फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Two JE and SDO commands sue

दो जेई व एसडीओ पर मुकदमा के आदेश

Fri, 14 Aug 2015 11:20 PM IST
ललितपुर ब्यूरो
ललितपुर ब्यूरो Updated Fri, 14 Aug 2015 11:20 PM IST
विज्ञापन
ललितपुर। विद्युत अधिकारियों की लापरवाही व जानबूझकर अनुरक्षण कार्य के दौरान फीडर की मशीन चालू कर देने से हुई संविदा कर्मी की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी तृतीय, इंचार्ज जेई महरौनी व सौजना जेई के खिलाफ पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन



थाना महरौनी क्षेत्र अंतर्गत मुहल्ला कंचनपुरा निवासी आशादेवी सेन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका पति आलोक सेन विद्युत विभाग में सात वर्षों से संविदा कर्मी के पद पर तैनात था। आरोप लगाया गया है कि पूर्व जेई ओमवीर सिंह उनके पति से अभद्रता करता था, जिसकी शिकायत लिखित में उसके पति ने दर्ज कराई थी। इसके बाद इंचार्ज जेई प्रेमप्रकाश उसके पति से ईर्ष्या रखने लगा और आए दिन गाला-गलौज करता था। उक्त जेई ने उसके पति से हुए झगड़े में लात घूसों से पिटाई कर जान से मारने की धमकी दी थी।
विज्ञापन



 परिजनों द्वारा उलाहना देने पर उन्हें भी धमकी दी गई। 25 अप्रैल को उसके पति आलोक कुमार सेन और संविदा कर्मी माहेश्वरी सिंह को जेई प्रेम प्रकाश सविता ने फोन कर पावर हाउस में मशीनों में काम के लिए बुलाया और उसके पति से फीडर रूम में जाकर मशीन चेक करने को कहा। शक होने पर पीड़िता व उसके परिजन भी वहां पहुंच गए। सब स्टेशन पर टीजी-टू प्रेमप्रकाश, जेई सोजना हरिओम और एसडीओ महरौनी महेश विश्वकर्मा मौजूद थे। बताया गया कि मशीन में कुछ आवाज आ रही है और मशीनें बंद है, इस पर उसके पति को फीडर रूम में जाकर मशीन चेक कराने को भेजा गया। आरोप है कि उक्त सभी लोगों ने जानबूझकर एक मशीन चालू कर दी, जिसकी सूचना उसके पति को नहीं दी गई। जब उसके पति ने मशीन में काम करना शुरू किया तो भीषण विस्फोट होने के कारण मशीन से आग निकली, जिससे पीड़िता का पति बुरी तरह झुलस गया था। मौके पर मौजूद उसके  अन्य साथी  पति को महरौनी स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यहां भी हालत खराब होने पर उसे झांसी तथा भोपाल रिफर कर दिया गया। भोपाल में इलाज के दौरान 17 मई 2015 को उसके पति की मृत्यु हो गई थी। अधिवक्ता प्रकाश चंद जैन ने बताया कि उक्त प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धारा 157 (3) के तहत थानाध्यक्ष को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed