फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   There is still fear of leopard in Garhauli, forest department kept guard

Lalitpur News: गढ़ौली में अब भी तेंदुए की दहशत, वन विभाग ने लगाया पहरा

Sun, 14 Jan 2024 11:33 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:33 PM IST
विज्ञापन
There is still fear of leopard in Garhauli, forest department kept guard
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। तेंदुए को शिकारी के फंदे से भले ही आजाद करा दिया गया हो, लेकिन ग्रामीणों के कान में अभी भी तेंदुए की दहाड़ गूंज रही है। वन विभाग ने वन क्षेत्र में रेंज अफसर सहित आठ वन कर्मियों की गश्ती लगाई है, लेकिन ग्रामीणों में अब भी दहशत बनी हुई है।

तेंदुए को गढ़ौली गांव से दूर जंगलों में भेज दिया गया है, लेकिन ग्रामीणों को रात में नींद नहीं आ रही है, क्योंकि शुक्रवार की आधी रात तक उसके दहाड़ने की आवाजें गूंजती रही हैं। शुक्रवार दोपहर में देवगढ़ वन क्षेत्र के ग्राम गढ़ौली में तेंदुआ शिकारी के फंदे में फंसकर वहीं बैठ गया था। वह फंदे से बाहर नहीं निकल पा रहा था। उसकी दहाड़ सुनकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जनपद मुख्यालय पर जब प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी को इसकी सूचना लगी, तो दलबल सहित वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कानपुर की टीम की मदद से रेस्क्यू कर देर रात तेंदुए को शिकारी के फंदे से मुक्त कराया। इसके बाद उसे देवगढ़ के घने जंगलाें में छोड़ दिया था।
विज्ञापन

----------------
शुक्रवार को तेंदुए की दहाड़ें सुनाई दे रही थीं। शनिवार रात में भी नींद में वही चीखें सुनाई दीं, जिससे घबराकर ठीक से नींद तक नहीं आई।-कृपान सिंह, ग्राम प्रधान देवगढ़ गढ़ौली।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
रात के समय तेंदुए का खतरनाक चेहरा आंखों के सामने घूमता रहा। ऐसा आभास होता रहा कि वह गांव में प्रवेश कर गया है, इससे नींद टूट जाती थी और उठकर जानवरों के बाड़ों की तरफ नजर दौड़ानी पड़ी। -शिशुपाल, ग्रामीण।
--------------
पूर्व में जब वन विभाग से जानवरों पर हमले की बात करते थे, तो वह तेंदुए की उपस्थिति को नकार देते थे। लेकिन, अब जब उन्होंने अपनी आंखों से उसे देख लिया है तब विश्वास हुआ है।-चंद्रपाल, ग्रामीण

----------------
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए रेंजर सहित आठ कर्मचारियों की नियमित गश्त लगाई गई है। अगर तेंदुआ वापस गांव की ओर आता है, तो उससे ग्रामीणों को सुरक्षा दी जा सके।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed