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रामनगर में प्यास बुझाने के लिए लोग बहाते हैं पसीना

Mon, 11 Apr 2016 01:00 AM IST
Lalitpur
Lalitpur Updated Mon, 11 Apr 2016 01:00 AM IST
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To quench the thirst of people sweat shed in Ramnagar
रामनगर में प्यास बुझाने के लिए लोग बहाते हैं पसीना - फोटो : Amar Ujala
ललितपुर। शहर के वार्ड नंबर सात के मुहल्ला रामनगर की जनता पानी की किल्लत से जूझ रही है। यहां रहने वाले 1,725 परिवारों की प्यास बुझाने के लिए 18 सरकारी हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन इस भीषण गर्मी में सिर्फ तीन हैंडपंप ही प्यास बुझाने के काम आ रहे हैं। मुहल्ले के कुछ हिस्से में वर्षों पुरानी पाइप लाइन डली है, लेकिन छह साल से इससे पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है।
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सूखे के कारण पूरे क्षेत्र में पेयजल का संकट गहरा गया है। ऐसे ही कुछ हालात नगर के वार्ड नंबर सात के मुहल्ला रामनगर में रहने वाले 1,725 परिवारों के हैं। जो पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस मुहल्ले में कुल 18 हैंडपंप लगे हैं, जिनमें के मात्र तीन हैंडपंप चालू हालत में हैं, जो स्थानीय लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। यह मुहल्ला गल्ला मंडी के समीप में बसा है, इसलिए यहां पर अधिकतम मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं। आर्थिक रूप से सक्षम कुछ लोगों को छोड़कर बाकी परिवार इन तीन हैंडपंपों के सहारे पर ही हैं। लोगों को पानी के लिए लाइन में लगा रहना पड़ता है। आलम यह है कि पानी के लिए लोगों को केवल सुबह व शाम ही नहीं, बल्कि कड़ी धूप में भी लाइन लगानी पड़ रही है।
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150 परिवार की मलिन बस्ती एक हैंडपंप के सहारे
मुहल्ला रामनगर में एक हिस्से में 150 परिवारों की मलिन बस्ती रहती है। यहां पर पांच हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से केवल एक हैंडपंप सही है। इसी इकलौते हैंडपंप पर 150 परिवारों की पेयजल व्यवस्था निर्भर है। इतनी बड़ी आबादी में केवल एक हैंडपंप सही होने के कारण सुबह से रात तक पानी के लिए यहां कोई न कोई इंतजार करता रहता है।
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कुएं का नहीं हो पा रहा उपयोग
पेयजल की किल्लत से जूझ रही मुहल्ला रामनगर की जनता को पानी के लिए तीन कुओं का भी विकल्प है। लेकिन, नगर पालिका से कुओं की सफाई नहीं होने के कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। वार्ड पार्षद पार्वती रजक के पति श्रीराम रजक ने बताया कि करीब आठ साल से किसी भी कुएं की सफाई नहीं हुई है। नगर पालिका के पिछली बोर्ड ने शुरुआत में एक बार सफाई कराई थी। उन्होंने बताया कि कुओं में 25 फुट की गहराई से पानी भरा है, लेकिन गंदगी के अभाव में इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि कुओं की सफाई करा दी जाए तो काफी हद तक पानी की समस्या से स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है।

पशुओं का बुरा हाल
मुहल्ला रामनगर में करीब दो सौ गरीब परिवार ऐसे हैं, जो पशुपालन करते हैं। पानी की कमी के कारण जानवरों को भी पानी की समस्या है। काफी समय पहले नगर पालिका द्वारा यहां पर जानवरों के लिए पेयजल के लिए सीमेंट की हौदी बनवाई थी, लेकिन वह कई वर्षों से शोपीस बनकर रह गई है। मुहल्लावासियों ने जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से कई बार हौदी में पानी की व्यवस्था कराने की मांग की है, लेकिन वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहा है। मुहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान हौदी को संचालित करने की घोषणा की गई थी, लेकिन लगभग चार साल बीतने को आए और अभी तक कोई पहल नहीं की गई।

नलों में छह वर्षों से नहीं टपकी पानी की बूंद
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्रीराम रजक व स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुहल्ले में वर्षों पहले पाइप लाइन बिछाई गई थी। उस समय आबादी वाला क्षेत्र बहुत कम था। लेकिन, यह विडंबना है कि जो लाइन बिछी हुई है उसमें भी पिछले करीब 6 वर्षों से पानी की सप्लाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अनेक बार पाइप लाइन डलवाने के लिए मांग की, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को कई बार मांग करने के बाद भी जल संस्थान द्वारा पानी के टैंकर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

सहरिया परिवार के लिए पार्षद का निजी हैंडपंप बना सहारा
गल्ला मंडी के सामने बसा मुहल्ला भी रामनगर मेें ही आता है। यहां पर करीब 40 परिवार सहरिया जनजाति और करीब 50 परिवार दलितों के रहते हैं। उक्त लोगों की आर्थिक स्थित काफी कमजोर है। अधिकतर परिवार के लोग गल्ला मंडी में मजदूरी करते हैं। सहरिया बस्ती में एक भी सरकारी हैंडपंप नहीं लगा है और न ही कोई अन्य व्यवस्था है। ऐसे में सहरिया परिवार वार्ड पार्षद पार्वती रजक द्वारा लगवाए गए निजी हैंडपंप पर निर्भर है। हाल ही में एआरटीओ कार्यालय परिसर में लगवाए गए सरकारी हैंडपंप से भी वह पानी भरकर काम चला रहे हैं।

वार्ड के मुहल्ला रामनगर में पेयजल की समस्या काफी गंभीर होती जा रही है। पांच हजार आबादी वाले क्षेत्र में मात्र तीन हैंडपंप सही हैं। 11 हैंडपंपों को रीबोर कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिनमें से दो हैंडपंप सही हो गए हैं। पाइप लाइन डलवाने व कुओं की सफाई कराने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।

- श्रीराम रजक
प्रतिनिधि, वार्ड पार्षद

मुहल्ले के हैंडपंप कई दिनों से खराब पड़े हैं। एक ही हैंडपंप से पानी निकल रहा है, जिस कारण पानी भरने के लिए लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ता है।
- शीला देवी, स्थानीय निवासी

पानी के बिना इस गर्मी में लोगों का बुरा हाल हो रहा है। पानी के लिए कड़ी धूप में लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। हैंडपंप दूर होने के कारण पानी ले जाने में भी परेशानी हो रही है। घरों में नल लग जाएं तो बहुत अच्छा रहेगा।
- प्रीति निरंजन, स्थानीय निवासी
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