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तेरह साल के इकलौते बेटे ने जहर खाकर दी जान
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ललितपुर। थाना महरौनी क्षेत्र में 13 वर्षीय बालक ने जहर खाकर जान दे दी।
ग्राम पठा निवासी अंकित (13) पुत्र स्वर्गीय पूरन अहिरवार रविवार को अपने घर पर अकेला था। मां खेत पर गई थी। इसी दौरान उसने घर में रखी कीटनाशक दवा खा ली। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। सूचना पर मां खेत से वापस आई और तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी ले गई। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया।
मां ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की मां ने बताया कि पति की छह माह पहले कोविड में मौत गई थी। खेती करके वह किसी तरह इकलौते बेटे अंकित और छोटी बेटी का भरण पोषण कर रही थी। महिला का कहना है कि बेटे ने जहर क्यों खाया, इसका कारण उसे नहीं पता।
कक्षा छह में था अंकित
अंकित कस्बा स्थित इंटर कॉलेज में कक्षा छह में था। वह कुछ दिनों से गुमसुम रहने लगा था। ग्रामीणों के मुताबिक पिता की मौत के बाद से दुखी रहने लगा था। उधर, अंकित की मौत होने की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों ने उसके घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की।
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ग्राम पठा निवासी अंकित (13) पुत्र स्वर्गीय पूरन अहिरवार रविवार को अपने घर पर अकेला था। मां खेत पर गई थी। इसी दौरान उसने घर में रखी कीटनाशक दवा खा ली। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। सूचना पर मां खेत से वापस आई और तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी ले गई। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया।
मां ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की मां ने बताया कि पति की छह माह पहले कोविड में मौत गई थी। खेती करके वह किसी तरह इकलौते बेटे अंकित और छोटी बेटी का भरण पोषण कर रही थी। महिला का कहना है कि बेटे ने जहर क्यों खाया, इसका कारण उसे नहीं पता।
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कक्षा छह में था अंकित
अंकित कस्बा स्थित इंटर कॉलेज में कक्षा छह में था। वह कुछ दिनों से गुमसुम रहने लगा था। ग्रामीणों के मुताबिक पिता की मौत के बाद से दुखी रहने लगा था। उधर, अंकित की मौत होने की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों ने उसके घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की।
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