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Lalitpur News: पीटीडब्ल्यू से 10 के बजाय मिल रही तीन घंटे आपूर्ति
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किसरदा गांव के किसान नहीं कर पा रहे फसलों की सिंचाई, नियमानुसार बिजली आपूर्ति की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी/सिलावन। किसरदा गांव में पीटीडब्ल्यू लाइन से जुड़े संयोजनधारी किसानों को 10 के बजाय सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे किसानों की फसल को समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। परेशान किसानों ने नियमानुसार बिजली आपूर्ति की मांग की है।
बिजली विभाग की ओर से किसरदा गांव के कुछ किसानों को पीटीडब्ल्यू प्राइवेट ट्यूबवेल लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है। नलकूप की सुविधा वाले किसानों को हर हाल में 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन किसरदा गांव में 10 के बजाय सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
किसानों का कहना है कि जब से विद्युत विभाग में यह व्यवस्था लागू की गई है, तब से फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इससे फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है । कई बार तो दिन दिन भर बिजली गुल रहती है। किसानों ने बताया कि फसल को समय से पानी नहीं मिल पाने के कारण उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इससे आर्थिक क्षति हो सकती है। किसानों ने पर्याप्त विद्युत आपूर्ति की मांग की है।
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लाइन चालू करना भूल गए ऑपरेटर
पीटीडब्ल्यू लाइन से सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 तक विद्युत आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। बुधवार को 11:30 तक पीटीडब्ल्यू लाइन से विद्युत आपूर्ति नहीं हुई तो किसरदा के किसानों ने इसकी जानकारी विद्युत उपकेंद्र पर दी तो बताया गया कि शटडाउन के चक्कर में ऑपरेटर लाइन चालू करना भूल गया। किसानों की जानकारी पर 11:56 पर आपूर्ति चालू हो सकी। विभाग की लापरवाही से किसानों को 4 घंटे देरी से आपूर्ति मिल सकी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी/सिलावन। किसरदा गांव में पीटीडब्ल्यू लाइन से जुड़े संयोजनधारी किसानों को 10 के बजाय सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे किसानों की फसल को समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। परेशान किसानों ने नियमानुसार बिजली आपूर्ति की मांग की है।
बिजली विभाग की ओर से किसरदा गांव के कुछ किसानों को पीटीडब्ल्यू प्राइवेट ट्यूबवेल लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है। नलकूप की सुविधा वाले किसानों को हर हाल में 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन किसरदा गांव में 10 के बजाय सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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किसानों का कहना है कि जब से विद्युत विभाग में यह व्यवस्था लागू की गई है, तब से फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इससे फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है । कई बार तो दिन दिन भर बिजली गुल रहती है। किसानों ने बताया कि फसल को समय से पानी नहीं मिल पाने के कारण उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इससे आर्थिक क्षति हो सकती है। किसानों ने पर्याप्त विद्युत आपूर्ति की मांग की है।
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लाइन चालू करना भूल गए ऑपरेटर
पीटीडब्ल्यू लाइन से सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 तक विद्युत आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। बुधवार को 11:30 तक पीटीडब्ल्यू लाइन से विद्युत आपूर्ति नहीं हुई तो किसरदा के किसानों ने इसकी जानकारी विद्युत उपकेंद्र पर दी तो बताया गया कि शटडाउन के चक्कर में ऑपरेटर लाइन चालू करना भूल गया। किसानों की जानकारी पर 11:56 पर आपूर्ति चालू हो सकी। विभाग की लापरवाही से किसानों को 4 घंटे देरी से आपूर्ति मिल सकी।