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शोपीस बनी शौचालयों की टंकी
lalitpur
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:00 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
ललितपुर।
शहर के शौचालयों पर रखी ओवरहेड टंकी देखरेख के अभाव में शोपीस बनकर रह गई हैं। इससे शौचालय साफ-सुथरे नहीं रह पा रहे हैं। गंदगी के कारण लोग इनके इस्तेेमाल से कतराने लगे हैं।
शहर के विभिन्न स्थानों पर शौचालयों का निर्माण कराया गया है। करीब आधा दर्जन स्थानों पर ओवरहेड टंकी रखवाई गईं हैं। इनमें महिला थाने के पास, पुराने बस स्टैंड के पास, पुराने तहसील के पास, कंपनी बाग में बने प्रसाधन केंद्र शामिल हैं। तत्कालीन झांसी मंडलायुक्त के राममोहन राव के समय इसका कई बार निरीक्षण हुआ। कुछ महीनों के बाद मंडलायुक्त ने निरीक्षण बंद कर दिए। नतीजा यह हुआ कि नगर पालिका परिषद के अफसर में बेपरवाह हो गए। इसका अनुचित लाभ उठाते हुए असामाजिक तत्वों ने टंकी की पाइप लाइन कनेक्शन उखाड़ दी। वर्तमान में लगभग सभी प्रसाधन केंद्रों में पानी का इंतजाम नहीं है, जिससे उनमें दुर्गंध उठने लगी है। अब तो अधिकतर लोगों ने इनके इस्तेमाल से कन्नी काटनी शुरू कर दी है।
यहां बने शौचालय
कचहरी चौराहा, महिला थाना के पास, पुरानी तहसील के पास, तुवन चौराहे के पास, संसदीय कार्यालय के सामने, आजाद चौक के पास, जूता चप्पल मार्केट, पानी की बड़ी टंकी के पास, पंजाब नेशनल बैंक के पीछे, पुराने बस स्टैंड के पास, कंपनी बाग में शौचालय बने हैं।
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सफाई को लगे कर्मी
मूत्रालयों की सफाई के लिए पृथक से कर्मी लगे हुए हैं जो सफाई करते रहते हैं।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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शहर के शौचालयों पर रखी ओवरहेड टंकी देखरेख के अभाव में शोपीस बनकर रह गई हैं। इससे शौचालय साफ-सुथरे नहीं रह पा रहे हैं। गंदगी के कारण लोग इनके इस्तेेमाल से कतराने लगे हैं।
शहर के विभिन्न स्थानों पर शौचालयों का निर्माण कराया गया है। करीब आधा दर्जन स्थानों पर ओवरहेड टंकी रखवाई गईं हैं। इनमें महिला थाने के पास, पुराने बस स्टैंड के पास, पुराने तहसील के पास, कंपनी बाग में बने प्रसाधन केंद्र शामिल हैं। तत्कालीन झांसी मंडलायुक्त के राममोहन राव के समय इसका कई बार निरीक्षण हुआ। कुछ महीनों के बाद मंडलायुक्त ने निरीक्षण बंद कर दिए। नतीजा यह हुआ कि नगर पालिका परिषद के अफसर में बेपरवाह हो गए। इसका अनुचित लाभ उठाते हुए असामाजिक तत्वों ने टंकी की पाइप लाइन कनेक्शन उखाड़ दी। वर्तमान में लगभग सभी प्रसाधन केंद्रों में पानी का इंतजाम नहीं है, जिससे उनमें दुर्गंध उठने लगी है। अब तो अधिकतर लोगों ने इनके इस्तेमाल से कन्नी काटनी शुरू कर दी है।
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यहां बने शौचालय
कचहरी चौराहा, महिला थाना के पास, पुरानी तहसील के पास, तुवन चौराहे के पास, संसदीय कार्यालय के सामने, आजाद चौक के पास, जूता चप्पल मार्केट, पानी की बड़ी टंकी के पास, पंजाब नेशनल बैंक के पीछे, पुराने बस स्टैंड के पास, कंपनी बाग में शौचालय बने हैं।
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सफाई को लगे कर्मी
मूत्रालयों की सफाई के लिए पृथक से कर्मी लगे हुए हैं जो सफाई करते रहते हैं।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।