ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) अजय पाल सिंह की अदालत ने कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला भदैंयापुरा में 15 वर्ष पहले जानलेवा हमला के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह गौर के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भदैंयापुरा निवासी गंगाराम कुुशवाहा पुत्र सुम्मे ने 15 वर्ष पहले कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 28 मार्च 2006 को शोभालाल ने पुरानी रंजिश को लेकर गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर उसके पिता और बड़े भाई रूपलाल की लाठियों से मारपीट कर दी थी, जिससे उसके पिता व भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिस पर वह उन्हें कोतवाली लेकर पहुंचा था, जहां से पुलिस ने उनका चिकित्सीय परीक्षण कराने के उपरांत मोहल्ला खिरकापुरा निवासी शिब्बू पुत्र कुंदऊ, शोभालाल पुत्र कैलाश, खेत सिंह पुत्र श्यामलाल एवं हन्नू पुत्र भगवानदास के खिलाफ उक्त मामले में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए। इसमें विवेचना में पुलिस द्वारा धारा 325 की बढ़ोत्तरी की गई। वहीं, न्यायालय में सुनवाई के दौरान शोभालाल की पांच जून 2010 को हत्या हो गई थी और एक आरोपी खेत सिंह लापता चल रहा है। इसके बाद 23 सितंबर 2016 को खेत सिंह का नाम मुकदमे से अलग कर दिया गया। जबकि शिब्बू उर्फ सुब्बन एवं हल्लू के खिलाफ मुकदमा चला। शुक्रवार को उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों शिब्बू एवं हल्लू को धारा 308/34, 325/34 एवं 323 के तहत का दोषी पाते हुए कुल पांच-पांच वर्ष के कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।