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Lalitpur News: खेडर नदी के उफान पर रहने से छह घंटे बाधित रहा आवागमन
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जखौरा। रविवार को हुई तेज बारिश के बाद जखौरा-तालबेहट मार्ग पर खेडर नदी के उफान पर रहने से पुल के दोनों ओर राहगीर और वाहन चालक करीब छह घंटे तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे। जलस्तर कम होने के बाद ही पुल से आवागमन सुचारु हो सका।
कस्बा जखौरा की बस्ती के पास से होकर जखौरा-तालबेहट मार्ग पर खेडर नदी निकली हुई है। रविवार दोपहर बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया और पुल के ऊपर करीब चार फीट पानी बहने लगा। पानी का तेज बहाव होने के कारण वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया, जिसके चलते लोगों को इंतजार करना पड़ा। खेडर नदी के दूसरी ओर जखौरा बस्ती के अलावा कई गांव बसे हुए हैं। इन गांवों के लोगों का रोजमर्रा का अधिकांश काम जखौरा कस्बे में ही होता है।
बरसात के दिनों में पुल पर पानी आने के बाद लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान पुल पर पानी भरने से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार जलस्तर कम होने तक लोगों को घंटों रास्ते में रुकना पड़ता है। उन्होंने नदी के पुल को ऊंचा बनवाए जाने की मांग की है।
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कस्बा जखौरा की बस्ती के पास से होकर जखौरा-तालबेहट मार्ग पर खेडर नदी निकली हुई है। रविवार दोपहर बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया और पुल के ऊपर करीब चार फीट पानी बहने लगा। पानी का तेज बहाव होने के कारण वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया, जिसके चलते लोगों को इंतजार करना पड़ा। खेडर नदी के दूसरी ओर जखौरा बस्ती के अलावा कई गांव बसे हुए हैं। इन गांवों के लोगों का रोजमर्रा का अधिकांश काम जखौरा कस्बे में ही होता है।
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बरसात के दिनों में पुल पर पानी आने के बाद लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान पुल पर पानी भरने से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार जलस्तर कम होने तक लोगों को घंटों रास्ते में रुकना पड़ता है। उन्होंने नदी के पुल को ऊंचा बनवाए जाने की मांग की है।
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