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एससीएसटी एक्ट में चार आरोपियों को तीन वर्ष की सजा
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) बाबर खान की अदालत ने मंगलवार को मड़ावरा क्षेत्र में 12 वर्ष पुराने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सविता ने जानकारी दी कि कस्बा मड़ावरा निवासी मुन्नालाल ने 12 वर्ष पहले 14 सितंबर 2009 को ग्राहक का एक बोरी सरसों (राई) स्पेलर चिरवाने के लिए रखी थी। वह स्पेलर चलाने वाला ही था कि तभी रामस्वरूप, संतोष, मनीष, आलोक आए और गाली गलौज करने लगे एवं ग्राहक की राई की बोरी अपने स्पेलर के पेरने के लिए ले जाने लगे। उसने मना किया तो सभी ने गाली गलौज कर लाठी डंडा व सरिया से पिटाई कर दी। चिल्लाने पर पत्नी रतिबाई बचाने आई तो हमलावरों ने उसे भी मारा-पीटा।
तहरीर के आधार पर मड़ावरा थाना पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की ली और विवेचना में एससीएसटी एक्ट की धारा में बढ़ोतरी की गई। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को एससीएसटी एक्ट मामले में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और कुल बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सविता ने जानकारी दी कि कस्बा मड़ावरा निवासी मुन्नालाल ने 12 वर्ष पहले 14 सितंबर 2009 को ग्राहक का एक बोरी सरसों (राई) स्पेलर चिरवाने के लिए रखी थी। वह स्पेलर चलाने वाला ही था कि तभी रामस्वरूप, संतोष, मनीष, आलोक आए और गाली गलौज करने लगे एवं ग्राहक की राई की बोरी अपने स्पेलर के पेरने के लिए ले जाने लगे। उसने मना किया तो सभी ने गाली गलौज कर लाठी डंडा व सरिया से पिटाई कर दी। चिल्लाने पर पत्नी रतिबाई बचाने आई तो हमलावरों ने उसे भी मारा-पीटा।
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तहरीर के आधार पर मड़ावरा थाना पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की ली और विवेचना में एससीएसटी एक्ट की धारा में बढ़ोतरी की गई। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को एससीएसटी एक्ट मामले में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और कुल बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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