इनामी कार के नाम पर महिला से धोखाधड़ी

lalitpur Updated Sat, 04 Feb 2017 01:41 AM IST
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कार - फोटो : demo pic

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सिविल लाइन निवासिनी एक महिला के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग में चार पहिया इनामी वाहन दिलाने के नाम पर नोएडा की नापतौल कंपनी की ओर से दो धोखेबाजों पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय ने थाना कोतवाली को धोखाधड़ी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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 अधिवक्ता अरुण लोहिया ने बताया कि सिविल लाइन स्थित क्षेत्रपाल मंदिर के पीछे रहने वाली ऊषा द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को दिए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि 30 दिसंबर 2016 को उनके मोबाइल पर एक मेसेज आया, लेकिन वह पढ़ी-लिखी न होने के चलते मेसेज नहीं पढ़ सकीं। इसके बाद उसकी दिन दोपहर में बारह बजे नापतौल कंपनी की ओर से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम सुजीत कुमार नोएडा बताते हुए ऊषा को कहा कि उनकी कंपनी की ओर से एक मैसेज भेजा गया है, इसमें उनके लिए एक चार पहिया वाहन जीतना बताया गया। जब उन्होंने उक्त कंपनी कर्मी को बताया कि उन्होंने काई प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है, तो सुजीत कमार ने बताया कि उन्होंने दीपावली पर नापतौल कंपनी से सामान खरीदा था, कंपनी उनके पास सामान तो नहीं पहुंचा सकी, लेकिन उसी खरीद पर यह इनाम निकला है, जो उन्हें मिलेगी। साथ ही उक्त व्यक्ति ने महिला के सामने शर्त भी रखी कि यदि वह टाटा सफारी नहीं लेना चाहती हैं, तो उसकी कीमत की धनराशि 12 लाख 80 हजार 198 रुपए प्राप्त कर सकती हैं और इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए 6500 रुपए उसके द्वारा बताए गए एकाउंट में जमा करने होंगे।
जिस पर उक्त महिला ने विश्वास करके उक्त व्यक्ति द्वारा बताए एकाउंट में जमा कर दिए। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने महिला से वाहन के टैक्स के लिए 25 हजार 600 रुपये खाते में जमा करने को कहा, लेकिन महिला ने इतनी बड़ी रकम जमा करने में असमर्थता व्यक्त की तो उसके बाद एक अन्य व्यक्ति रितिकराज ने फोन कर बताया कि वह आरबीआई का मैनेजर बोल रहा है और रुपये जमा नहीं करने का कारण पूछा, तो समस्या सुनने के बाद उसने महिला से अब 12 हजार 800 रुपए जमा करने करने पर उक्त वाहन की राशि उन्हें मिलने का आश्वासन दिया। जिसके बाद विश्वास में आकर महिला ने 31 दिसंबर को उसके बताए खाते में उक्त राशि जमा कर दी। इसके बाद फिर उक्त सुजीत का फोन आया कि यह राशि पर्याप्त नहीं है, उसे इतनी ही राशि और जमा करनी होगी, तभी उक्त वाहन की राशि मिल सकेगी, अन्यथा जमा की हुई राशि भी लैप्स हो जाएगी। इसके बाद चार जनवरी को सुजीत ने फिर महिला से बात की, तो महिला ने रितिकराज से बात कराने को कहा, जिस पर रितिक ने कहा कि उन्हें बताई गई बाकी राशि भी जमा करनी होगी। इससे कम में डिलेवरी नहीं होगी। लेकिन महिला अब और झांसे में नहीं आई और आगे की राशि जमा नहीं की। पीड़िता ने इस संबंध में बैंक मैनेजर से भी बात की, जिस पर बैंक मैनेजर ने भी महिला को भगा दिया और कोई बात नहीं सुनी। जिस पर पीड़ित महिला ने उक्त लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक व अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। जिस पर महिला ने न्यायालय की शरण ली। उक्त मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योत्सना सिंह ने नापतौल कंपनी नोएडा के सुजीत कुमार व रितिकराज के खिलाफ थाना कोतवाली को मामला दर्ज कर विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।
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