संयोजनधारी उपभोक्ताओं की बिलिंग हर माह की दस तारीख तक डाटा प्राप्त होने के बाद स्पॉट बिलिंग मशीनों की सहायता से शुरू की जाती है। विभागीय जानकारों के मुताबिक एक वर्ष पूर्व जुलाई 2014 से नए संयोजन के डीटी कोड बिलिंग कंपनी को मुहैया नहीं कराए जाने के कारण करीब 2500 उपभोक्ताओं के बिल नहीं बन पा रहे हैं, इस कारण घर - घर जाकर मीटर रीडरों की स्पॉट बिलिंग का काम ठप पड़ा है। वहीं, उपभोक्ताओं के बिल बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। एक वर्ष से ढाई हजार बिल प्रभावित होने से विभाग को लाखों रुपए के राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है।
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नगर के नये उपभोक्ताओं को डीटी कोड उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास चल रहे हैं, जल्द ही डीटी कोड उपलब्ध कराकर शत प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी।
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अखिलेश कुमार वर्मा
एसडीओ विद्युत विभाग, नगर
क्या है डीटी कोड ?
नए संयोजन विद्युत उपभोक्ताओं के संयोजन की फीडिंग ऑन लाइन की जाती है। फीडिंग होने के बाद एक विभाग को डिस्ट्रीब्यूटेड ट्रांसफार्मर यानि डीटी कोड प्राप्त होता है। यह कोड ट्रांसफार्मर व पोल वार उस संयोजन को दर्शाता है, जिससे उस उपभोक्ता को बिल मुहैया कराया जाता है।
पुराने उपभोक्ताओं की बिलिंग भी प्रभावित
नगर में बिजली उपभोक्ताओं की बिलिंग करने का जिम्मा ऊँ साईं कृपा मेंटीनेंस कंपनी को दिया गया है। कंपनी शहर में चौदह मीटर रीडरों की सहायता से बिलिंग का कार्य करती है। उपभोक्ताओं को रीडिंग के हिसाब से या फिर खराब मीटर होने पर स्पॉट बिलिंग मशीन की मदद से बिजली के बिल मुहैया कराए जाते हैं। एक एसबीएम मशीन से लगभग 1200 उपभोक्ताओं की बिलिंग की जाती है। करीब एक माह से कंपनी की ओर से मीटर रीडरों को दी जाने वाली 14 स्पॉट बिलिंग मशीनों में से 4 मशीनें खराब चल रही हैं और एक मशीन शुक्रवार को खराब पड़ गई, जिससे शहर में लगभग पांच हजार पुराने उपभोक्ताओं की बिलिंग भी प्रभावित चल रही है। यही वजह रही कि जुलाई माह में नगर में 24 हजार उपभोक्ताओं के सापेक्ष 18 हजार 531 की बिलिंग ही हो पाई।
बिलिंग में बाधक बन रही नेट कनेक्टीविटी
नेट कनेक्टिविटी भी बिलिंग के कार्य में बाधक बन रही है। नझाई स्थित विद्युत कार्यालय में आए दिन नेट कनेक्टीविटी फेल हो जाने के कारण बिलों के भुगतान में काफी दिक्कत हो रही है। शुक्रवार की सुबह कनेक्टीविटी फेल हो जाने से उपभोक्ताओं को घंटों लंबी लाइन में खड़े होने के बावजूद भी वापस लौटना पड़ा। वहीं, अन्य विद्युत संबंधी ऑन लाइन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विभाग को नेट कनेक्शन भी लखनऊ की एचसीएल कंपनी द्वारा अलग से मुहैया कराए जाने के बाद भी समस्या बनी रहती है, जिसका खामियाजा आखिरकार उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ता है।