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Lalitpur News: व्यापारी मक्का की खरीद का पैसा दे रहे तुरंत... खरीद केंद्रों हो रहा विलंब
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- 20 दिन पहले शुरू हुई थी मक्का की खरीद की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत मिलने के बाद भी किसान मंडी में मक्का बेच रहे हैं। जबकि, इसके लिए जिले में खोले गए चार खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले 20 दिनों के दरम्यान केंद्रों पर मक्का का एक दाना भी नहीं पहुंचा है। सरकारी भुगतान की प्रक्रिया लंबी होने और व्यापारियों द्वारा किसानों को उनकी उपज का हाथों-हाथ पैसा देने की वजह से यह स्थिति बनी हुई है।
सरकार द्वारा मोटे अनाज को बढ़ावा दिया जा रहा है। खासतौर पर बुंदेलखंड के लिए कम पानी में पैदा होने वाली इस उपज को वरदान बताया जा रहा है। यही वजह है कि पहली बार जिले में मक्का की खरीद के लिए चार सरकारी खरीद केंद्र खोले गए हैं और सरकार की ओर से इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2090 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सभी चारों खरीद केंद्र एक अक्तूबर से शुरू कर दिए गए थे, परंतु 20 दिन गुजरने के बाद भी इनमें से किसी भी केंद्र पर मक्का का एक दाना तक नहीं पहुंचा है। वहीं, मंडी में आढ़तों पर किसानों की भरमार नजर आ रही है। जबकि, व्यापारी किसानों को मक्का का एमएसपी से काफी कम 1500 से 1800 रुपये क्विंटल का भाव दे रहे हैं। लेकिन, व्यापारी हाथों-हाथ किसानों को नकद भुगतान कर रहे हैं। वहीं, सरकारी केंद्रों पर खरीद के बाद धनराशि बैंक खाते में भेजे जाने की प्रक्रिया तय है, जिसमें समय लगता है। यह प्रक्रिया किसानों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि वह कम कीमत मिलने के बाद भी सरकारी केंद्रों की जगह आढ़तियों को अपना माल बेच रहे हैं।
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800 मीट्रिक टन की खरीद का है लक्ष्य
ललितपुर। शासन ने जिले में 800 मीट्रिक टन मक्का की खरीद का लक्ष्य तय कर रखा है। इसके लिए विकासखंड जखौरा के रोंडा, बिरधा, तालबेहट के हर्षपुर व महरौनी में चार खरीद केंद्र खोले गए हैं। किसानों को सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसकी शासन स्तर से भी निगरानी की जा रही है। साथ ही स्थानीय अधिकारी भी खरीद केंद्रों पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
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जनपद में मक्का खरीद के लिए शासन ने 800 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है। इसके लिए चार क्रय केंद्र खोले गए हैं, जो एक अक्तूबर से संचालित है। लेकिन, अभी तक क्रय केंद्रों पर मक्का की खरीद शून्य बनी हुई है। सरकारी केंद्रों पर मक्का की खरीद बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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ललितपुर। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत मिलने के बाद भी किसान मंडी में मक्का बेच रहे हैं। जबकि, इसके लिए जिले में खोले गए चार खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले 20 दिनों के दरम्यान केंद्रों पर मक्का का एक दाना भी नहीं पहुंचा है। सरकारी भुगतान की प्रक्रिया लंबी होने और व्यापारियों द्वारा किसानों को उनकी उपज का हाथों-हाथ पैसा देने की वजह से यह स्थिति बनी हुई है।
सरकार द्वारा मोटे अनाज को बढ़ावा दिया जा रहा है। खासतौर पर बुंदेलखंड के लिए कम पानी में पैदा होने वाली इस उपज को वरदान बताया जा रहा है। यही वजह है कि पहली बार जिले में मक्का की खरीद के लिए चार सरकारी खरीद केंद्र खोले गए हैं और सरकार की ओर से इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2090 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सभी चारों खरीद केंद्र एक अक्तूबर से शुरू कर दिए गए थे, परंतु 20 दिन गुजरने के बाद भी इनमें से किसी भी केंद्र पर मक्का का एक दाना तक नहीं पहुंचा है। वहीं, मंडी में आढ़तों पर किसानों की भरमार नजर आ रही है। जबकि, व्यापारी किसानों को मक्का का एमएसपी से काफी कम 1500 से 1800 रुपये क्विंटल का भाव दे रहे हैं। लेकिन, व्यापारी हाथों-हाथ किसानों को नकद भुगतान कर रहे हैं। वहीं, सरकारी केंद्रों पर खरीद के बाद धनराशि बैंक खाते में भेजे जाने की प्रक्रिया तय है, जिसमें समय लगता है। यह प्रक्रिया किसानों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि वह कम कीमत मिलने के बाद भी सरकारी केंद्रों की जगह आढ़तियों को अपना माल बेच रहे हैं।
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800 मीट्रिक टन की खरीद का है लक्ष्य
ललितपुर। शासन ने जिले में 800 मीट्रिक टन मक्का की खरीद का लक्ष्य तय कर रखा है। इसके लिए विकासखंड जखौरा के रोंडा, बिरधा, तालबेहट के हर्षपुर व महरौनी में चार खरीद केंद्र खोले गए हैं। किसानों को सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसकी शासन स्तर से भी निगरानी की जा रही है। साथ ही स्थानीय अधिकारी भी खरीद केंद्रों पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
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जनपद में मक्का खरीद के लिए शासन ने 800 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है। इसके लिए चार क्रय केंद्र खोले गए हैं, जो एक अक्तूबर से संचालित है। लेकिन, अभी तक क्रय केंद्रों पर मक्का की खरीद शून्य बनी हुई है। सरकारी केंद्रों पर मक्का की खरीद बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, खाद्य एवं विपणन अधिकारी