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गेहूं की तीन रैक बांग्लादेश और 60 रैक अन्य राज्यों में भेजी गईं
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ललितपुर। जनपद में गेहूं का उत्पादन कम होने के बाद भी यहां से तीन रैक बांग्लादेश भेजा गया और 60 रैक लोड होकर अन्य राज्यों को भेज दी गई हैं। जबकि दस गेहूं की रैक की डिमांड और लगी है। जिले में गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा रहता है और यहां का गेहूं अन्य राज्यों के अलावा बांग्लादेश में भी भेजा जाता है। जनवरी माह से अब तक अन्य राज्यों में गेहूं की 60वीं रैक भेजी जा चुकी हैं। जबकि अभी दस रैक गेहूं की और भेजी जानी है। गेहूं की रैक जिन राज्यों को भेजी गई हैं। उनमें कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इसके अलावा इस वर्ष बांग्लादेश में भी जनवरी से अब तक कुल तीन रैक गेहूं का भेजा गया है। जबकि इससे पहले वर्ष 2020 एवं 2021 में कुल 22 रैक गेहूं बांग्लादेश भेजा गया था, लेकिन भारत सरकार ने बाद में बांग्लादेश गेहूं भेजने पर रोक लगा दी थी। जिले में इस वर्ष चावल की 22 रैक और सीमेंट की तीन रैक भी आई हैं। इनमें चावल नि:शुल्क वितरण वाला होता है।
दो माह में आएंगी खाद की पंद्रह रैक
अब तक दो आईं जिले में डीएपी और यूरिया की अब तक दो रैक आ चुकी हैं। किसानों को खाद की जरुरत होने के चलते पहले से ही डिमांड लगा दी गई है और आगामी सितंबर एवं अक्तूबर महीने में पंद्रह रैक खाद आनी है। जिसके लिए रेलवे ने तैयारी कर ली है। बीते वर्ष जनपद में खाद के चलते जिले में काफी विवाद की स्थिति बनी रही थी, लेकिन प्रशासन की सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर खाद की समस्या को दूर करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में खाद वितरण केंद्रों से वितरण कराया गया था।
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दो माह में आएंगी खाद की पंद्रह रैक
अब तक दो आईं जिले में डीएपी और यूरिया की अब तक दो रैक आ चुकी हैं। किसानों को खाद की जरुरत होने के चलते पहले से ही डिमांड लगा दी गई है और आगामी सितंबर एवं अक्तूबर महीने में पंद्रह रैक खाद आनी है। जिसके लिए रेलवे ने तैयारी कर ली है। बीते वर्ष जनपद में खाद के चलते जिले में काफी विवाद की स्थिति बनी रही थी, लेकिन प्रशासन की सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर खाद की समस्या को दूर करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में खाद वितरण केंद्रों से वितरण कराया गया था।
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