फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Town of faith and enthusiasm

श्रद्धा व उत्साह से सराबोर रहा नगर

Mon, 10 Apr 2017 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 10 Apr 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
Town of faith and enthusiasm
mahaver swami, lalitpur news - फोटो : demo
भगवान महावीर स्वामी का 2616वां जन्मोत्सव अगाध श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर जैन मंदिरों में धार्मिक परंपरा के अनुसार महावीर स्वामी का पूजन अभिषेक कर विधि विधान के साथ जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिरों में तीर्थकर बालक वर्द्धमान का पालना झुलाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सायंकाल भव्य शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि नगर के लोग भी शामिल हुए। शोभायात्रा का स्थानीय लोगों, समाजसेवियों व विभिन्न संगठनों द्वारा जगह-जगह स्वागत किया गया।        
विज्ञापन

 महावीर स्वामी का जन्मोत्सव एलक सिद्वान्तसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में जैन मंदिरों में प्रभावना पूर्वक मनाया गया। मुख्य आयोजन मुहल्ला मऊठाना में स्थित दिगंबर जैन नया मंदिर से हुआ। यहां भगवान महावीर की पूजा अर्चना की गयी और तीर्थकर बालक वर्द्धमान का पालना झूला एवं बाल क्रीडा हुई।
विज्ञापन


कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर धर्मसभा में एकल सिद्वांतसागर जी महाराज ने कहा भगवान महावीर स्वामी मात्र  जैनियों के नहीं अपितु समग्र विश्व के थे। उन्होंने सत्य की खोजकर प्राणी मात्र को सत्य क्या है सत्य का मार्ग क्या है? यह जीवन में उतारकर बतलाया है। उन्होंने कहा भगवान महावीर की आदर्श चर्या का प्रभाव मात्र जैनों पर नहीं अपितु अन्य साधुओं पर भी पड़ा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
क्षेत्रपाल मंदिर, बाहुबलि नगर स्थित मंदिर, नईबस्ती स्थित मंदिर, इलाइट चौराहा स्थित मंदिर में भी भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके बाद उक्त सभी मंदिरों के विमान सायंकाल सदर कांटे पर एकत्रित हुए। यहाँ से भव्य शोभायात्रा नगर में निकाली गयी। इसमें सबसे आगे धार्मिक गीतों की स्वर लहरियां बिखेरता हुआ बैण्ड चल रहा था। जिस पर युवाओं की टोलियाँ भक्ति भाव से झूमती हुई चल रही थीं। उसके पीछे घोड़ों पर सवार नवयुवक ध्वज पताका लिए हुए चल रहे थे। उसके पीछे बग्गी व हाथठेला पर आकर्षक ढ़ंग से सजाये गये विभिन्न धर्मगुरुओं के चित्र चल रहे थे।

बग्गी पर विभिन्न झांकियां भी सजायी गयी थीं। वीर सेवा संघ का धर्मचक्र, वीर व्यायामशाला नयामंदिर, बड़ामंदिर के स्वयंसेवक लेजम चाचर के माध्यम से प्रदर्शन कर रहे थे। शोभायात्रा में बुन्देलखण्डी कला संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, कहीं शहनाई की गूंज सुनायी दे रही थी, तो कहीं ढोल नगाड़े बज रहे थे। इस दौरान विभिन्न संगठनों के युवाओं ने हैरत अंगेज करतब दिखाकर लोगों को दाँतों तले अंगुलियाँ दबाने पर मजबूर कर दिया था। लाठी, तलवार आदि के कौशल का प्रदर्शन किया गया।

इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र पंजाब के लुधियाना से आई एक महिला व पुरुष द्वारा हाथ छोड़कर गाड़ी पर दिखाए गए हैरतअंगेज करतब रहे। परम्परागत शोभायात्राएं निकली, जिसमें धर्मालुजन जयजयकार करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख चौराहा घंटाघर चौक, सदर कांटा, पानी की टंकी रावरपुरा चौबयानापुरा होते हुए नदीपुरा से आजादचौक पहुंची जहां से वापस सावरकर चौक पर समाप्त हुई। शोभायात्रा का लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। 


निकाली धर्म परिवर्तन यात्रा      
इस दौरान धर्म परिवर्तन दो पहिया वाहन रैली भी निकाली गई। वाहन रैली का शुभारंभ क्षेत्रपालजी मंदिर से किया गया, जिसका नेतृत्व नरेंद्र कड़ंकी ने किया। मुस्लिम समाज के युवाओं द्वारा रैला की स्वागत किया गया, जिसमें असलम पठान, इदरीश सदन, हाजी मुस्ताक, मु.खलील, शरीफ, रहीश आदि ने वाहन रैली पर पुष्प वर्षा की और मिष्ठान वितरित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed