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लखंजर में तलाशीं पर्यटन की संभावनाएं
ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jan 2016 01:30 AM IST
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सैदपुर (ललितपुर)। जिले के अंतिम छोर और उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमा से सटे तहसील मड़ावरा के गांव लखंजर में धसान नदी में नौका बिहार कर जिलाधिकारी ने पर्यटन के रूप में क्षेत्र को विकसित करने के लिए संभावनाएं तलाशीं।
मड़ावरा से करीब 30 किलोमीटर की दूर धसान नदी के किनारे और घने जंगल के बीच बसे लखंजर गांव को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां पर अनंत सम्भावनाएं नजर आती है।
मड़ावरा के क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में पिकनिक मनाने के लिए ग्राम लखंजर में धसान नदी के किनारे जाते हैं। धसान नदी दोनों प्रदेशों की सीमाओं को विभाजित करती है। धसान नदी का उदगम मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की तहसील बेगमगंज में है। इस नदी की खास बात यह है कि इसका पानी प्रदूषण मुक्त है और हमेशा स्वच्छ नजर आता है।
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नदी के किनारे हरे-भरे जंगल और ऊंची पहाड़ियां नदी की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। नदी के दूसरे किनारे पर पहाड़ी पर हनुमानजी का प्राचीन स्थित है, जहां उप्र व मप्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आतेे हैं। इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिये धौरी सागर से लखंजर तक पक्की सड़क व धसान नदी पर पुल बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
यदि यह पुल बन जाए तो उप्र और मप्र आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में ग्रामीण नाव का सहारा लेकर नदी पार करते हैं।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह, अपर जिलाधिकारी एमके त्रिवेदी आदि अधिकारियों ने धसान नदी में नौका बिहार किया। क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की डीएम ने तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। उन्होंने इस क्षेत्र के संबंध में वन क्षेत्राधिकारी मड़ावरा आरएस यादव से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। ऐसे में अब जिलाधिकारी के ऊपर निर्भर करता है कि वह क्या कदम उठाते हैं।
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मड़ावरा से करीब 30 किलोमीटर की दूर धसान नदी के किनारे और घने जंगल के बीच बसे लखंजर गांव को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां पर अनंत सम्भावनाएं नजर आती है।
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मड़ावरा के क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में पिकनिक मनाने के लिए ग्राम लखंजर में धसान नदी के किनारे जाते हैं। धसान नदी दोनों प्रदेशों की सीमाओं को विभाजित करती है। धसान नदी का उदगम मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की तहसील बेगमगंज में है। इस नदी की खास बात यह है कि इसका पानी प्रदूषण मुक्त है और हमेशा स्वच्छ नजर आता है।
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नदी के किनारे हरे-भरे जंगल और ऊंची पहाड़ियां नदी की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। नदी के दूसरे किनारे पर पहाड़ी पर हनुमानजी का प्राचीन स्थित है, जहां उप्र व मप्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आतेे हैं। इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिये धौरी सागर से लखंजर तक पक्की सड़क व धसान नदी पर पुल बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
यदि यह पुल बन जाए तो उप्र और मप्र आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में ग्रामीण नाव का सहारा लेकर नदी पार करते हैं।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह, अपर जिलाधिकारी एमके त्रिवेदी आदि अधिकारियों ने धसान नदी में नौका बिहार किया। क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की डीएम ने तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। उन्होंने इस क्षेत्र के संबंध में वन क्षेत्राधिकारी मड़ावरा आरएस यादव से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। ऐसे में अब जिलाधिकारी के ऊपर निर्भर करता है कि वह क्या कदम उठाते हैं।