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Lalitpur News: ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू न होने से कठिन हुई पर्यटन स्थलों की राह

Thu, 12 Dec 2024 12:17 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:17 PM IST
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Travel to tourist places becomes difficult due to non-stoppage of trains
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जाखलौन और धौर्रा स्टेशन पर कोरोना काल में पठानकोट, झेलम एवं महामना एक्सप्रेस का स्टापेज बंद होने से प्राचीन पर्यटन स्थलों तक पहुंचना कठिन हो गया है। एक सप्ताह पहले यह मुद्दा सांसद अनुराग शर्मा ने संसद में भी उठाया था। जाखलौन व धौर्रा रेलवे स्टेशन के पास देवगढ़, चांदपुर जहाजपुर, च्यवन ऋषि आश्रम, मुचकुंद गुफा एवं बौद्ध गुफा जैसे पर्यटन स्थल हैं।
कोरोना काल से पहले जाखलौन स्टेशन पर झेलम, छत्तीसगढ़ और पठानकोट एवं शटल रुकती थी। वहीं, धौर्रा में छत्तीसगढ़, पठानकोट, साबरमती और झेलम व शटल पैसेंजर का ठहराव था, लेकिन कोरोना काल में जाखलौन व धौर्रा रेलवे स्टेशन पर सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया। यहां केवल ललितपुर-बीना पैसेंजर ट्रेन ही संचालित हो रही थी। ग्रामीणों की मांग पर धौर्रा में छत्तीसगढ़ और पठानकोट एवं जाखलौन में झेलम एक्सप्रेस का ही ठहराव हो सका।
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दोनों स्टेशनों पर पूर्व से संचालित एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग लगातार की जा रही है। अब सांसद ने दोनों स्टेशनों पर दादर अमृतसर एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस एवं महामना एक्सप्रेस के ठहराव की मांग सदन में उठाई है।
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कई हैं प्रमुख धार्मिक पर्यटन क्षेत्र
जाखलौन और धौर्रा क्षेत्र के पास कई महत्वपूर्ण प्राचीन पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थल मौजूद हैं। जाखलौन स्टेशन के निकट जहां चांदपुर-जहाजपुर के प्राचीन शिवलिंग एवं जीर्णशीर्ण मंदिरों के अवशेष नजर आते हैं। ग्राम बंट के जंगलों में च्यवन का झरना पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्व है। जाखलौन से ही मात्र दस किमी की दूरी पर स्थित कस्बा पाली में प्रसिद्ध नीलकंठेश्वर का प्राचीन मंदिर पौराणिक महत्व का है। इधर, दूधई का प्राचीन सूर्य मंदिर, जैन मंदिर और इसी क्षेत्र में पहाड़ी पर उकेरी गई प्राचीन नृसिंह प्रतिमा धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण है। धौर्रा क्षेत्र में देवगढ़ का प्राचीन दशावतार मंदिर, देवगढ़ के जैन मंदिर, देवगढ़ में ही बेतवा नदी के किनारे पहाड़ी पर बनी मुचकुंद गुफा, बौध गुफाएं भी धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण हैं। यहां तक पहुंचने के लिए जाखलौन और धौर्रा रेलवे स्टेशन से मार्ग काफी सुगम हो जाता है।
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